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चालक की एक गलती ने खत्म कर दिए दो परिवार
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चालक की एक गलती ने उजाड़ दिए दो परिवार
गाजियाबाद। मिनी ट्रक चालक की एक गलती ने हंसते खेलते दो परिवारों को उजाड़ दिया। बेटे का मुंडन कराने के बाद आशीष अपने साढ़ू और उसके परिवार के साथ जश्न मनाकर लौट रहे थे। उन्हें नहीं पता था कि किसी दूसरे ड्राइवर की गलती उन्हें घर पहुंचने ही नहीं देगी। बेटे की मुंडन की खुशी अब मातम में बदल गई।
मसूरी थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मिनी ट्रक चालक बबलू इंटरनेट वायरिंग के पाइप लेकर दादरी से वाया लालकुआं मेरठ जाने के लिए हाईवे पर चढ़ा था। बबलू ने पुलिस को बताया कि डासना आकर वह रास्ता भटक गया। लोगों से रास्ता पूछा तो उन्होंने वापस जाकर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के ऊपर आने को कहा। बबलू यूटर्न लेकर वापस गया और वेदांता फार्म हाउस के पास से एक्सप्रेसवे पर रांग साइड में चल दिया। बीच में कट न मिलने की वजह से वह रांग साइड ही चलता रहा और कलछीना के पास आशीष की कार से भिड़ंत हो गई। ट्रक की स्पीड काफी तेज थी, जिससे घटना के समय वह नियंत्रण नहीं कर पाया और कार में जा घुसा। घटना के समय कोई नहीं था, इसका फायदा उठाकर वह भागने लगा, लेकिन भोजपुर पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
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छटपटा रहे थे घायल
पुलिस ने बताया कि घटना के समय कार में घायल पड़े बच्चे और परिजन छटपटा रहे थे। उन्हें तत्काल उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जहां दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। बच्चों को छटपटाता देख राहगीरों और पुलिसकर्मियों की भी आंखें भर आईं।
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एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग करती पुलिस तो न होता हादसा
रात के वक्त एक्सप्रेसवे पर न तो पुलिस और न ही एनएचएआई की टीम पेट्रोलिंग कर रही थी। इसकी वजह से मिनी ट्रक चालक करीब 11 किलोमीटर तक रांग साइड चलता रहा। इस बीच पुलिस की पेट्रोलिंग होती तो गलत दिशा में जाते ट्रक को रोका जा सकता था और हादसे को होने से बचाया जा सकता था। रात ही नहीं दिन में भी इस एक्सप्रेसवे पर लोग गलत दिशा में वाहनों दौड़ाते हैं, लेकिन रोकने वाला कोई नहीं होता।
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एनएचएआई की बदइंतजामी भी जिम्मेदार
एक्सप्रेसवे दिशा सूचक बोर्ड की कमी है। इसके चलते वाहन चालकों को सही रास्ते का पता नहीं चल पाता है। और वाहन गलत दिशा में प्रवेश कर जाते हैं। इसके बाद एक्सप्रेसवे पर कट न होने की वजह से वहीं अपनी सही लेन पर भी नहीं आ पाते हैं।
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- ट्रैफिक पुलिस को नहीं दी सही जानकारी
हादसे के बाद ट्रक चालक बबलू को साथ लेकर ट्रैफिक पुलिस ने घटनास्थल पर ले जाकर गलत साइड में चलने की वजह पूछी, लेकिन वह गुमराह करता रहा। एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा ने बताया कि काफी प्रयास के बाद भी ट्रक चालक वह लोकेशन साफ नहीं कर पाया जिससे वह डीएमई पर चढ़ा। उन्होंने बताया कि जहां से आरोपी गाड़ी हाईवे पर चढ़ाने की बात कर रहा है, वहां से गाड़ी ऊपर चढ़ ही नहीं सकती है। हालांकि सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सच्चाई बताई।
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पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार
सोनू और काव्या के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए अलीगढ़ जनपद के गांव रतरोई में ले गए। वहीं आशीष, शिल्पी व देव सिन्हा के शव को परिजन अंतिम संस्कार के लिए लखनऊ ले गए।
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एनएचएआई ने दिया था कैमरों का लिंक
करीब एक माह पूर्व एनएचएआई ने ट्रैफिक पुलिस को एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों का लिंक दिया था, ताकि गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के चालान किए जा सके। इसके बाद भी ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी नहीं जागे। अभी भी लोग गलत दिशा में वाहन चला रहे हैं।
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कोट
गलत दिशा में वाहन चलाने की वजह से हादसा हुआ है। मिनी ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग के लिए एनएचएआई के अधिकारियों से भी वार्ता की जाएगी। - कमलेश पांडेय, सीओ सदर
