फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziyabad

६० करोड मिले , फिर भी प्रदूषण के इंतजाम नहीं किए

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 14 Nov 2021 01:24 AM IST
विज्ञापन
ghaziyabad
60 करोड़ मिले, फिर भी प्रदूषण नियंत्रण के इंतजाम नहीं किए
विज्ञापन

गाजियाबाद। प्रदूषण के मामले में अक्सर देश में नंबर एक पर रहने वाले गाजियाबाद में हवा की सेहत को सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने 60 करोड़ रुपये दिए, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण के इंतजाम फिर भी न किए। नगर निगम को इस रकम से शहर में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एंटी स्मॉग गन, हाईप्रेशर जेटिंग मशीन खरीदी जानी थीं। चौराहों पर एयर फिल्टर लगाकर सड़क पटरियों को पक्का करना था। फंड मिलने के चार माह बाद भी नगर निगम प्रदूषण नियंत्रण की इस योजना पर काम नहीं कर पाया।
केंद्र सरकार ने पहली बार प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम को फंड दिया है। नगर निगम ने इस फंड को अपने स्तर पर इस्तेमाल करके शहर की हवा सुधारने के लिए प्रस्ताव तैयार किए थे। एक सितंबर को महापौर आशा शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन प्रस्तावों को चर्चा के बाद मंजूरी दी गई थी। इनमें पानी के छिड़काव के लिए विभिन्न प्रकार की मशीनें खरीदने, चौराहों पर एयर फिल्टर लगाए जाने, 200 अविकसित पार्कों को विकसित करने, मुख्य मार्गों से खाली पॉलिथीन, गिलास की सफाई के लिए वैक्यूम मशीन खरीदने समेत सबसे ज्यादा 10 करोड़ का फंड सड़क किनारे कच्ची साइडों पर घास और पत्थर लगाकर उन्हें पक्का करने के प्रस्ताव शामिल थे। नगर निगम की अधिकारियों की लेटलतीफी की वजह से अभी तक इन योजनाओं को पूरा नहीं किया जा सका, जबकि अक्तूबर से लेकर जनवरी तक प्रदूषण का स्तर ज्यादा रहने की जानकारी उन्हें पहले से ही थी।
विज्ञापन

-----
वर्क ऑर्डर जारी किया, मशीनों की आपूर्ति में लगेंगे दो माह
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन मशीनों को खरीदने की प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से टेंडर जारी पहले की किए जा चुके हैं। अब प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद एक नवंबर को निगम अधिकारियों ने फर्मों से अनुबंध कर उन्हें वर्क ऑर्डर जारी किए हैं। अनुबंध के मुताबिक एंटी स्मॉग गन, जेटिंग मशीनें और अन्य उपकरणों की आपूर्ति के लिए फर्मों को 60 दिन यानी दो माह का समय दिया गया है। अब दिसंबर के अंत तक या जनवरी में इन मशीनों की आपूर्ति होगी, तब तक लोगों को प्रदूषण से इसी तरह जूझना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
इन इंतजामों पर खर्च करनी थी रकम
कार्य अनुमानित रकम
रोड पटरी पर पत्थर, कट स्टोन लगाना। 10 करोड़
200 पार्कों को विकसित करना 20 करोड़
साइड पटरियों पर घास लगाना। 10 करोड़
हाई जेटिंग प्रेशर मशीन खरीद एक करोड़
5 एंटी स्मॉग गन, वाहन के साथ। एक करोड़
एक लिटर पिकर मशीन खरीद। एक करोड़
डिवाइडर की सफाई के लिए 5 जेटिंग मशीन। 1.20 करोड़
30 चौराहों-बाजारों में एयर फिल्टर की स्थापना। 24 लाख
एंटी स्मॉग गन, जेटिंग मशीन लगेंगी जल्द
एंटी स्मॉग गन, जेटिंग मशीनें खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। जल्द ही आपूर्ति मिलने वाली है। चौराहों-बाजारों में एयर फिल्टर लगाने की लागत बहुत ज्यादा आ रही थी, फिलहाल इसे टाल दिया गया है। अन्य संसाधनों से इन्हें लगवाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। - महेंद्र सिंह तंवर, नगरायुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed