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इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल और शिप्रा रिवेरा में पानी के नमूने फेल
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इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल, शिप्रा रिवेरा में पानी पीने लायक नहीं
गाजियाबाद। प्रताप विहार स्थित इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल और शिप्रा रिवेरा सोसायटी में पानी पीने लायक नहीं है। दोनों को स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस जारी किया है। प्रशासन को कार्रवाई के लिए भी पत्र लिखा है। पानी में ई-कोलाई (बैक्टीरिया) पाया गया था। एक सप्ताह में स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 17 स्थानों से पानी की सैंपल लिए थे। इनमें से दो स्थानों के नमूने जांच में असंतोषजनक पाए गए हैं। इसके पहले महागुनपुरम सोसायटी में पीने के पीने में सीवर का पानी पाया गया था।
जिल सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने जिले में पानी की जांच को लेकर कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत शिकायतों के आधार के अलावा भी विभाग रेंडम जांच करेगा। उन्होंने बताया कि शिप्रा रिवेरा सोसायटी के एक टावर से सप्लाई वाले पीने के पानी में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। जिसके आधार पर एक घर से पानी का सैंपल लिया गया। सैंपल की एच2एस जांच की गई। इससे पानी की बैक्टीरियल जांच की जाती है। 15 दिन बाद विभाग फिर से सोसायटी में पानी की रेंडम जांच करेगा। इंदिरापुर पब्लिक स्कूल प्रबंधन को भी नोटिस जारी कर पीने के पानी की गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। पानी जांच की रिपोर्ट प्रशासन को भेजने के साथ संबंधित विभागों को भी कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
महागुनपुरम में दोबारा हुई पानी की जांच
महागुनपुरम सोसायटी में अप्रैल महीने में दूषित पानी पीने से सैकड़ों लोग बीमार हुए थे। इस मामले में काफी हंगामा भी हुआ था। स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाकर लोगों का इलाज किया था। पानी की जांच रिपोर्ट पता चला था कि सीवरेज का पाइप लीक होने से पीने के पानी में मिल गया था। एक सप्ताह पहले भी सोसायटी में हंगामा होने पर पानी के सैंपल लिए गए थे, अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है।
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दावे आधुनिक लैब के फिर भी नहीं है जांच की सुविधा
अधिकारियों ने दावा किया था कि जून से पानी के अलावा कई अन्य जांच भी जिले में शुरू हो जाएगी। इसके लिए प्रदेश स्तरीय आधुनिक लैब बनाई गई है। इसके बावजूद अभी तक पीने के पानी में केमिकल जांच की सुविधा तक नहीं है। यह जांच प्रदूषण विभाग की ओर से की जाती है। विभाग का कहना है कि कई बार सैंपल भेजे गए, लेकिन रिपोर्ट नहीं आई।
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गाजियाबाद। प्रताप विहार स्थित इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल और शिप्रा रिवेरा सोसायटी में पानी पीने लायक नहीं है। दोनों को स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस जारी किया है। प्रशासन को कार्रवाई के लिए भी पत्र लिखा है। पानी में ई-कोलाई (बैक्टीरिया) पाया गया था। एक सप्ताह में स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 17 स्थानों से पानी की सैंपल लिए थे। इनमें से दो स्थानों के नमूने जांच में असंतोषजनक पाए गए हैं। इसके पहले महागुनपुरम सोसायटी में पीने के पीने में सीवर का पानी पाया गया था।
जिल सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने जिले में पानी की जांच को लेकर कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत शिकायतों के आधार के अलावा भी विभाग रेंडम जांच करेगा। उन्होंने बताया कि शिप्रा रिवेरा सोसायटी के एक टावर से सप्लाई वाले पीने के पानी में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। जिसके आधार पर एक घर से पानी का सैंपल लिया गया। सैंपल की एच2एस जांच की गई। इससे पानी की बैक्टीरियल जांच की जाती है। 15 दिन बाद विभाग फिर से सोसायटी में पानी की रेंडम जांच करेगा। इंदिरापुर पब्लिक स्कूल प्रबंधन को भी नोटिस जारी कर पीने के पानी की गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। पानी जांच की रिपोर्ट प्रशासन को भेजने के साथ संबंधित विभागों को भी कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
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महागुनपुरम में दोबारा हुई पानी की जांच
महागुनपुरम सोसायटी में अप्रैल महीने में दूषित पानी पीने से सैकड़ों लोग बीमार हुए थे। इस मामले में काफी हंगामा भी हुआ था। स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाकर लोगों का इलाज किया था। पानी की जांच रिपोर्ट पता चला था कि सीवरेज का पाइप लीक होने से पीने के पानी में मिल गया था। एक सप्ताह पहले भी सोसायटी में हंगामा होने पर पानी के सैंपल लिए गए थे, अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है।
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दावे आधुनिक लैब के फिर भी नहीं है जांच की सुविधा
अधिकारियों ने दावा किया था कि जून से पानी के अलावा कई अन्य जांच भी जिले में शुरू हो जाएगी। इसके लिए प्रदेश स्तरीय आधुनिक लैब बनाई गई है। इसके बावजूद अभी तक पीने के पानी में केमिकल जांच की सुविधा तक नहीं है। यह जांच प्रदूषण विभाग की ओर से की जाती है। विभाग का कहना है कि कई बार सैंपल भेजे गए, लेकिन रिपोर्ट नहीं आई।