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51 साल बाद बना महासंयोग, लक्ष्मी पूजन से मिलेगा सौ गुना फल
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51 साल बाद बना महासंयोग, लक्ष्मी पूजन से मिलेगा सौ गुना फल
गाजियाबाद। इस बार स्वाति नक्षत्र में दीपावली का योग 51 साल बाद बन रहा है। बृहस्पतिवार कार्तिक अमावस्या को दीपावली का महापर्व मनाया जाएगा। बृहस्पतिवार को स्वाति नक्षत्र होने से स्थिर योग बनता है और यह योग पूरे दिन और रात रहेगा। इस पुण्य महायोग में दीपावली पूजन करने से लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में स्थिर लक्ष्मी का वास होता है। स्वाति नक्षत्र में पूजन से करीब सौ गुना फल प्राप्त होता है। सामान्य और व्यापारी सभी लोग स्थिर योग और लग्न को बहुत शुभ मानते हैं। पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि स्वाति नक्षत्र तुला राशि में है और तुला राशि शुक्र की राशि मानी जाती है। शुक्र धन, वैभव, समृद्धि के कारक ग्रह हैं, इसलिए लक्ष्मी पूजन के दिन स्वाति नक्षत्र का होना शुभ फलदायी है। यह योग 51 साल बाद आया है।
लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय
ज्योतिषाचार्य डॉ. सोनिका जैन ने बताया कि मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए दीपावली पर कई प्रकार के उपाय हैं। अगर घर में धन नहीं टिकता तो नरक चतुर्दशी के दिन लाल चंदन, गुलाब के फूल, रोली एक लाल कपड़े में बांधकर पूजन करने के बाद तिजोरी में अलमारी में रख सकते हैं। इससे धन टिकता है और बरकत होती है। दिवाली से शुरू करते हुए हर अमावस्या की शाम को किसी जरूरतमंद को भोजन कराने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
प्रदोष काल में घर पर करें पूजन
पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल में करना शुभ है। बृहस्पतिवार को शाम 06:06 बजे से लेकर 08:02 बजे तक प्रदोष काल रहेगा। इस दौरान घरों में लक्ष्मी पूजन के लिए शुभ मुहूर्त रहेगा।
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लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त
- सुबह 06:40 से 08:00 बजे तक शुभ की चौघड़िया
- सुबह 7:33 से 9:51 तक वृश्चिक लग्न (स्थिर लग्न)
- सुबह 09:51 से 11:55 बजे तक धनु लग्न
- दोपहर 11:55 से 01:37 बजे तक मकर लग्न (अभिजित मुहूर्त)
- दोपहर 03:05 बजे से 04:30 बजे तक मीन लग्न
- रात्रि 12: 35 बजे से 02:53 बजे तक सिंह लग्न (निशीथ काल)
लक्ष्मी मैया को प्रिय है कमल का फूल
दिवाली के दिन महालक्ष्मी पूजन में कमल केफूल का खास महत्व है। मां लक्ष्मी को अष्टकमल सबसे अधिक प्रिय है। शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी का अवतरण कमल के फूल से हुआ है, इसलिए लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए भक्त कमल के फूल चढ़ाते हैं।
200 रुपये में बिका कमल का फूल
छोटी दिवाली पर तीन लाख के कमल के फूल की बिक्री हुई । चौधरी मोड़ स्थित फूल बाजार में बुधवार शाम से फूल की बिक्री हुई। जबकि दिवाली के लिए लोगों ने एडवांस में फूल की बुकिंग की है। कारोबारी सतीश ने बताया कि दिवाली पर सुबह आठ बजे से फूल खरीदने लोग आते हैं, जबकि दिवाली की शाम तक कमल का फूल खत्म हो जाता है। कमल का एक फूल 200 रुपये तक बिका है।
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गाजियाबाद। इस बार स्वाति नक्षत्र में दीपावली का योग 51 साल बाद बन रहा है। बृहस्पतिवार कार्तिक अमावस्या को दीपावली का महापर्व मनाया जाएगा। बृहस्पतिवार को स्वाति नक्षत्र होने से स्थिर योग बनता है और यह योग पूरे दिन और रात रहेगा। इस पुण्य महायोग में दीपावली पूजन करने से लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में स्थिर लक्ष्मी का वास होता है। स्वाति नक्षत्र में पूजन से करीब सौ गुना फल प्राप्त होता है। सामान्य और व्यापारी सभी लोग स्थिर योग और लग्न को बहुत शुभ मानते हैं। पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि स्वाति नक्षत्र तुला राशि में है और तुला राशि शुक्र की राशि मानी जाती है। शुक्र धन, वैभव, समृद्धि के कारक ग्रह हैं, इसलिए लक्ष्मी पूजन के दिन स्वाति नक्षत्र का होना शुभ फलदायी है। यह योग 51 साल बाद आया है।
लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय
ज्योतिषाचार्य डॉ. सोनिका जैन ने बताया कि मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए दीपावली पर कई प्रकार के उपाय हैं। अगर घर में धन नहीं टिकता तो नरक चतुर्दशी के दिन लाल चंदन, गुलाब के फूल, रोली एक लाल कपड़े में बांधकर पूजन करने के बाद तिजोरी में अलमारी में रख सकते हैं। इससे धन टिकता है और बरकत होती है। दिवाली से शुरू करते हुए हर अमावस्या की शाम को किसी जरूरतमंद को भोजन कराने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
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प्रदोष काल में घर पर करें पूजन
पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल में करना शुभ है। बृहस्पतिवार को शाम 06:06 बजे से लेकर 08:02 बजे तक प्रदोष काल रहेगा। इस दौरान घरों में लक्ष्मी पूजन के लिए शुभ मुहूर्त रहेगा।
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लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त
- सुबह 06:40 से 08:00 बजे तक शुभ की चौघड़िया
- सुबह 7:33 से 9:51 तक वृश्चिक लग्न (स्थिर लग्न)
- सुबह 09:51 से 11:55 बजे तक धनु लग्न
- दोपहर 11:55 से 01:37 बजे तक मकर लग्न (अभिजित मुहूर्त)
- दोपहर 03:05 बजे से 04:30 बजे तक मीन लग्न
- रात्रि 12: 35 बजे से 02:53 बजे तक सिंह लग्न (निशीथ काल)
लक्ष्मी मैया को प्रिय है कमल का फूल
दिवाली के दिन महालक्ष्मी पूजन में कमल केफूल का खास महत्व है। मां लक्ष्मी को अष्टकमल सबसे अधिक प्रिय है। शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी का अवतरण कमल के फूल से हुआ है, इसलिए लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए भक्त कमल के फूल चढ़ाते हैं।
200 रुपये में बिका कमल का फूल
छोटी दिवाली पर तीन लाख के कमल के फूल की बिक्री हुई । चौधरी मोड़ स्थित फूल बाजार में बुधवार शाम से फूल की बिक्री हुई। जबकि दिवाली के लिए लोगों ने एडवांस में फूल की बुकिंग की है। कारोबारी सतीश ने बताया कि दिवाली पर सुबह आठ बजे से फूल खरीदने लोग आते हैं, जबकि दिवाली की शाम तक कमल का फूल खत्म हो जाता है। कमल का एक फूल 200 रुपये तक बिका है।