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चालू होती ही धंसी 80 करोड़ की सीवर लाइन, कई मकान में दीवार
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चालू होती ही धंसी 80 करोड़ की सीवर लाइन, कई मकान में दरार
- मकान के नीचे की मिट्टी धंसने पर निगम ने रातों रात कंक्रीट भरवाई
- मकान में आईं दरारों की वजह से डरे हुए हैं परिवार के लोग
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। नूरनगर में सीवर लाइन की वजह से धंसे मकान के नीचे नगर निगम ने सीमेंट-कंक्रीट तो भरवा दिया, लेकिन दीवारों और छत में आईं दरारें कभी भी हादसे की वजह बन सकती हैं। दहशत में आया परिवार पांच दिन से पड़ोसी के घर सो रहा है। उन्होंने प्रशासन से घर की मरम्मत के लिए मदद मांगी है।
लगातार कई दिन तक हुई बारिश के दौरान नूरनगर में कई स्थानों से सीवर लाइन धंस गई है। कोलियों वाली गली के लोगों का कहना है कि लाइन लीकेज की वजह से नमी आई और कांति कुमार के मकान के नीचे की मिट्टी धंस गई। मकान का अगला हिस्सा नीचे बैठने लगा तो सीवर लाइन डाल रहे जल निगम की टीम मौके पर पहुंची। नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और देर रात तक मकान के नीचे रेडीमिक्स कंक्रीट भरवाकर मकान को गिरने से बचा लिया। हालांकि इससे पहले मकान की दीवारों में आई दरारों की वह से कभी भी गिर सकता है। यही नहीं धीरे-धीरे नींव में पानी पहुंचने की वजह से इसी गली के कई अन्य मकानों में भी दरारें आ चुकी हैं।
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पड़ोसी ने दिया आसरा
क्षतिग्रस्त हुए मकान की मालकिन मुन्नी ने बताया कि उनके पति कांति कुमार वेल्डिंग की दुकान चलाते हैं और मकान की मरम्मत कराने के लिए पैसा नहीं है। गिरने के कगार पर पहुंच चुके मकान में रहना अब संभव नहीं है। पड़ोसी अर्चना ने उन्हें अपने घर में आसरा दिया। मुन्नी, पति कांति और उनके बच्चे अब अर्चना के घर में रह रहे हैं।
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दो साल पहले किया आवेदन, डूडा से नहीं मिला अनुदान : मुन्नी
मुन्नी का कहना है कि उन्होंने करीब दो साल पहले मकान बनाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डूडा में आवेदन किया था। सर्वे करने वाला कर्मचारी उनसे सात हजार रुपये ले चुका है, लेकिन फाइल पास नहीं हुई। मुन्नी का कहना है कि वह डूडा से पैसा दिलाने के लिए सोमवार को डीएम कार्यालय भी गए थे, लेकिन वह नहीं मिल सके। अब बुधवार को वह डीएम से मिलेंगे।
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मिट्टी धंसने की कई बार की शिकायत, नहीं हुई सुनवाई : ओमवती
नूरनगर की कोलियों वाली गली में रहने वाली ओमवती ने बताया कि गली के सभी मकानों की नींव में धीरे-धीरे पानी पहुंच रहा है। सीवर लाइन और नालियों की गुणवत्ता खराब होने की वजह से उनके मकान में भी दरारें आ चुकी हैं। दरार आने से कमजोर हुए लिंटर को रोकने के लिए उसके नीचे दीवार खड़ी करनी पड़ी।
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अधिकारी बोले
मकान धंसने की घटना के बाद जांच करने के निर्देश मिले हैं। सीवर लाइन की गुणवत्ता के संबंध में जांच करके एक सप्ताह में रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी। सीवर लाइन डालने वाली डिविजन के अधिकारियों से प्रोजेक्ट की डिटेल मांगी गई है। - संजय गौतम, महाप्रबंधक, जल निगम
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चालू होती ही धंसी 80 करोड़ की सीवर लाइन, कई मकान में दरार
- मकान के नीचे की मिट्टी धंसने पर निगम ने रातों रात कंक्रीट भरवाई
- मकान में आईं दरारों की वजह से डरे हुए हैं परिवार के लोग
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। नूरनगर में सीवर लाइन की वजह से धंसे मकान के नीचे नगर निगम ने सीमेंट-कंक्रीट तो भरवा दिया, लेकिन दीवारों और छत में आईं दरारें कभी भी हादसे की वजह बन सकती हैं। दहशत में आया परिवार पांच दिन से पड़ोसी के घर सो रहा है। उन्होंने प्रशासन से घर की मरम्मत के लिए मदद मांगी है।
लगातार कई दिन तक हुई बारिश के दौरान नूरनगर में कई स्थानों से सीवर लाइन धंस गई है। कोलियों वाली गली के लोगों का कहना है कि लाइन लीकेज की वजह से नमी आई और कांति कुमार के मकान के नीचे की मिट्टी धंस गई। मकान का अगला हिस्सा नीचे बैठने लगा तो सीवर लाइन डाल रहे जल निगम की टीम मौके पर पहुंची। नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और देर रात तक मकान के नीचे रेडीमिक्स कंक्रीट भरवाकर मकान को गिरने से बचा लिया। हालांकि इससे पहले मकान की दीवारों में आई दरारों की वह से कभी भी गिर सकता है। यही नहीं धीरे-धीरे नींव में पानी पहुंचने की वजह से इसी गली के कई अन्य मकानों में भी दरारें आ चुकी हैं।
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पड़ोसी ने दिया आसरा
क्षतिग्रस्त हुए मकान की मालकिन मुन्नी ने बताया कि उनके पति कांति कुमार वेल्डिंग की दुकान चलाते हैं और मकान की मरम्मत कराने के लिए पैसा नहीं है। गिरने के कगार पर पहुंच चुके मकान में रहना अब संभव नहीं है। पड़ोसी अर्चना ने उन्हें अपने घर में आसरा दिया। मुन्नी, पति कांति और उनके बच्चे अब अर्चना के घर में रह रहे हैं।
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दो साल पहले किया आवेदन, डूडा से नहीं मिला अनुदान : मुन्नी
मुन्नी का कहना है कि उन्होंने करीब दो साल पहले मकान बनाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डूडा में आवेदन किया था। सर्वे करने वाला कर्मचारी उनसे सात हजार रुपये ले चुका है, लेकिन फाइल पास नहीं हुई। मुन्नी का कहना है कि वह डूडा से पैसा दिलाने के लिए सोमवार को डीएम कार्यालय भी गए थे, लेकिन वह नहीं मिल सके। अब बुधवार को वह डीएम से मिलेंगे।
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मिट्टी धंसने की कई बार की शिकायत, नहीं हुई सुनवाई : ओमवती
नूरनगर की कोलियों वाली गली में रहने वाली ओमवती ने बताया कि गली के सभी मकानों की नींव में धीरे-धीरे पानी पहुंच रहा है। सीवर लाइन और नालियों की गुणवत्ता खराब होने की वजह से उनके मकान में भी दरारें आ चुकी हैं। दरार आने से कमजोर हुए लिंटर को रोकने के लिए उसके नीचे दीवार खड़ी करनी पड़ी।
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अधिकारी बोले
मकान धंसने की घटना के बाद जांच करने के निर्देश मिले हैं। सीवर लाइन की गुणवत्ता के संबंध में जांच करके एक सप्ताह में रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी। सीवर लाइन डालने वाली डिविजन के अधिकारियों से प्रोजेक्ट की डिटेल मांगी गई है। - संजय गौतम, महाप्रबंधक, जल निगम