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जो बेंच की करेगा बात उसका देंगे साथ

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jan 2022 12:48 AM IST
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ghaziyabad
जो बेंच की करेगा बात उसका देंगे साथ
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गाजियाबाद। विधानसभा चुनाव का आगाज होते ही हाईकोर्ट बेंच की मांग फिर से जोर पकड़ने लगी है। इस बार वकीलों ने मन बनाया है कि जो बेंच की मांग पूरी करने की बात करेगा वोट उसी को देंगे।
गाजियाबाद सिविल कोर्ट से मुकदमा खारिज होने के बाद अपील में इलाहाबाद हाईकोर्ट जाना पड़ता है। करीब 750 किमी की दूरी तय करने में अधिवक्ता और वादकारी को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वकीलों की मानें तो करीब 60 हजार मुकदमे हाईकोर्ट में चल रहे हैं। हाईकोर्ट बेंच बनने से वकीलों और मुवक्किलों को काफी राहत मिलेगी। चालीस साल में 80 बार धरना प्रदर्शन हो चुका है। गत वर्ष पीएम और सीएम से मुलाकात कर अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल पत्र भी सौंपा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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गाजियाबाद सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 27 जिलों के अधिवक्ता पिछले कई 40 साल से हाईकोर्ट बेंच की मांग करते आ रहे हैं। इन चार दशक में कई सरकारें आईं और चलीं गईं लेकिन किसी भी सरकार ने अधिवक्ताओं और आम जनता की मांग पूरी नहीं की। अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किए।
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चार दशक में चार सरकारें बनीं
40 साल से बेंच के लिए लगातार संघर्ष चला रहा है। मेरठ से आंदोलन की शुरुआत हुई थी। हर चुनाव में प्रत्याशी वादा तो करती है, लेकिन सरकार बनते ही इस मुद्दे को भूल जाती है। इस बार ठोक बजाकर वोट देंगे।
मनमोहन शर्मा, अधिवक्ता
समय और पैसा दोनों की होती बर्बादी
जिला मुख्यालय से करीब साढ़े सात सौ किलोमीटर की दूरी तय करने में पांच हजार रुपये खर्च हो जाते हैं इसके अलावा आने जाने में 24 घंटे तक का समय लग जाता है। बेंच बनने से पैसे और समय दोनों की बचत होगी। सरकार को इस ओर ध्यान देना होगा।
रोहित शर्मा , अधिवक्ता
कई बार ट्रेन और बस मिलने में होती है दिक्कत
प्रयागराज तक जाने के लिए कई बार बस और ट्रेन में जगह नहीं मिलती है। कई बार ऐसा भी हुआ की समय से नहीं पहुंच पाए। ऐसे में मुकदमा प्रभावित हुआ। सरकार को इस ओर ध्यान देना होगा।
विनोद शुक्ला, अधिवक्ता
अधिवक्ताओं का दर्द समझे सरकार
अधिवक्ता समाज के लिए काम करता है। न्याय के लिए लड़ता है लेकिन सरकारों की नजरअंदाजी से अपने साथ न्याय नहीं कर पा रहा है। बेंच की मांग जायज है इसे पूरा होना चाहिए। राजनीति में भी कई अधिवक्ता सक्रिय हैं उन्हें अधिवक्ताओं के हितों की ओर ध्यान देना चाहिए।

नरेश यादव, अधिवक्ता
वादों पर खरा नहीं उतरने वालों को सिखाएंगे सबक
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हाईकोर्ट बेंच की मांग करने वाले अधिवक्ताओं को समर्थन करने वाली पार्र्टी को अधिवक्ता इस बार वोट करेंगे। वहीं जिन्होंने अभी तक वादा करके उसे निभाया नहीं उन्हें सबक सिखाएंगे।
खालिद खान, अधिवक्ता
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