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बुआ का दामाद, पापा का दोस्त बताकर लोगों से कर रहे ठगी
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बुआ का दामाद, पापा का दोस्त बताकर लोगों से कर रहे ठगी
गाजियाबाद। हेलो... मैं आपके पापा का दोस्त बोल रहा हूं। मुझे तुम्हारे पापा को रुपये देने हैं। मैं तुम्हारी बुआ का दामाद बोल रहा हूं। मुझे खाते में रुपये की जरूरत है तो मैं तुम्हें रुपये भेज रहा हूं, मेरे बैंक खाते में ट्रांसफर कर देना। अगर ऐसा कोई कॉल आपके पास आता है तो सावधान हो जाइए। क्योंकि ठग आपका रिश्तेदार बनकर ठगी कर रहे हैं। साइबर सेल में रोजाना रिश्तेदार बनकर ठगी करने के औसतन तीन मामले सामने आ रहे हैं। दिसंबर में रिश्तेदार के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। ठग व्यक्ति को भरोसे में लेने के लिए पहले एक रुपये से 10 रुपये तक की राशि भेजता है। इसके बाद वह हजारों रुपये की रिक्वेस्ट भेजकर व्यक्ति के खाते से रुपये निकाल लेता है। ऐसे मामलों में एक माह में 30 से 40 लाख रुपये की ठगी हो चुकी है। साइबर सेल का कहना है कि नंबर की ट्रेसिंग की जा रही है।
पापा का दोस्त बताकर ठगे 74 हजार रुपये
भाटिया मोड़ के रहने वाले पवन कुमार ने बताया कि उन पर बृहस्पतिवार को अनजान नंबर से फोन आया। जिसने खुद को मेरे पापा का दोस्त बताकर उन्हें 20 हजार रुपये देने की बात कही। इसके बाद ठग ने मुझे एक रुपया भेजा जो मेरे बैंक खाते में आ गया। इसके बाद ठग ने मुझे 20 हजार रुपये की रिक्वेस्ट भेजी। जिस पर मैंने क्लिक किया तो मेरे खाते से 20 हजार रुपये कट गए। वहीं फोन पे पर मेरी मम्मी का अकाउंट भी जुड़ा हुआ था। उससे भी रुपये कट गए। पवन ने बताया कि अचानक दोनों बैंक खातों से किस्तों में 74 हजार रुपये कटे। इसके बाद जालसाल के नंबर पर फोन किया तो उसका फोन नंबर बंद जाने लगा।
रुपये भेजने की मदद मांगकर एक लाख ठगे
नेहरू नगर के रहने वाले दीपांशु गुप्ता ने बताया कि वह नगर निगम में काम करता है। उसके जानकार ठेकेदार का फोन आया कि किसी को बैंक खाते में रुपये की जरूरत है। उसने ठग को बिना जान पहचान के मेरा नंबर दे दिया। इसके बाद ठग का फोन आया कि मुझे बैंक खाते में रुपये चाहिए तो मैं तुम्हें फोन पे पर भेज रहा हूं, तुम मुझे ट्रांसफर कर देना। इसके बाद उसने फोन पे पर 20 हजार रुपये की रिक्वेस्ट भेजी तो मेरे बैंक खाते से चार किस्त में एक लाख रुपये कट गए। इसके बाद उसे फोन किया तो उसने खुद को एलआईसी का एजेंट बताकर फोन काट दिया। पीड़ित ने इसकी शिकायत साइबर सेल में की है।
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पति के ऑपरेशन के लिए जोड़ रखे थे रुपये
नंदग्राम की रहने वाली रेशमा ने बताया कि मेरे पास अनजान नंबर से फोन आया। जिसने पति का नाम लेकर खुद को उनका दोस्त बताया। ठग ने पूछा कि फोन पे या पेटीएम इस्तेमाल करती हो तो मैंने कहा कि इस्तेमाल करती हूं। इसके बाद ठग ने पूछा किस नंबर से पेटीएम चलाती हो तो मैंने बता दिया। जिसके बाद मेरे बैंक खाते से 20 हजार रुपये कट गए। जबकि मैंने उसे ओटीपी नहीं बताया। इसके बाद उसे फोन किया तो उसने अभद्रता से बात कर फोन काट दिया। रेशमा ने बताया कि उसने अपने पति के हर्निया के ऑपरेशन के लिए रुपये जोड़ रखे थे। पीड़िता ने इसकी शिकायत साइबर सेल में की है।
बुआ का दामाद बोल रहा हूं...
रईसपुर के रहने वाले एक युवक ने बताया कि उसके पास 28 दिसंबर को फोन आया। उसने खुद को बुआ का दामाद बताया। ठग ने कहा कि मुझे किसी से रुपये लेने हैं जो मुझे फोन पे पर दे रहा है, लेकिन मैं फोन पे इस्तेमाल नहीं करता। मैं तुम्हारे खाते में डलवा रहा हूं तुम मुझे बाद में दे देना। पीड़ित ने बताया कि उसने पहले 10 रुपये भेजे, जो वापस मंगा लिए। इसके बाद उसने 5 हजार रुपये की रिक्वेस्ट भेजी। तो उस पर क्लिक करने से खाते से 5 हजार रुपये कट गए। उसने फिर तीन हजार की रिक्वेस्ट भेजी तो ठग पर शक हुआ। इसके बाद उसका फोन काट दिया। पीड़ित ने इसकी शिकायत साइबर सेल में की है।
अनजान नंबर से फोन आने पर रुपये के लेनदेन की बात न करें
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि ठग नए तरीके अपना रहे हैं। रिश्तेदार बनकर ठगी के मामले बढ़े हैं। ऐसे में अनजान नंबर से फोन आने पर अगर कोई व्यक्ति रुपये देने की बात करता है तो उस पर ध्यान ना दें। क्योंकि वह भरोसे में लेकर आपको फोन पे या पेटीएम पर रिक्वेस्ट भेजता है, जिस पर क्लिक करने से आपके बैंक खाते से रुपये कट जाते हैं। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है।
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ठग रिश्तेदार बताकर व्यक्ति को भरोसे में लेकर ठगी कर रहे हैं। जो बातों में उलझाकर झांसा देते हैं। ऐसे मामलों में नंबर और बैंक खातों को ट्रेस किया जा रहा है।
-अभय कुमार मिश्र, सीओ साइबर सेल
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गाजियाबाद। हेलो... मैं आपके पापा का दोस्त बोल रहा हूं। मुझे तुम्हारे पापा को रुपये देने हैं। मैं तुम्हारी बुआ का दामाद बोल रहा हूं। मुझे खाते में रुपये की जरूरत है तो मैं तुम्हें रुपये भेज रहा हूं, मेरे बैंक खाते में ट्रांसफर कर देना। अगर ऐसा कोई कॉल आपके पास आता है तो सावधान हो जाइए। क्योंकि ठग आपका रिश्तेदार बनकर ठगी कर रहे हैं। साइबर सेल में रोजाना रिश्तेदार बनकर ठगी करने के औसतन तीन मामले सामने आ रहे हैं। दिसंबर में रिश्तेदार के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। ठग व्यक्ति को भरोसे में लेने के लिए पहले एक रुपये से 10 रुपये तक की राशि भेजता है। इसके बाद वह हजारों रुपये की रिक्वेस्ट भेजकर व्यक्ति के खाते से रुपये निकाल लेता है। ऐसे मामलों में एक माह में 30 से 40 लाख रुपये की ठगी हो चुकी है। साइबर सेल का कहना है कि नंबर की ट्रेसिंग की जा रही है।
पापा का दोस्त बताकर ठगे 74 हजार रुपये
भाटिया मोड़ के रहने वाले पवन कुमार ने बताया कि उन पर बृहस्पतिवार को अनजान नंबर से फोन आया। जिसने खुद को मेरे पापा का दोस्त बताकर उन्हें 20 हजार रुपये देने की बात कही। इसके बाद ठग ने मुझे एक रुपया भेजा जो मेरे बैंक खाते में आ गया। इसके बाद ठग ने मुझे 20 हजार रुपये की रिक्वेस्ट भेजी। जिस पर मैंने क्लिक किया तो मेरे खाते से 20 हजार रुपये कट गए। वहीं फोन पे पर मेरी मम्मी का अकाउंट भी जुड़ा हुआ था। उससे भी रुपये कट गए। पवन ने बताया कि अचानक दोनों बैंक खातों से किस्तों में 74 हजार रुपये कटे। इसके बाद जालसाल के नंबर पर फोन किया तो उसका फोन नंबर बंद जाने लगा।
