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आपत्तिजनक बयानबाजी में करणी सेना का प्रदेशाध्यक्ष गिरफ्तार
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आपत्तिजनक बयानबाजी में करणी सेना का प्रदेश अध्यक्ष गिरफ्तार
गाजियाबाद। आपत्तिजनक बयानबाजी करने के मामले में मसूरी पुलिस ने बुधवार को करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष शेखर चौहान निवासी शामली को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो गत मार्च में डासना देवी मंदिर को लेकर हुए प्रकरण के दौरान का है। किसी ने तीन माह बाद उसे वायरल किया है।
मसूरी स्थित डासना देवी मंदिर के गेट पर कुछ लोगों का प्रवेश वर्जित करने का बोर्ड लगा दिया गया था। गत मार्च माह में एक युवक मंदिर में पानी पीने चला गया था। मंदिर के कर्मचारियों ने उसकी पिटाई कर दी थी। पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के कारण मामले ने तूल पकड़ लिया था। जिसके बाद पुलिस ने मंदिर के दो कर्मचारियों नंदन यादव और शिवानंद यादव के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजा था। इसके बाद धौलाना से विधायक असलम चौधरी ने समर्थकों के साथ मंदिर में पहुंचने की बात कही थी। हालांकि बाद में वह बैकफुट पर आ गए थे। वहीं, विधायक की घोषणा के बाद डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने गत 19 मार्च को मंदिर में महापंचायत बुलाई थी। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद मीटिंग रद हो गई। इसी दिन आपत्तिजनक बयानबाजी हुई थी। वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। मसूरी पुलिस की जांच के दौरान एक आरोपी की पहचान दिल्ली निवासी विकास सहरावत के रूप में हुई थी। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि मार्च माह की ही एक और वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। जिस पर संज्ञान लेते हुए करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष शेखर चौहान को गिरफ्तार किया गया है। राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाला शेखर चौहान मूलरूप से थाना भवन शामली के गांव हरड़ का रहने वाला है। पूर्व मे दर्ज आपत्तिजनक बयानबाजी के मामले में ही उसकी गिरफ्तारी की गई है।
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दो दिन की रिमांड में नहीं मिला कुछ खास
- नाम बदलकर डासना देवी मंदिर में घुसने वाले जीजा-साले से पांच दिन की रिमांड पर पूछताछ कर रही है पूछताछ
गाजियाबाद। डासना देवी मंदिर में नाम बदलकर घुसे जीजा-साले से दो दिन की पूछताछ में पुलिस को कोई खास जानकारी नहीं मिली। एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा का कहना है कि आरोपी जीजा-साले को पांच दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। बुधवार को दो दिन ही हुए हैं। अभी रिमांड के तीन दिन बाकी हैं।
गत दो जून को डासना देवी मंदिर के सेवादारों ने दो संदिग्ध दबोचे थे। मंदिर के गेट पर एंट्री के दौरान एक ने अपना नाम नागपुर निवासी विपुल विजयवर्गीय तथा दूसरे ने काशी गुप्ता लिखवाया था। बाद में काशी गुप्ता नाम लिखवाने वाले युवक की पहचान संजयनगर निवासी कासिफ के रूप में हुई थी। पूछताछ में पता चला कि आरोपी आपस में जीजा-साले हैं। विपुल ने करीब डेढ़ साल पहले कासिफ की बहन से शादी की थी। आरोपियों के बैग से सर्जिकल ब्लेड, वेक्यूम थेरेपी में काम आने वाली मशीन, दवाइयां व विभिन्न धार्मिक पुस्तकें व ग्रंथ बरामद हुए थे। जिसके बाद आरोपियों से मसूरी पुलिस के अलावा आईबी, एटीएस व एलआईयू के अधिकारियों ने भी पूछताछ की थी। विपुल ने बताया था कि वह शास्त्रार्थ करने के लिए महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती से मिलने आया था। वहीं, मंदिर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने आरोप लगाया था कि कट्टरपंथी लोग उनकी हत्या करना चाहते हैं। गत 5 जून को पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड अर्जी लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद 7 जून को फिर से अर्जी लगाई तो कोर्ट ने पांच दिन का रिमांड मंजूर कर लिया। एसपी ग्रामीण का कहना है कि दो दिन रिमांड पर पूछताछ में कोई नई बात सामने नहीं आ सकी है।
