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ट्विटर इंडिया के एमडी को सात दिन में थाने आकर दर्ज कराना होगा बयान

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jun 2021 01:24 AM IST
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ट्विटर इंडिया के एमडी को सात दिन में थाने आकर दर्ज कराना होगा बयान
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गाजियाबाद। लोनी में बुजुर्ग तांत्रिक अब्दुल समद की दाढ़ी काटने की घटना में भड़काऊ वीडियो ट्रेंड होने को लेकर पुलिस ने ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी को नोटिस भेजा है। जिसमें कहा गया है कि उन्हें सात दिन के अंदार लोनी बॉर्डर थाने में अपना बयान दर्ज कराना होगा। नोटिस जांच अधिकारी की ओर से जारी किया गया है। यह मुंबई स्थित कार्यालय के पते पर भेजा गया है। इससे पहले पुलिस ने 12 बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। जिसमें पुलिस ने धार्मिक उन्माद फैलाने के केस में नामजद किए गए आरोपियों की जानकारी मांगी है। साथ ही आपत्तिजनक ट्वीट को री-ट्वीट करने वाले लोगों की सूची उपलब्ध कराने भी कहा है। ट्विटर को जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
ट्विटर पर भड़काऊ वीडियो 14 और 15 जून को ट्रेंड हुई थी। इसी से मामले को कुछ लोगों ने सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की। पुलिस ने साफ कर दिया कि दाढ़ी काटे जाने की घटना तो हुई है लेकिन यह सांप्रदायिक नहीं है। घटना पांच जून की थी। इसके बारे में वीडियो साजिश के तहत नौ दिन बाद ट्वीट किया गया। बगैर सत्यता की जांच किए वीडियो शेयर किया गया। इसी पर लोनी बॉर्डर पुलिस ने जुबैर अहमद, राना अय्यूब, सलमान निजामी, मशकूर उस्मानी, डॉ. समा मोहम्मद, सबा नकवी, ट्विटर आईएनसी व ट्विटर कम्यूनिकेशन इंडिया प्राइवेट के खिलाफ धार्मिक उन्माद फैलाने का केस दर्ज किया था। आरोप है कि ट्विटर ने भड़काऊ वीडियो रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। पुलिस को नामजद आरोपियों पर कार्रवाई करनी है, लेकिन उसके पास आरोपियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। आरोपियों की डिटेल लेने के लिए ही ट्विटर को नोटिस भेजा गया है।
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री-ट्वीट करने वालों को भी आरोपी बनाएगी पुलिस
गाजियाबाद पुलिस की साइबर सेल द्वारा ट्विटर के अमेरिका स्थित हेडक्वार्टर को नोटिस भेजा गया है। इसमें 12 बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है। पुलिस ने केस में नामजद किए गए आरोपियों की डिटेल के साथ-साथ उनके आपत्तिजनक ट्वीट को री-ट्वीट करने वालों की सूची भी मांगी है। इसके अलावा यह डाटा भी मांगा गया है कि ट्विटर पर आपत्तिजनक वीडियो कितनी बार शेयर की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आपत्तिजनक वीडियो वाले ट्वीट को री-ट्वीट करने वाले लोगों को भी केस में आरोपी बनाया जाएगा।
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पुलिस की जांच के दायरे में फेसबुक भी
वीडियो वायरल होने के मामले में लक्ष्मी गार्डन, लोनी निवासी उम्मेद पहलवान इदरीसी के खिलाफ ने जो केस दर्ज किया है, पुलिस ने उसमें फेसबुक का भी नाम है। फेसबुक पर सत्यता की जांच न करने का आरोप है। हालांकि फेसबुक को सीधे आरोपी नहीं बनाया गया है लेकिन जांच के दायरे में लाया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका में फेसबुक व ट्विटर का एक ही हेडक्वार्टर है। जरूरत पड़ने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
जांच में शामिल होने को भेजा जाएगा दूसरा नोटिस
पुलिस द्वारा ट्विटर को भेजा गया पहला नोटिस केस के आरोपी अकाउंट होल्डर की जानकारी लेने के लिए भेजा गया है। वहीं, केस में ट्विटर को भी आरोपी बनाया गया है। लिहाजा, उसे भी विवेचना में शामिल किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केस की विवेचना में ट्विटर को शामिल करने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। इसके लिए कानूनी सलाह ली जा रही है।
एसपी ग्रामीण ईरज राजा ने कहा कि अमेरिका स्थित ट्विटर हेडक्वार्टर को नोटिस भेजा गया है। आपत्तिजनक वीडियो ट्वीट करने वालों के बारे में डिटेल मांगी गई है। साथ ही ट्विटर इंडिया के एमडी को नोटिस भेजकर सात दिनों के अंदर लोनी बार्डर थाने में बयान दर्ज कराने को कहा गया है।
एफआईआर के बावजूद ट्विटर ने नहीं हटाया भड़काऊ वीडियो
तीन दिन से मचे हंगामे के बावजूद ट्वीटर ने भड़काऊ वीडियो नहीं हटाया है। पुलिस साफ कर चुकी है कि यह वीडियो गलत है। इसके बावजूद ट्वीटर पर लोग इसे री-ट्वीट कर रहे हैं। इसी तरह भड़काऊ वीडियो फेसबुक पर लाइव किए जाने का केस दर्ज हो जाने के बाद भी फेसबुक ने इसे नहीं हटाया। इस मामले के आरोपी उम्मेद पहलवान इदरीसी ने ये वीडियो फेसबुक पर लाइव किए गए थे। पुलिस की एक टीम ट्विटर और एक फेसबुक पर नजर लगाए है। इस वीडियो को साझा किया जा रहा है। पुलिस उन सभी लोगों के नाम नोट कर रही है जो वीडियो को फेसबुक पर साझा कर रहे हैं। इसे री-ट्वीट करने वाले भी आरोपी बनाए जा सकते हैं।

अब खुद ट्विटर जिम्मेदार : एसएसपी
एसएसपी अमित पाठक का कहना है कि पूर्व में ट्विटर को कानूनी संरक्षण का अधिकार प्राप्त था। कोई भड़काऊ या आपत्तिजनक ट्वीट हटाने के लिए ट्विटर को नोटिस भेजा जाता था। लेकिन, कानूनी संरक्षण हटने पर हर ट्वीट के लिए अब ट्विटर खुद जिम्मेदार है। अगर ट्विटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद कोई आपत्तिजनक ट्वीट किया गया तो ट्विटर के खिलाफ फिर से कार्रवाई की जाएगी।
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