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रुपये भेजने की मदद मांगकर एक लाख ठगे
नेहरू नगर के रहने वाले दीपांशु गुप्ता ने बताया कि वह नगर निगम में काम करता है। उसके जानकार ठेकेदार का फोन आया कि किसी को बैंक खाते में रुपये की जरूरत है। उसने ठग को बिना जान पहचान के मेरा नंबर दे दिया। इसके बाद ठग का फोन आया कि मुझे बैंक खाते में रुपये चाहिए तो मैं तुम्हें फोन पे पर भेज रहा हूं, तुम मुझे ट्रांसफर कर देना। इसके बाद उसने फोन पे पर 20 हजार रुपये की रिक्वेस्ट भेजी तो मेरे बैंक खाते से चार किस्त में एक लाख रुपये कट गए। इसके बाद उसे फोन किया तो उसने खुद को एलआईसी का एजेंट बताकर फोन काट दिया। पीड़ित ने इसकी शिकायत साइबर सेल में की है।
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पति के ऑपरेशन के लिए जोड़ रखे थे रुपये
नंदग्राम की रहने वाली रेशमा ने बताया कि मेरे पास अनजान नंबर से फोन आया। जिसने पति का नाम लेकर खुद को उनका दोस्त बताया। ठग ने पूछा कि फोन पे या पेटीएम इस्तेमाल करती हो तो मैंने कहा कि इस्तेमाल करती हूं। इसके बाद ठग ने पूछा किस नंबर से पेटीएम चलाती हो तो मैंने बता दिया। जिसके बाद मेरे बैंक खाते से 20 हजार रुपये कट गए। जबकि मैंने उसे ओटीपी नहीं बताया। इसके बाद उसे फोन किया तो उसने अभद्रता से बात कर फोन काट दिया। रेशमा ने बताया कि उसने अपने पति के हर्निया के ऑपरेशन के लिए रुपये जोड़ रखे थे। पीड़िता ने इसकी शिकायत साइबर सेल में की है।
बुआ का दामाद बोल रहा हूं...
रईसपुर के रहने वाले एक युवक ने बताया कि उसके पास 28 दिसंबर को फोन आया। उसने खुद को बुआ का दामाद बताया। ठग ने कहा कि मुझे किसी से रुपये लेने हैं जो मुझे फोन पे पर दे रहा है, लेकिन मैं फोन पे इस्तेमाल नहीं करता। मैं तुम्हारे खाते में डलवा रहा हूं तुम मुझे बाद में दे देना। पीड़ित ने बताया कि उसने पहले 10 रुपये भेजे, जो वापस मंगा लिए। इसके बाद उसने 5 हजार रुपये की रिक्वेस्ट भेजी। तो उस पर क्लिक करने से खाते से 5 हजार रुपये कट गए। उसने फिर तीन हजार की रिक्वेस्ट भेजी तो ठग पर शक हुआ। इसके बाद उसका फोन काट दिया। पीड़ित ने इसकी शिकायत साइबर सेल में की है।
अनजान नंबर से फोन आने पर रुपये के लेनदेन की बात न करें
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि ठग नए तरीके अपना रहे हैं। रिश्तेदार बनकर ठगी के मामले बढ़े हैं। ऐसे में अनजान नंबर से फोन आने पर अगर कोई व्यक्ति रुपये देने की बात करता है तो उस पर ध्यान ना दें। क्योंकि वह भरोसे में लेकर आपको फोन पे या पेटीएम पर रिक्वेस्ट भेजता है, जिस पर क्लिक करने से आपके बैंक खाते से रुपये कट जाते हैं। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है।
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ठग रिश्तेदार बताकर व्यक्ति को भरोसे में लेकर ठगी कर रहे हैं। जो बातों में उलझाकर झांसा देते हैं। ऐसे मामलों में नंबर और बैंक खातों को ट्रेस किया जा रहा है।
-अभय कुमार मिश्र, सीओ साइबर सेल