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डॉक्टरों के जाने से इलाज पर ताला

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 28 Aug 2021 12:57 AM IST
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डॉक्टरों के जाने से इलाज पर ताला
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- संयुक्त अस्पताल से सात साल में चले गए 13 डॉक्टर
गाजियाबाद। जिले के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से गंभीर बीमारियों का इलाज नहीं हो पा रहा है। संयुक्त अस्पताल से सात साल में 13 डॉक्टर चले गए, लेकिन उनके स्थान पर दूसरी नियुक्ति नहीं हुई। यही हाल एमएमजी एवं महिला अस्पताल का है। केंद्र एवं राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी भरकम बजट खर्च करती है, लेकिन पर्याप्त स्टाफ न होने से मरीज बेहाल हैं।
संयुक्त अस्पताल 2010 में शुरू हुआ था। उस समय 18 डॉक्टर थे। बाद में कुछ चिकित्सा विशेषज्ञों की तैनाती हुई, लेकिन कुछ डॉक्टरों का तबादला हो गया। अव्यवस्था पर असंतुष्ट कई डॉक्टर अस्पताल छोड़कर चले गए। इसका खामियाजा मरीजों को झेलना पड़ रहा है। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है, इसके बारे में सीएमएस ने पत्र भेजा है। शासन को अवगत कराया जा चुका है।
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38 की जगह अब सिर्फ 16 डॉक्टर
संयुक्त अस्पताल पिछले डेढ़ साल से कोविड अस्पताल बना हुआ था। मानक के अनुसार 24 डॉक्टर होने चाहिए, जबकि ट्रॉमा सेंटर, महिला विंग को मिलाकर अस्पताल में 38 पोस्ट स्वीकृत हैं। ट्रॉमा सेंटर बनने के आठ साल बाद सिर्फ एक एनेस्थेटिस्ट डॉ. सुर्यांशु ओझा की नियुक्ति हो सकी है, वह भी ऑपरेशन थियेटर में काम कर रहे हैं। ट्रॉमा सेंटर में विशेषज्ञ तो दूर सामान्य एमबीबीएस की भी नियुक्ति नहीं हो पाई है। कोविड लेवल-2 के अनुसार अस्पताल में एक मानसिक रोग विशेषज्ञ, चेस्ट फिजिशियन और फिजिशियन की नियुक्ति जरूरी है, इसके बावजूद एक भी डॉक्टर नहीं हैं। इस समय अस्पताल में नेफ्रोलॉजिस्ट की भी जरूरत है, क्योंकि एक महीने में 200 से 250 मरीजों की डायलिसिस हो रही है।
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रिटायर्ड हुए या छोड़ा..फिर नहीं मिला दूसरा डॉक्टर
पिछले सात साल में शहर के तीनों सरकारी अस्पतालों में पांच डॉक्टर रिटायर हो गए और चार छोड़कर चले गए, लेकिन उनकी जगह अभी तक दूसरी नियुक्ति नहीं हो पाई। पूर्व सीएमओ डॉ. एसके त्यागी की कहना है कि पोस्टमार्टम, वीआईपी ड्यूटी, कोर्ट में गवाही देने, कम वेतन और आए दिन सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को देखते हुए नए डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में नहीं आना चाहते हैं।
इनके जाने के बाद नहीं हुई दूसरी तैनाती
संयुक्त अस्पताल
डॉक्टर - विशेषज्ञ - रिटायर्ड/छोड़ दिया - वर्ष
डॉ. सहदेव बालियान - चेस्ट फिजिशियन - तबादला - 2012
डॉ. वीबी ढाका- फिजिशियन - सेवानिवृत्त - 2014
डॉ. राहुल चौधरी - त्वचा रोग विशेषज्ञ - सेवानिवृत्त - 2015
डॉ. नरेंद्र भदौरिया - हृदय रोग विशेषज्ञ - सेवानिवृत्त - 2018
डॉ. दिनेश शर्मा - अस्थि रोग विशेषज्ञ - तबादला - 2019
डॉ. नरेश विज -अस्थि रोग विशेषज्ञ - तबादला - 2020
डॉ. अखिलेश मोहन - सर्जन - तबादला - 2020
डॉ. मुकेश - इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर- छोड़ दिया- 2020
डॉ. हिमांशु निर्वाण - इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर - छोड़ दिया- 2020
डॉ. मानसी - महिला रोग विशेषज्ञ - छोड़ दिया - 2020
डॉ. प्रवीन राका - महिला रोग विशेषज्ञ - सेवानिवृत्त - 2020
डॉ. सरंजू बालियान - महिला रोग विशेषज्ञ - सेवानिवृत्त - 2021
डॉ. सुषमा मित्तल - महिला रोग विशेषज्ञ - छोड़ दिया - 2021
जिला एमएमजी अस्पताल
डॉ. जेके त्यागी - चेस्ट फिजिशियन - तबादला - 2019
महिला अस्पताल
डॉ. दीपा त्यागी - महिला रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन - तबादला - 2020
डबल ड्यूटी कर रहे
एक डॉक्टर को डबल ड्यूटी करनी पड़ रही। इसके बावजूद व्यवस्था बनाई जा रही है। स्वास्थ्य महानिदेशक, सीएमओ को समय-समय पर अवगत कराया जा रहा है।
डॉ. संजय तेवतिया, सीएमएस संयुक्त अस्पताल संजय नगर
जल्द होगी नियुक्ति
शासन स्तर से डॉक्टरों की भर्ती चल रही है। जल्द ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, इसके बाद गाजियाबाद में डॉक्टरों की नियुक्ति होगी।
डॉ. राजकुमार सिंह, अपर निदेशक स्वास्थ्य,
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