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25 दिन में 23 कॉलोनियों और 12 सोसायटियों में पहुंच गया डेंगू
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25 दिन में 23 कॉलोनियों और
12 सोसायटियों में पहुंच गया डेंगू
गाजियाबाद। शहर में डेंगू तेजी से फैल रहा है। 31 अगस्त को पहला केस मिला था। अब तक डेंगू के 222 मरीज मिल चुके हैं। 25 दिन में 23 कॉलोनियों और 12 सोसायटियों में डेंगू पैर पसार चुका है। सबसे अधिक मरीज कॉलोनियों में मिल रहे हैं। पिछले पांच साल में सबसे अधिक डेंगू के मरीजों की पुष्टि ट्रांस हिंडन क्षेत्र में हुई थी, लेकिन इस बार शास्त्रीनगर और गोविंदपुरम कॉलोनी में ज्यादा 60 मरीज मिले। शनिवार को एक साल की बच्ची समेत 17 नए लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 750 से अधिक संदिग्धों की जांच की जा चुकी है। प्रतिदिन 15 से अधिक मरीज सामने आ रहे हैं। इनमें से 70 प्रतिशत मरीजों को हालत गंभीर होने पर अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ रहा है। अभी तक डेंगू टाइप ए (सामान्य) के मरीज सामने आ रहे थे। एक सप्ताह से गंभीर मामले भी सामने आ रहे हैं। इन मरीजों में प्लेटलेट्स तेजी से कम होने के साथ ब्लीडिंग के मामले बढ़े हैं। निजी अस्पतालों में भर्ती कई मरीजों को प्लेटलेट्स का जंबो पैक चढ़ाना पड़ा है।
यहां मिले मरीज
कॉलोनी डेंगू
शास्त्रीनगर 40
गोविंदपुरम 20
कविनगर 20
विजयनगर 20
हरसांव 18
संजय नगर 12
सोसायटी डेंगू
इंदिरापुरम 15
वैशाली 15
राजनगर एक्सटेंशन 11
कौशांबी 9
क्रॉसिंग रिपब्लिक 8
सिद्धार्थ विहार 7
सरकारी अस्पताल में नहीं है इलाज की सुविधा
सरकारी अस्पताल में सिर्फ आईडीएसपी लैब में ही जांच की व्यवस्था है, लेकिन जिले में किसी भी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में जंबो पैक की व्यवस्था न होने से अधिकांश गंभीर मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। इस समय सरकारी अस्पताल में तीन और निजी में 40 मरीज भर्ती हैं। संजयनगर में 19 बेड, एमएमजी अस्पताल में 18 खाली हैं। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि एमएमजी अस्पताल के ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स का छोटा पैक मिलता है। जंबो पैक तैयार करने के लिए मशीन लगाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
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17 नए मरीजों में पांच गंभीर
शनिवार को एक साल की बच्ची सहित 17 नए मरीज मिले। इनमें मालीवाड़ा, संजय नगर, सौंधा, हसनपुर कौशांबी, नीतिखंड, अतरौली, महराजपुर, गोविंदपुरम, वंदना एंक्लेव, शालीमार सिटी, सिद्धार्थ विहार में एक-एक और विजय नगर, लोनी, खोड़ा में दो-दो संक्रमित मिले हैं।
25 दिन में मिले पांच हजार लार्वा
जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि एक सितंबर से 50 टीमें सर्वे एवं एंटीलार्वा का छिड़काव कर रही हैं। एक टीम 20 घर का सर्वे करती है। एक दिन में एक हजार घरों का सर्वे किया जा रहा है। 25 दिन में 25 हजार घरों का सर्वे किया गया। अब तक पांच हजार स्थानों पर डेंगू के लार्वा मिल चुका हैं।
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दो महिलाओं की मौत पर लीपापोती में जुटा विभाग
