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चार साल में बन जाएगा क्लीन एनसीआर, सभी शहर बनाएंगे योजना

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jan 2022 12:30 AM IST
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ghaziyabad
चार साल में बन जाएगा ‘क्लीन एनसीआर’, सभी शहर बनाएंगे योजना
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गाजियाबाद। एनसीआर का दायरा बढ़ने के साथ ही स्वच्छता को लेकर भी नई चुनौतियां पैदा हुई हैं। चार साल में एनसीआर को क्लीन बनाने पर अब राज्य और नगर निकाय खासतौर से काम करेंगे। एनसीआर रीजनल प्लान-2041 में इसके लिए खाका तैयार किया गया है। चार साल में शहरी क्षेत्रों के 100 फीसदी मकानों को सीवर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा और आगामी एक साल में इसकी कार्ययोजना बनानी होगी।
एनसीआर के अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ गाजियाबाद में प्राइवेट कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। कॉलोनाइजर प्लॉट और फ्लैट बनाकर बेच रहे हैं, लेकिन सीवर-पानी जैसी मूल सुविधाएं विकसित नहीं की जा रही हैं। मौजूदा समय में गाजियाबाद में करीब 20 फीसदी क्षेत्र ऐसा है जहां सीवर नेटवर्क नहीं है। नगर पालिकाओं और नगर पंचायत क्षेत्रों में भी 100 फीसदी घरों के लिए सीवर नेटवर्क विकसित नहीं हो पाया है। 2041 तक एनसीआर की आबादी बढ़कर 11 करोड़ हो जाने का अनुमान है। ऐसे में स्वच्छता के साथ-साथ सीवेज निपटान और प्रबंधन के लिए नई व्यवस्था करने की प्लानिंग की गई है। रीजनल प्लान-2041 में एनसीआर को क्लीन बनाने के लिए वर्ष 2022 में संबंधित राज्यों और नगर निकायों को कार्ययोजना प्रकाशित करनी होगी और 2025 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अलावा सभी घरों तक सीवर नेटवर्क को विकसित किया जाएगा, ताकि सीवेज का निस्तारण ठीक से किया जा सके।
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पुराने नेटवर्क को भी करना होगा दुरुस्त
जिन क्षेत्रों में सीवर नेटवर्क है, लेकिन पुराना हो चुका है, वहां बुनियादी ढांचे की रेट्रोफिटिंग की जाएगी। इनके अलावा मौजूदा कमियों और भविष्य की जरूरतों के लिए नए सीवरेज सिस्टम भी विकसित किए जाएंगे।
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सीवर लाइनों की मैनुअल सफाई होगी प्रतिबंधित
2023 तक मेट्रो शहरों, नगर निगमों, अन्य निकायों और जिला मुख्यालयों को सीवर मैनहोल की मैनुअल सफाई को पूर्णतया प्रतिबंधित किया जाएगा। सीवर सफाई का 100 फीसदी काम मशीनों से कराया जाएगा। सीवर लाइनों के अंदर निरीक्षण के लिए कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। सीवेज के प्रवाह और रुकावट की निगरानी के लिए भी सेंसर लगाए जाएंगे।

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अधिकारी बोले,
सीवर लाइनों की सफाई मशीनों से कराई जा रही है। जिन क्षेत्रों में सीवर नेटवर्क नहीं है, वहां 15वें वित्त आयोग से मिले फंड के जरिए नेटवर्क विकसित कराया जा रहा है। एक साल में नगर निगम सीमा क्षेत्र में 100 फीसदी क्षेत्र सीवर नेटवर्क से कवर हो जाएगा। - महेंद्र सिंह तंवर, नगरायुक्त
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