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गाजियाबाद। मिनी ट्रक चालक की एक गलती ने हंसते खेलते दो परिवारों को उजाड़ दिया। बेटे का मुंडन कराने के बाद आशीष अपने साढ़ू और उसके परिवार के साथ जश्न मनाकर लौट रहे थे। उन्हें नहीं पता था कि किसी दूसरे ड्राइवर की गलती उन्हें घर पहुंचने ही नहीं देगी। बेटे की मुंडन की खुशी अब मातम में बदल गई।
मसूरी थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मिनी ट्रक चालक बबलू इंटरनेट वायरिंग के पाइप लेकर दादरी से वाया लालकुआं मेरठ जाने के लिए हाईवे पर चढ़ा था। बबलू ने पुलिस को बताया कि डासना आकर वह रास्ता भटक गया। लोगों से रास्ता पूछा तो उन्होंने वापस जाकर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के ऊपर आने को कहा। बबलू यूटर्न लेकर वापस गया और वेदांता फार्म हाउस के पास से एक्सप्रेसवे पर रांग साइड में चल दिया। बीच में कट न मिलने की वजह से वह रांग साइड ही चलता रहा और कलछीना के पास आशीष की कार से भिड़ंत हो गई। ट्रक की स्पीड काफी तेज थी, जिससे घटना के समय वह नियंत्रण नहीं कर पाया और कार में जा घुसा। घटना के समय कोई नहीं था, इसका फायदा उठाकर वह भागने लगा, लेकिन भोजपुर पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
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छटपटा रहे थे घायल
पुलिस ने बताया कि घटना के समय कार में घायल पड़े बच्चे और परिजन छटपटा रहे थे। उन्हें तत्काल उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जहां दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। बच्चों को छटपटाता देख राहगीरों और पुलिसकर्मियों की भी आंखें भर आईं।
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एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग करती पुलिस तो न होता हादसा
रात के वक्त एक्सप्रेसवे पर न तो पुलिस और न ही एनएचएआई की टीम पेट्रोलिंग कर रही थी। इसकी वजह से मिनी ट्रक चालक करीब 11 किलोमीटर तक रांग साइड चलता रहा। इस बीच पुलिस की पेट्रोलिंग होती तो गलत दिशा में जाते ट्रक को रोका जा सकता था और हादसे को होने से बचाया जा सकता था। रात ही नहीं दिन में भी इस एक्सप्रेसवे पर लोग गलत दिशा में वाहनों दौड़ाते हैं, लेकिन रोकने वाला कोई नहीं होता।
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एनएचएआई की बदइंतजामी भी जिम्मेदार
एक्सप्रेसवे दिशा सूचक बोर्ड की कमी है। इसके चलते वाहन चालकों को सही रास्ते का पता नहीं चल पाता है। और वाहन गलत दिशा में प्रवेश कर जाते हैं। इसके बाद एक्सप्रेसवे पर कट न होने की वजह से वहीं अपनी सही लेन पर भी नहीं आ पाते हैं।
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- ट्रैफिक पुलिस को नहीं दी सही जानकारी
हादसे के बाद ट्रक चालक बबलू को साथ लेकर ट्रैफिक पुलिस ने घटनास्थल पर ले जाकर गलत साइड में चलने की वजह पूछी, लेकिन वह गुमराह करता रहा। एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा ने बताया कि काफी प्रयास के बाद भी ट्रक चालक वह लोकेशन साफ नहीं कर पाया जिससे वह डीएमई पर चढ़ा। उन्होंने बताया कि जहां से आरोपी गाड़ी हाईवे पर चढ़ाने की बात कर रहा है, वहां से गाड़ी ऊपर चढ़ ही नहीं सकती है। हालांकि सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सच्चाई बताई।
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पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार
सोनू और काव्या के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए अलीगढ़ जनपद के गांव रतरोई में ले गए। वहीं आशीष, शिल्पी व देव सिन्हा के शव को परिजन अंतिम संस्कार के लिए लखनऊ ले गए।
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एनएचएआई ने दिया था कैमरों का लिंक
करीब एक माह पूर्व एनएचएआई ने ट्रैफिक पुलिस को एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों का लिंक दिया था, ताकि गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के चालान किए जा सके। इसके बाद भी ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी नहीं जागे। अभी भी लोग गलत दिशा में वाहन चला रहे हैं।
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कोट
गलत दिशा में वाहन चलाने की वजह से हादसा हुआ है। मिनी ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग के लिए एनएचएआई के अधिकारियों से भी वार्ता की जाएगी। - कमलेश पांडेय, सीओ सदर