गाजियाबाद। लोनी में हुई मौत के बारे में डीएसओ डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि महिला नोएडा में रहती थी, वहीं पर संक्रमित हुई थी और इलाज व उसकी मौत दिल्ली में हुई है। इस बारे में नोएडा स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया है। जबकि संजय नगर में महिला की मौत के बारे में बता रहे हैं कि बुखार, फेफड़े व आंतों में पानी भरने के बाद हुए सेप्टीसीमिया के कारण हुई है। अस्पताल की ओर से जारी मृत्यु प्रमाणपत्र में मौत का कारण डेंगू शॉक सिंड्रोम दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग अस्पताल को नोटिस भेजकर डेंगू की जांच रिपोर्ट भेजने की बात कह रहा है।
14 सितंबर को आया था पति-पत्नी को बुखार
गाजियाबाद। संजय नगर के जे ब्लॉक में रहने वाले राजेश व उनकी पत्नी रीति लता को 14 सितंबर को बुखार हुआ था। दोनों ने पड़ोस में ही प्राइवेट डॉक्टर सेदवा ली। राजेश के स्वास्थ्य में सुधार हो गया, लेकिन रीति लता की तबीयत बिगड़ती चली गई। इलाज करने वाले डॉक्टर ने डेंगू का जांच कराने के लिए कहा था। शुक्रवार को महिला की हालत गंभीर हो गई, जिससे उन्हें संतोष अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। राजेश के दो बच्चों की भी अलग-अलग हादसों में मौत हो चुकी थी। पति-पत्नी अकेले रहते थे। पत्नी की मौत के बाद राजेश आटा की चक्की बंद कर अपने गांव चला गया।
दोपहर को पहुंची विभाग की टीम
स्वास्थ्य विभाग दावा करता है कि डेंगू मरीज के घर 24 घंटे में विभाग की टीम को जांच और सर्वे के लिए भेजा जाता है। संजय नगर में रहने वाली जिस महिला की शुक्रवार को मौत हुई, उसके घर पर शनिवार दोपहर तक भी टीम नहीं पहुंची थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम दोपहर दो बजे मौके पर पहुंचकर सर्वे एवं एंटीलार्वा का छिड़काव शुरू किया। संजय नगर में ही तीस लार्वा पाए गए। इस दौरान कई जगह पर टीम का विरोध किया गया।
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12 सोसायटियों में पहुंच गया डेंगू
गाजियाबाद। शहर में डेंगू तेजी से फैल रहा है। 31 अगस्त को पहला केस मिला था। अब तक डेंगू के 222 मरीज मिल चुके हैं। 25 दिन में 23 कॉलोनियों और 12 सोसायटियों में डेंगू पैर पसार चुका है। सबसे अधिक मरीज कॉलोनियों में मिल रहे हैं। पिछले पांच साल में सबसे अधिक डेंगू के मरीजों की पुष्टि ट्रांस हिंडन क्षेत्र में हुई थी, लेकिन इस बार शास्त्रीनगर और गोविंदपुरम कॉलोनी में ज्यादा 60 मरीज मिले। शनिवार को एक साल की बच्ची समेत 17 नए लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 750 से अधिक संदिग्धों की जांच की जा चुकी है। प्रतिदिन 15 से अधिक मरीज सामने आ रहे हैं। इनमें से 70 प्रतिशत मरीजों को हालत गंभीर होने पर अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ रहा है। अभी तक डेंगू टाइप ए (सामान्य) के मरीज सामने आ रहे थे। एक सप्ताह से गंभीर मामले भी सामने आ रहे हैं। इन मरीजों में प्लेटलेट्स तेजी से कम होने के साथ ब्लीडिंग के मामले बढ़े हैं। निजी अस्पतालों में भर्ती कई मरीजों को प्लेटलेट्स का जंबो पैक चढ़ाना पड़ा है।
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यहां मिले मरीज
कॉलोनी डेंगू
शास्त्रीनगर 40
गोविंदपुरम 20
कविनगर 20
विजयनगर 20
हरसांव 18
संजय नगर 12
सोसायटी डेंगू
इंदिरापुरम 15
वैशाली 15
राजनगर एक्सटेंशन 11
कौशांबी 9
क्रॉसिंग रिपब्लिक 8
सिद्धार्थ विहार 7
सरकारी अस्पताल में नहीं है इलाज की सुविधा
