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मेरठ की बाइक, बाटला हाउस तक लोकेशन... फिर भी डकैत पकड़ से दूर
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मेरठ की बाइक, बाटला हाउस तक लोकेशन....फिर भी डकैत पकड़ से दूर
गाजियाबाद। ट्रॉनिका सिटी की अंसल कॉलोनी में प्रॉपर्टी कारोबारी के घर दिनदहाड़े एक करोड़ की डकैती डालने वाले बदमाशों ने मेरठ के नंबर की बाइक का इस्तेमाल किया था। हाई स्पीड बाइकों से बदमाश दिल्ली के बाटला हाउस तक जाते हुए कैमरे में कैद भी मिले। यह सुराग मिलने के बावजूद पुलिस चार माह बाद भी डकैती का खुलासा करने में नाकाम है।
छह हथियारबंद बदमाशों ने 26 मई को अंसल कॉलोनी निवासी प्रॉपर्टी कारोबारी के घर दिनदहाड़े एक करोड़ की डकैती डाली थी। बदमाशों ने कारोबारी की पत्नी, बच्चों व भतीजे को कमरे में बंधक बनाकर वारदात को अंजाम दिया था। जाते वक्त बदमाश परिजनों के मोबाइल व अलमारी की दराज में मिली पिस्टल मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए थे। क्राइम ब्रांच व ट्रॉनिका सिटी पुलिस समेत पांच टीमें घटना के खुलासे में लगाई गई थीं। पुलिस की जांच में सामने आया था कि बदमाशों ने वारदात में दो हाई स्पीड बाइकों का इस्तेमाल किया। बदमाश दो बैग लेकर लोनी के एक थाना, दो पुलिस चौकियों से होते हुए दिल्ली में प्रवेश कर गए।
तीन हजार से अधिक कैमरे खंगाले, तब मिला सुराग
पुलिस का दावा है कि घटना के बाद से गाजियाबाद और दिल्ली की सीमा में तीन हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। अंसल कॉलोनी से चले बदमाश करीब तीस किलोमीटर का सफर तय करके दिल्ली के बाटला हाउस तक जाते हुए कैद मिले। इसके बाद बदमाशों की कोई लोकेशन नहीं मिली। हालाकि, पुलिस का मानना है कि बदमाश बाटला हाउस या इसके आसपास के रहने वाले हैं।
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मिटे हुए थे बाइक की नंबर प्लेट के अंक
जानकारी के मुताबिक डकैती में प्रयुक्त की गईं दो बाइकों में से एक पर मेरठ (यूपी-15) का नंबर था। नंबर प्लेट पर आखिरी चार अंक तो थे, लेकिन उससे पहले दो अंक मिटे हुए थे। हालांकि, पुलिस के मुताबिक सभी भी संभावना है कि बदमाशों ने फर्जी नंबर का इस्तेमाल किया हो। पुलिस बाइक के नंबरों के आधार पर भी बदमाशों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पांच गिरोहों में तीन पर काम कर चुकी पुलिस
घटना के बाद पुलिस ने पांच गिरोहों पर काम किया था। इनमें से पुलिस दो गैंगों की कुंडली खंगाल चुकी है, लेकिन इन गैंगों के बदमाशों के खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिला। इसके बाद पुलिस बाकी तीन गिरोहों पर काम कर रही है। हालांकि, अभी तक भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा का कहना है कि डकैती की घटना पुलिस के लिए चुनौती है। गंभीरता से इस पर काम किया जा रहा है। तकनीकी स्तर, सीसीटीवी फुटेज व मुखबिर तंत्र के जरिये बदमाशों को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।
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गाजियाबाद। ट्रॉनिका सिटी की अंसल कॉलोनी में प्रॉपर्टी कारोबारी के घर दिनदहाड़े एक करोड़ की डकैती डालने वाले बदमाशों ने मेरठ के नंबर की बाइक का इस्तेमाल किया था। हाई स्पीड बाइकों से बदमाश दिल्ली के बाटला हाउस तक जाते हुए कैमरे में कैद भी मिले। यह सुराग मिलने के बावजूद पुलिस चार माह बाद भी डकैती का खुलासा करने में नाकाम है।
छह हथियारबंद बदमाशों ने 26 मई को अंसल कॉलोनी निवासी प्रॉपर्टी कारोबारी के घर दिनदहाड़े एक करोड़ की डकैती डाली थी। बदमाशों ने कारोबारी की पत्नी, बच्चों व भतीजे को कमरे में बंधक बनाकर वारदात को अंजाम दिया था। जाते वक्त बदमाश परिजनों के मोबाइल व अलमारी की दराज में मिली पिस्टल मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए थे। क्राइम ब्रांच व ट्रॉनिका सिटी पुलिस समेत पांच टीमें घटना के खुलासे में लगाई गई थीं। पुलिस की जांच में सामने आया था कि बदमाशों ने वारदात में दो हाई स्पीड बाइकों का इस्तेमाल किया। बदमाश दो बैग लेकर लोनी के एक थाना, दो पुलिस चौकियों से होते हुए दिल्ली में प्रवेश कर गए।
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तीन हजार से अधिक कैमरे खंगाले, तब मिला सुराग
पुलिस का दावा है कि घटना के बाद से गाजियाबाद और दिल्ली की सीमा में तीन हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। अंसल कॉलोनी से चले बदमाश करीब तीस किलोमीटर का सफर तय करके दिल्ली के बाटला हाउस तक जाते हुए कैद मिले। इसके बाद बदमाशों की कोई लोकेशन नहीं मिली। हालाकि, पुलिस का मानना है कि बदमाश बाटला हाउस या इसके आसपास के रहने वाले हैं।
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मिटे हुए थे बाइक की नंबर प्लेट के अंक
जानकारी के मुताबिक डकैती में प्रयुक्त की गईं दो बाइकों में से एक पर मेरठ (यूपी-15) का नंबर था। नंबर प्लेट पर आखिरी चार अंक तो थे, लेकिन उससे पहले दो अंक मिटे हुए थे। हालांकि, पुलिस के मुताबिक सभी भी संभावना है कि बदमाशों ने फर्जी नंबर का इस्तेमाल किया हो। पुलिस बाइक के नंबरों के आधार पर भी बदमाशों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पांच गिरोहों में तीन पर काम कर चुकी पुलिस
घटना के बाद पुलिस ने पांच गिरोहों पर काम किया था। इनमें से पुलिस दो गैंगों की कुंडली खंगाल चुकी है, लेकिन इन गैंगों के बदमाशों के खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिला। इसके बाद पुलिस बाकी तीन गिरोहों पर काम कर रही है। हालांकि, अभी तक भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा का कहना है कि डकैती की घटना पुलिस के लिए चुनौती है। गंभीरता से इस पर काम किया जा रहा है। तकनीकी स्तर, सीसीटीवी फुटेज व मुखबिर तंत्र के जरिये बदमाशों को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।