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गाजियाबाद। आपत्तिजनक बयानबाजी करने के मामले में मसूरी पुलिस ने बुधवार को करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष शेखर चौहान निवासी शामली को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो गत मार्च में डासना देवी मंदिर को लेकर हुए प्रकरण के दौरान का है। किसी ने तीन माह बाद उसे वायरल किया है।
मसूरी स्थित डासना देवी मंदिर के गेट पर कुछ लोगों का प्रवेश वर्जित करने का बोर्ड लगा दिया गया था। गत मार्च माह में एक युवक मंदिर में पानी पीने चला गया था। मंदिर के कर्मचारियों ने उसकी पिटाई कर दी थी। पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के कारण मामले ने तूल पकड़ लिया था। जिसके बाद पुलिस ने मंदिर के दो कर्मचारियों नंदन यादव और शिवानंद यादव के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजा था। इसके बाद धौलाना से विधायक असलम चौधरी ने समर्थकों के साथ मंदिर में पहुंचने की बात कही थी। हालांकि बाद में वह बैकफुट पर आ गए थे। वहीं, विधायक की घोषणा के बाद डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने गत 19 मार्च को मंदिर में महापंचायत बुलाई थी। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद मीटिंग रद हो गई। इसी दिन आपत्तिजनक बयानबाजी हुई थी। वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। मसूरी पुलिस की जांच के दौरान एक आरोपी की पहचान दिल्ली निवासी विकास सहरावत के रूप में हुई थी। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि मार्च माह की ही एक और वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। जिस पर संज्ञान लेते हुए करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष शेखर चौहान को गिरफ्तार किया गया है। राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाला शेखर चौहान मूलरूप से थाना भवन शामली के गांव हरड़ का रहने वाला है। पूर्व मे दर्ज आपत्तिजनक बयानबाजी के मामले में ही उसकी गिरफ्तारी की गई है।
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दो दिन की रिमांड में नहीं मिला कुछ खास
- नाम बदलकर डासना देवी मंदिर में घुसने वाले जीजा-साले से पांच दिन की रिमांड पर पूछताछ कर रही है पूछताछ
गाजियाबाद। डासना देवी मंदिर में नाम बदलकर घुसे जीजा-साले से दो दिन की पूछताछ में पुलिस को कोई खास जानकारी नहीं मिली। एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा का कहना है कि आरोपी जीजा-साले को पांच दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। बुधवार को दो दिन ही हुए हैं। अभी रिमांड के तीन दिन बाकी हैं।
गत दो जून को डासना देवी मंदिर के सेवादारों ने दो संदिग्ध दबोचे थे। मंदिर के गेट पर एंट्री के दौरान एक ने अपना नाम नागपुर निवासी विपुल विजयवर्गीय तथा दूसरे ने काशी गुप्ता लिखवाया था। बाद में काशी गुप्ता नाम लिखवाने वाले युवक की पहचान संजयनगर निवासी कासिफ के रूप में हुई थी। पूछताछ में पता चला कि आरोपी आपस में जीजा-साले हैं। विपुल ने करीब डेढ़ साल पहले कासिफ की बहन से शादी की थी। आरोपियों के बैग से सर्जिकल ब्लेड, वेक्यूम थेरेपी में काम आने वाली मशीन, दवाइयां व विभिन्न धार्मिक पुस्तकें व ग्रंथ बरामद हुए थे। जिसके बाद आरोपियों से मसूरी पुलिस के अलावा आईबी, एटीएस व एलआईयू के अधिकारियों ने भी पूछताछ की थी। विपुल ने बताया था कि वह शास्त्रार्थ करने के लिए महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती से मिलने आया था। वहीं, मंदिर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने आरोप लगाया था कि कट्टरपंथी लोग उनकी हत्या करना चाहते हैं। गत 5 जून को पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड अर्जी लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद 7 जून को फिर से अर्जी लगाई तो कोर्ट ने पांच दिन का रिमांड मंजूर कर लिया। एसपी ग्रामीण का कहना है कि दो दिन रिमांड पर पूछताछ में कोई नई बात सामने नहीं आ सकी है।