सरकारी अस्पताल में सिर्फ आईडीएसपी लैब में ही जांच की व्यवस्था है, लेकिन जिले में किसी भी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में जंबो पैक की व्यवस्था न होने से अधिकांश गंभीर मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। इस समय सरकारी अस्पताल में तीन और निजी में 40 मरीज भर्ती हैं। संजयनगर में 19 बेड, एमएमजी अस्पताल में 18 खाली हैं। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि एमएमजी अस्पताल के ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स का छोटा पैक मिलता है। जंबो पैक तैयार करने के लिए मशीन लगाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
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17 नए मरीजों में पांच गंभीर
शनिवार को एक साल की बच्ची सहित 17 नए मरीज मिले। इनमें मालीवाड़ा, संजय नगर, सौंधा, हसनपुर कौशांबी, नीतिखंड, अतरौली, महराजपुर, गोविंदपुरम, वंदना एंक्लेव, शालीमार सिटी, सिद्धार्थ विहार में एक-एक और विजय नगर, लोनी, खोड़ा में दो-दो संक्रमित मिले हैं।
25 दिन में मिले पांच हजार लार्वा
जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि एक सितंबर से 50 टीमें सर्वे एवं एंटीलार्वा का छिड़काव कर रही हैं। एक टीम 20 घर का सर्वे करती है। एक दिन में एक हजार घरों का सर्वे किया जा रहा है। 25 दिन में 25 हजार घरों का सर्वे किया गया। अब तक पांच हजार स्थानों पर डेंगू के लार्वा मिल चुका हैं।
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दो महिलाओं की मौत पर लीपापोती में जुटा विभाग
गाजियाबाद। लोनी में हुई मौत के बारे में डीएसओ डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि महिला नोएडा में रहती थी, वहीं पर संक्रमित हुई थी और इलाज व उसकी मौत दिल्ली में हुई है। इस बारे में नोएडा स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया है। जबकि संजय नगर में महिला की मौत के बारे में बता रहे हैं कि बुखार, फेफड़े व आंतों में पानी भरने के बाद हुए सेप्टीसीमिया के कारण हुई है। अस्पताल की ओर से जारी मृत्यु प्रमाणपत्र में मौत का कारण डेंगू शॉक सिंड्रोम दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग अस्पताल को नोटिस भेजकर डेंगू की जांच रिपोर्ट भेजने की बात कह रहा है।
14 सितंबर को आया था पति-पत्नी को बुखार
गाजियाबाद। संजय नगर के जे ब्लॉक में रहने वाले राजेश व उनकी पत्नी रीति लता को 14 सितंबर को बुखार हुआ था। दोनों ने पड़ोस में ही प्राइवेट डॉक्टर सेदवा ली। राजेश के स्वास्थ्य में सुधार हो गया, लेकिन रीति लता की तबीयत बिगड़ती चली गई। इलाज करने वाले डॉक्टर ने डेंगू का जांच कराने के लिए कहा था। शुक्रवार को महिला की हालत गंभीर हो गई, जिससे उन्हें संतोष अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। राजेश के दो बच्चों की भी अलग-अलग हादसों में मौत हो चुकी थी। पति-पत्नी अकेले रहते थे। पत्नी की मौत के बाद राजेश आटा की चक्की बंद कर अपने गांव चला गया।
दोपहर को पहुंची विभाग की टीम
स्वास्थ्य विभाग दावा करता है कि डेंगू मरीज के घर 24 घंटे में विभाग की टीम को जांच और सर्वे के लिए भेजा जाता है। संजय नगर में रहने वाली जिस महिला की शुक्रवार को मौत हुई, उसके घर पर शनिवार दोपहर तक भी टीम नहीं पहुंची थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम दोपहर दो बजे मौके पर पहुंचकर सर्वे एवं एंटीलार्वा का छिड़काव शुरू किया। संजय नगर में ही तीस लार्वा पाए गए। इस दौरान कई जगह पर टीम का विरोध किया गया।