फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziyabad

डेंगू ठीक होने के बाद ब्लैक फंगस का मिला मरीज

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 19 Nov 2021 12:54 AM IST
विज्ञापन
ghaziyabad
डेंगू ठीक होने के बाद ब्लैक फंगस का मिला मरीज
विज्ञापन

जिले में पहला और एनसीआर में दूसरा मामला
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। कोरोना मरीजों में ब्लैक फंगस की बीमारी के बाद पहली बार जिले में डेंगू के मरीज में म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) की पुष्टि हुई है। 46 वर्षीय किसान ग्रेटर नोएडा का रहने वाला है। बृहस्पतिवार की शाम मरीज का आरडीसी स्थित हर्ष ईएनटी अस्पताल में ऑपरेशन किया गया। मरीज कोविड संक्रमित नहीं हुआ था। मधुमेह का रोगी है। ब्लैक फंगस के नोडल अधिकारी डॉ. सुनील त्यागी का कहना है कि अभी मामले की जानकारी नहीं है।
मरीज का ऑपरेशन करने वाले डॉ. बीपी त्यागी ने बताया कि मरीज को 20 दिन पहले डेंगू बुखार हुआ था। इलाज के दौरान प्लेटलेट्स भी चढ़ाई गई थी। इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर आ गया था। पांच दिन पहले मरीज की नाक बंद होने से सांस लेने में परेशानी होने लगी। आंख में सूजन आने के बाद सिर दर्द बढ़ गया। हर समय उल्टी जैसा लग रहा था। डॉ. त्यागी ने बताया कि यह जिले में पहला मामला है, जबकि एनसीआर में दूसरा मामला है। डॉ. त्यागी ने बताया कि दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भी पांच दिन पहले एक मरीज की पुष्टि हो चुकी है। उस मरीज की एक आंख की रोशनी चली गई थी।
विज्ञापन

अभी तक पोस्ट कोविड डायबिटीज मरीजों में ही मिला था फंगस
डॉ. त्यागी ने बताया कि अब तक कोविड से ठीक हुए मरीज़ों में ही ब्लैक फंगस के मामले देखे जा रहे थे, लेकिन यह दूसरा मामला है जो डेंगू से ठीक होने के 20 दिन बाद सामने आया है। उन्होंने बताया कि डेंगू के बाद म्यूकर माइकोसिस होना एक नई बात है। हाल में डेंगू से ठीक होने वाले डायबिटीज के मरीजों स्वास्थ्य के बारे में सक्रिय रूप रहना चाहिए। साथ ही, कोई भी नया लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

हो सकता है खतरनाक
इस साल की शुरुआत में कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान डायबिटीज के पुराने मरीजों में कोरोना वायरस संक्रमण का पता चलने के बाद ब्लैक फंगस के मामले बड़ी संख्या में सामने आए थे। ब्लैक फंगस उन लोगों में अधिक आम है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मधुमेह, गुर्दे की बीमारी, लिवर या हृदय संबंधी बीमारी और उम्र से संबंधित बीमारियों की वजह से या गठिया जैसे रोगों की दवा लेने की वजह से कम हो गई है। डॉक्टर का कहना है कि ब्लैक फंगस नाक, साइनस, आंख और मस्तिष्क के स्वस्थ टिश्यू में इतनी तेजी से आक्रमण करता है कि इलाज में जरा सी भी देरी से गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। इस साल जिले में फंगस के 94 मरीज मिले थे, जिनमें से तीन की मौत हुई थी। यह सभी मरीज पोस्ट कोविड थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed