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हाउस टैक्स का मुद्दा अब पार्टी प्लेटफार्म पर उठा
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हाउस टैक्स का मुद्दा अब पार्टी प्लेटफार्म पर उठा
गाजियाबाद। हाउस टैक्स बढ़ोतरी के मुद्दे पर जनता की नाराजगी का मुद्दा अब भाजपा के पार्टी फोरम पर पहुंच गया है। शनिवार को स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग समेत शहर के तीन विधायकों ने मेयर आशा शर्मा के साथ बैठक की। इसमें पार्टी के महानगर अध्यक्ष भी शामिल रहे।
जनप्रतिनिधियों ने बैठक को अनौपचारिक बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि हाउस टैक्स को लेकर चर्चा हुई है और शासन स्तर पर भी मामले को उठाएंगे। इसमें नगर विकास मंत्री से भी मिलने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि बैठक में टैक्स के साथ चुनाव में होने वाले नुकसान को लेकर भी चर्चा की गई। नगर निगम ने हाउस टैक्स में 15 फीसदी की बढ़ोतरी कर वसूली शुरू कर दी है। इसको लेकर लोगों में रोष है। यहां तक की पार्टी से जुड़े जनप्रतिनिधि भी नहीं चाहते हैं कि कोरोना महामारी के दौर में हाउस टैक्स में इजाफा हो। भाजपा महानगर इकाई से जुड़े पदाधिकारियों ने भी मामले को लेकर सोशल मीडिया पर गहरी नाराजगी जताई थी। तमाम विरोध के बीच निगम अपने निर्णय पर कायम रहा। निगम ने तर्क दिया कि वर्ष 2018 के बाद से हाउस टैक्स नहीं बढ़ा है। जबकि प्रतिवर्ष पांच प्रतिशत बढ़ाए जाने की व्यवस्था है। ऊपर से गाजियाबाद नगर निगम प्रदेश के बाकी निगमों से कम टैक्स ले रहा है। जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में इन्हीं बिंदुओं पर चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने मेयर के सामने कहा कि निगम के तर्क सही हैं, लेकिन समय सही नहीं है। जब महामारी के दौर है और लोग जीवन बचाने के साथ आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। रोजगार से लेकर कारोबार में लोगों को नुकसान हुआ है तो फिर कुछ समय रुकना चाहिए था। बताया जा रहा है कि इस पर मेयर ने तर्क दिया कि शासन की मंशा है कि नगर अपने स्तर पर राजस्व वसूली को बढ़ाएं। अगर टैक्स नहीं बढ़ाया तो लोगों को बेहतर सेवा मुहैया कराने में निगम पिछड़ जाएगा।
चुनावी नुकसान पर भी हुई चर्चा
बताया जा रहा है कि इस पर जनप्रतिनिधियों ने यह भी बात रखी कि हाउस टैक्स ऐसे समय पर बढ़ाया जा रहा है, जिसका पार्टी को 2022 के विधान सभा चुनावों में नुकसान हो सकता है। इसलिए विधान सभा चुनाव के बाद बढ़ाया जाता तो बेहतर होता। कुछ जनप्रतिनिधियों ने कहा कि उसके बाद निकाय चुनाव होने हैं, फिर उनमें नुकसान होगा। इस आधार पर दो साल निकल जाएगा। इसके बाद सभी जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कम से कम अभी कुछ महीने के लिए रोक दिया जाए। उसके बाद कुछ पार्ट में निगम हाउस टैक्स बढ़ाए, लेकिन मेयर ने कहा कि इस पर भी शासन से निर्णय होना जरूरी है। ऐसे में सभी जनप्रतिनिधियों ने तय किया कि अब अगली बैठक नगर विकास मंत्री के साथ करेंगे और निगम भी अपने स्तर पर कोई समाधान निकालने का प्रयास करेगा। महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा बैठक अनौपचारिक थी, लेकिन हाउस टैक्स के मुद्दे पर चर्चा हुई है जल्द ही अगले दौर की भी वार्ता होगी।
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वर्जन...
तीनों विधायकों की तरफ से जनता की नाराजगी और हाउस टैक्स को अभी न बढ़ाए जाने के संबंध में मेयर के सामने पक्ष रखा गया। इसमें कई सारे बिंदुओं पर चर्चा हुई, लेकिन अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं निकला है। अब मामले को शासन व पार्टी के स्तर पर ऊपर भी उठाएंगे। पार्टी की महानगर इकाई ने भी अपना पक्ष रखा है। - अजीत पाल त्यागी, विधायक मुरादनगर
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गाजियाबाद। हाउस टैक्स बढ़ोतरी के मुद्दे पर जनता की नाराजगी का मुद्दा अब भाजपा के पार्टी फोरम पर पहुंच गया है। शनिवार को स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग समेत शहर के तीन विधायकों ने मेयर आशा शर्मा के साथ बैठक की। इसमें पार्टी के महानगर अध्यक्ष भी शामिल रहे।
जनप्रतिनिधियों ने बैठक को अनौपचारिक बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि हाउस टैक्स को लेकर चर्चा हुई है और शासन स्तर पर भी मामले को उठाएंगे। इसमें नगर विकास मंत्री से भी मिलने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि बैठक में टैक्स के साथ चुनाव में होने वाले नुकसान को लेकर भी चर्चा की गई। नगर निगम ने हाउस टैक्स में 15 फीसदी की बढ़ोतरी कर वसूली शुरू कर दी है। इसको लेकर लोगों में रोष है। यहां तक की पार्टी से जुड़े जनप्रतिनिधि भी नहीं चाहते हैं कि कोरोना महामारी के दौर में हाउस टैक्स में इजाफा हो। भाजपा महानगर इकाई से जुड़े पदाधिकारियों ने भी मामले को लेकर सोशल मीडिया पर गहरी नाराजगी जताई थी। तमाम विरोध के बीच निगम अपने निर्णय पर कायम रहा। निगम ने तर्क दिया कि वर्ष 2018 के बाद से हाउस टैक्स नहीं बढ़ा है। जबकि प्रतिवर्ष पांच प्रतिशत बढ़ाए जाने की व्यवस्था है। ऊपर से गाजियाबाद नगर निगम प्रदेश के बाकी निगमों से कम टैक्स ले रहा है। जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में इन्हीं बिंदुओं पर चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने मेयर के सामने कहा कि निगम के तर्क सही हैं, लेकिन समय सही नहीं है। जब महामारी के दौर है और लोग जीवन बचाने के साथ आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। रोजगार से लेकर कारोबार में लोगों को नुकसान हुआ है तो फिर कुछ समय रुकना चाहिए था। बताया जा रहा है कि इस पर मेयर ने तर्क दिया कि शासन की मंशा है कि नगर अपने स्तर पर राजस्व वसूली को बढ़ाएं। अगर टैक्स नहीं बढ़ाया तो लोगों को बेहतर सेवा मुहैया कराने में निगम पिछड़ जाएगा।
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चुनावी नुकसान पर भी हुई चर्चा
बताया जा रहा है कि इस पर जनप्रतिनिधियों ने यह भी बात रखी कि हाउस टैक्स ऐसे समय पर बढ़ाया जा रहा है, जिसका पार्टी को 2022 के विधान सभा चुनावों में नुकसान हो सकता है। इसलिए विधान सभा चुनाव के बाद बढ़ाया जाता तो बेहतर होता। कुछ जनप्रतिनिधियों ने कहा कि उसके बाद निकाय चुनाव होने हैं, फिर उनमें नुकसान होगा। इस आधार पर दो साल निकल जाएगा। इसके बाद सभी जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कम से कम अभी कुछ महीने के लिए रोक दिया जाए। उसके बाद कुछ पार्ट में निगम हाउस टैक्स बढ़ाए, लेकिन मेयर ने कहा कि इस पर भी शासन से निर्णय होना जरूरी है। ऐसे में सभी जनप्रतिनिधियों ने तय किया कि अब अगली बैठक नगर विकास मंत्री के साथ करेंगे और निगम भी अपने स्तर पर कोई समाधान निकालने का प्रयास करेगा। महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा बैठक अनौपचारिक थी, लेकिन हाउस टैक्स के मुद्दे पर चर्चा हुई है जल्द ही अगले दौर की भी वार्ता होगी।
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तीनों विधायकों की तरफ से जनता की नाराजगी और हाउस टैक्स को अभी न बढ़ाए जाने के संबंध में मेयर के सामने पक्ष रखा गया। इसमें कई सारे बिंदुओं पर चर्चा हुई, लेकिन अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं निकला है। अब मामले को शासन व पार्टी के स्तर पर ऊपर भी उठाएंगे। पार्टी की महानगर इकाई ने भी अपना पक्ष रखा है। - अजीत पाल त्यागी, विधायक मुरादनगर