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एक लाख रुपये महीना लेकर पुलिस ने कटवाए 1500 वाहन
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एक लाख रुपये महीना लेकर पुलिस ने कटवाए 1500 वाहन
गाजियाबाद। ट्रॉनिका सिटी में वाहनों का कमेला पुलिस की मिलीभगत से चल रहा था। एक लाख रुपये का महीना लेकर पुलिस ने 1500 वाहन कटवाए थे। एसएसपी के आदेश पर हुई गोपनीय जांच में यह खुलासा हुआ है। दोषी पाए जाने पर ट्रॉनिका सिटी चौकी इंचार्ज सुशील कुमार और बीट प्रभारी हेड कांस्टेबल यशपाल को निलंबित कर दिया गया। साथ ही दोनों की विभागीय जांच सीओ द्वितीय अवनीश कुमार को सौंपी गई है।
एसपी ग्रामीण की एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) टीम ने 26 अक्तूबर को ट्रॉनिका सिटी में छापामारी करते हुए ऐसी दो फैक्टरियां पकड़ी थीं, जिनमें दिल्ली से चोरी की गाड़ियां लाकर काटी जा रही थीं। चार महीने से चल रही दोनों फैक्टरियों में करीब 1500 गाड़ियां काट दी गईं। मौके पर 40 मजदूर काम करते मिले, जबकि 77 गाड़ियां मिलीं, जिनमें से 29 के चेसिस नंबर काटे जा चुके थे। पुलिस ने फैक्टरी संचालकों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। दोनों फैक्टरियों में रोजाना 40 गाड़ियां काटी जा रही थीं। बड़े पैमाने पर गाड़ियों के कटान पकड़े जाने के बाद स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे थे। एसएसपी ने मामले की जांच एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा को सौंपी थी। एसएसपी ने बताया कि जांच में ट्रॉनिका सिटा चौकी इंचार्ज सुुशील कुमार और बीट प्रभारी हेड कांस्टेबल यशपाल की संलिप्तता मिली है। जिसके चलते दोनों को निलंबित कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
किराए पर ले रखी थीं फैैक्टरियां
पकड़े गए आरोपियों ने फैक्टरी किराए पर लीं और जीएसटी नंबर लेकर काम शुरू कर दिया। गाड़ी काटने का लाइसेंस लेने के लिए आरोपियों ने आरटीओ के यहां अर्जी दी, लेकिन वहां से लाइसेंस मिलने से पहले ही गाड़ियों का कटान शुरू कर दिया गया। इसके लिए आरोपियों ने चौकी इंचार्ज और बीट प्रभारी से सेटिंग की थी। दोनों पुलिसकर्मी गाड़ियों का कटान कराने की एवज में एक लाख रुपये महीना वसूल रहे थे।
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पूर्व एसएचओ की भूमिका भी होगी जांच
चौकी इंचार्ज और बीट कांस्टेबल अकेले अपने दम पर इस काम अंजाम दिला रहे थे, यह बात पुलिस अधिकारियों के गले नहीं उतर रही। लिहाजा ट्रॉनिका सिटी थाने के पूर्व एसएचओ की भूमिका की जांच भी की जा रही है। हालांकि, उनका गैर जनपद तबादला हो चुका है। एसएसपी का कहना है कि भूमिका पाए जाने पर पूर्व एसएचओ पर कार्रवाई की संस्तुति भी की जाएगी।
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गाजियाबाद। ट्रॉनिका सिटी में वाहनों का कमेला पुलिस की मिलीभगत से चल रहा था। एक लाख रुपये का महीना लेकर पुलिस ने 1500 वाहन कटवाए थे। एसएसपी के आदेश पर हुई गोपनीय जांच में यह खुलासा हुआ है। दोषी पाए जाने पर ट्रॉनिका सिटी चौकी इंचार्ज सुशील कुमार और बीट प्रभारी हेड कांस्टेबल यशपाल को निलंबित कर दिया गया। साथ ही दोनों की विभागीय जांच सीओ द्वितीय अवनीश कुमार को सौंपी गई है।
एसपी ग्रामीण की एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) टीम ने 26 अक्तूबर को ट्रॉनिका सिटी में छापामारी करते हुए ऐसी दो फैक्टरियां पकड़ी थीं, जिनमें दिल्ली से चोरी की गाड़ियां लाकर काटी जा रही थीं। चार महीने से चल रही दोनों फैक्टरियों में करीब 1500 गाड़ियां काट दी गईं। मौके पर 40 मजदूर काम करते मिले, जबकि 77 गाड़ियां मिलीं, जिनमें से 29 के चेसिस नंबर काटे जा चुके थे। पुलिस ने फैक्टरी संचालकों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। दोनों फैक्टरियों में रोजाना 40 गाड़ियां काटी जा रही थीं। बड़े पैमाने पर गाड़ियों के कटान पकड़े जाने के बाद स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे थे। एसएसपी ने मामले की जांच एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा को सौंपी थी। एसएसपी ने बताया कि जांच में ट्रॉनिका सिटा चौकी इंचार्ज सुुशील कुमार और बीट प्रभारी हेड कांस्टेबल यशपाल की संलिप्तता मिली है। जिसके चलते दोनों को निलंबित कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
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किराए पर ले रखी थीं फैैक्टरियां
पकड़े गए आरोपियों ने फैक्टरी किराए पर लीं और जीएसटी नंबर लेकर काम शुरू कर दिया। गाड़ी काटने का लाइसेंस लेने के लिए आरोपियों ने आरटीओ के यहां अर्जी दी, लेकिन वहां से लाइसेंस मिलने से पहले ही गाड़ियों का कटान शुरू कर दिया गया। इसके लिए आरोपियों ने चौकी इंचार्ज और बीट प्रभारी से सेटिंग की थी। दोनों पुलिसकर्मी गाड़ियों का कटान कराने की एवज में एक लाख रुपये महीना वसूल रहे थे।
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पूर्व एसएचओ की भूमिका भी होगी जांच
चौकी इंचार्ज और बीट कांस्टेबल अकेले अपने दम पर इस काम अंजाम दिला रहे थे, यह बात पुलिस अधिकारियों के गले नहीं उतर रही। लिहाजा ट्रॉनिका सिटी थाने के पूर्व एसएचओ की भूमिका की जांच भी की जा रही है। हालांकि, उनका गैर जनपद तबादला हो चुका है। एसएसपी का कहना है कि भूमिका पाए जाने पर पूर्व एसएचओ पर कार्रवाई की संस्तुति भी की जाएगी।