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७२ घंटे में शुरू हुए ३० उद्योग
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72 घंटे में मिली 30 उद्योगों को मान्यता
गाजियाबाद। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई एक्ट में शुरू हुई योजना के तहत 72 घंटे में उद्योगों के आवेदनों को मान्यता मिल रही है। इसके लिए 72 घंटों में 30 उद्योगों के आवेदनों को स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए नोडल एजेंसी को अब तक 145 आवेदन मिले हैं।
किसी भी उद्योग को शुरू करने से पहले सरकारी दफ्तरों में पंजीकरण और एनओसी लेने तक के लिए उद्यमियों को पापड़ बेलने पड़ते थे। ऐसे में अब एमएसएमई एक्ट से लोगों का समय बचेगा। पांडवनगर औद्योगिक क्षेत्र, लोनी, मोदीनगर और मुरादनगर के अलावा जिले के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में सूक्ष्म इकाइयों को शुरू कराया गया है। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों के मुताबिक इनमें टेक्सटाइल, फर्नीचर, मशीनरी और खाद्य उत्पादाें की इकाइयां शामिल हैं। मुरादनगर में फर्नीचर उत्पाद की यूनिट शुरू करने वाले महेश ने बताया कि आवेदन करने के बाद जिला उद्योग केंद्र से प्रमाणपत्र जारी किया गया। इसके बाद निवेश मित्र पोर्टल पर प्रमाणपत्र अपलोड होने के बाद अन्य विभागों की एनओसी भी मिल गई।
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यह है योजना का लाभ :
उद्योग शुरू करने के लिए बिजली, प्रदूषण नियंत्रण, अगर 20 से अधिक श्रमिक हैं तो कारखाना, अग्निशमन विभाग सहित करीब 29 विभागों से 80 तरह की एनओसी लेनी पड़ती हैं। साल 2020 सितंबर में एमएसएमई एक्ट शुरू हुआ था। इसमें डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नोडल एजेंसी गठित की गई। इस योलना के तहत आवेदनकर्ता को आवेदन व घोषणा पत्र दाखिल करना होता है। इसके तहत भूमि संबंधी, विद्युत सुरक्षा, श्रम, पर्यावरण, अग्निशमन संबंधी एनओसी के लिए घोषणा करनी होगी। इसके बाद घोषणापत्र मिलने के 72 घंटे के अंदर जिला उद्योग केंद्र से प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। उद्यमी को सभी लाइसेंस और एनओसी अस्थाई तौर पर मिल जाएंगी। इनको स्थायी रूप से लेने के लिए उद्यमी के पास 900 दिन का समय होता है।
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इन उद्योगों को नहीं है स्वीकृति :
एमएसएमई एक्ट के तहत तंबाकू, गुटखा, पान मसाला, अल्कोहल, पटाखा, प्रतिबंधित पॉलीथिन, शासन द्वारा प्रतिबंधित उत्पाद, प्रदूषण विभाग द्वारा चिन्हित रेड कैटेगरी की इकाइयों को लाभ नहीं मिलेगा।
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उद्योगों को शुरू करने के लिए विभागाें से मिलने वाले लाइसेंस और एनओसी सबसे बड़ी चुनौती रहते हैं। ऐसे में उद्योग शुरू करने में भी महीनों लग जाते हैं। 72 घंटे में सभी एनओसी मिलने से औद्योगिक विकास निश्चित है। - डीके गुप्ता, महासचिव, साउथ साइट जीटी रोड औद्योगिक एरिया संगठन
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एक्ट के तहत आने वाले आवेदनों का अच्छा रेस्पांस मिल रहा है। आवेदन के साथ उद्यमियों से घोषणापत्र लेकर ऐसी इकाइयों को 72 घंटे में एनओसी जारी कर शुरू कराया गया है।
- बीरेंद्र कुमार, संयुक्त आयुक्त, जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र
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गाजियाबाद। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई एक्ट में शुरू हुई योजना के तहत 72 घंटे में उद्योगों के आवेदनों को मान्यता मिल रही है। इसके लिए 72 घंटों में 30 उद्योगों के आवेदनों को स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए नोडल एजेंसी को अब तक 145 आवेदन मिले हैं।
किसी भी उद्योग को शुरू करने से पहले सरकारी दफ्तरों में पंजीकरण और एनओसी लेने तक के लिए उद्यमियों को पापड़ बेलने पड़ते थे। ऐसे में अब एमएसएमई एक्ट से लोगों का समय बचेगा। पांडवनगर औद्योगिक क्षेत्र, लोनी, मोदीनगर और मुरादनगर के अलावा जिले के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में सूक्ष्म इकाइयों को शुरू कराया गया है। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों के मुताबिक इनमें टेक्सटाइल, फर्नीचर, मशीनरी और खाद्य उत्पादाें की इकाइयां शामिल हैं। मुरादनगर में फर्नीचर उत्पाद की यूनिट शुरू करने वाले महेश ने बताया कि आवेदन करने के बाद जिला उद्योग केंद्र से प्रमाणपत्र जारी किया गया। इसके बाद निवेश मित्र पोर्टल पर प्रमाणपत्र अपलोड होने के बाद अन्य विभागों की एनओसी भी मिल गई।
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यह है योजना का लाभ :
उद्योग शुरू करने के लिए बिजली, प्रदूषण नियंत्रण, अगर 20 से अधिक श्रमिक हैं तो कारखाना, अग्निशमन विभाग सहित करीब 29 विभागों से 80 तरह की एनओसी लेनी पड़ती हैं। साल 2020 सितंबर में एमएसएमई एक्ट शुरू हुआ था। इसमें डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नोडल एजेंसी गठित की गई। इस योलना के तहत आवेदनकर्ता को आवेदन व घोषणा पत्र दाखिल करना होता है। इसके तहत भूमि संबंधी, विद्युत सुरक्षा, श्रम, पर्यावरण, अग्निशमन संबंधी एनओसी के लिए घोषणा करनी होगी। इसके बाद घोषणापत्र मिलने के 72 घंटे के अंदर जिला उद्योग केंद्र से प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। उद्यमी को सभी लाइसेंस और एनओसी अस्थाई तौर पर मिल जाएंगी। इनको स्थायी रूप से लेने के लिए उद्यमी के पास 900 दिन का समय होता है।
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इन उद्योगों को नहीं है स्वीकृति :
एमएसएमई एक्ट के तहत तंबाकू, गुटखा, पान मसाला, अल्कोहल, पटाखा, प्रतिबंधित पॉलीथिन, शासन द्वारा प्रतिबंधित उत्पाद, प्रदूषण विभाग द्वारा चिन्हित रेड कैटेगरी की इकाइयों को लाभ नहीं मिलेगा।
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उद्योगों को शुरू करने के लिए विभागाें से मिलने वाले लाइसेंस और एनओसी सबसे बड़ी चुनौती रहते हैं। ऐसे में उद्योग शुरू करने में भी महीनों लग जाते हैं। 72 घंटे में सभी एनओसी मिलने से औद्योगिक विकास निश्चित है। - डीके गुप्ता, महासचिव, साउथ साइट जीटी रोड औद्योगिक एरिया संगठन
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एक्ट के तहत आने वाले आवेदनों का अच्छा रेस्पांस मिल रहा है। आवेदन के साथ उद्यमियों से घोषणापत्र लेकर ऐसी इकाइयों को 72 घंटे में एनओसी जारी कर शुरू कराया गया है।
- बीरेंद्र कुमार, संयुक्त आयुक्त, जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र