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रेंजर ने कहा, मेरी पिस्टल से की थी विघायक के बेटे ने हर्ष फायरिंग
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रेंजर ने कहा, मेरी पिस्टल से की थी विघायक के बेटे ने हर्ष फायरिंग
लोनी। लोनी के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने हर्ष फायरिंग वन विभाग के रेंजर अशोक गुप्ता की लाइसेंसी पिस्टल से की थी। रेंजर ने गलती मानते हुए न केवल अपना बयान दर्ज कराया है बल्कि पिस्टल भी पुलिस को सौंप दी है। इसके बाद घटना की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और पिस्टल की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। इससे साफ हो जाएगा कि यह वही पिस्टल है जो वीडियो में नजर आ रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने रेंजर से कहा था कि वह उस पिस्टल को सौंप दें जिससे हर्ष फायरिंग की गई थी। वह पहले कह रहे थे कि फायरिंग खिलौना पिस्टल से हुई। पुलिस ने उन्हें वायरल वीडियो दिखाते हुए कहा कि अगर खिलौना पिस्टल इस्तेमाल हुई तो फायरिंग के बाद कारतूस का खोखा बाहर क्यों आया? इस पर वह चुप हो गए। उन्होंने शुक्रवार दोपहर को लोनी थाना पहुंचकर कुबूल किया कि उनसे गलती हुई। एसपी देहात डॉ. ईरज राजा ने बताया कि रेंजर ने गलती मानने के साथ अपनी पिस्टल सौंप दी। यह 32 बोर की है। इसे जांच के लिए भेजा जाएगा। उनका बयान दर्ज कर लिया गया है। इससे साफ हो गया है कि हर्ष फायरिंग उनकी पिस्टल से ही की गई थी। पिस्टल का लाइसेंस निरस्त कराने के लिए प्रशासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
विधायक पुत्र की बढ़ी मुश्किल
रेंजर के कुबूलनामे से विधायक पुत्र की मुश्किल बढ़ गई है। एफआईआर में पहला नाम नागेश का है। दूसरा अशोक गुप्ता का है। पुलिस को कार्रवाई के लिए लैब की रिपोर्ट आने का इंतजार है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आला अफसरों ने यह मामला गंभीरता से लिया है। इसलिए, लैब रिपोर्ट आने में देरी नहीं होगी।
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विधायक के दावे को पुलिस ने सही नहीं माना
विधायक नंद किशोर गुर्जर ने बेटे के बचाव में दावा किया था कि फायरिंग असली पिस्टल से नहीं हुई बल्कि एयर गन से हुई। इसका इस्तेमाल बंदर भगाने के लिए किया जाता है। अपने दावे के समर्थन में विधायक ने एक एयरगन को चलाकर भी दिखाया था। पुलिस ने इसे सही नहीं माना और जांच पिस्टल पर ही फोकस रखी।
वन विभाग के गार्ड भी देंगे गवाही
हर्ष फायरिंग का वीडियो 15 जुलाई को वायरल हुआ था। यह पौधरोपण कार्यक्रम का था। इस दौरान वन विभाग के गार्ड भी मौजूद थे। वे वीडियो में भी नजर आ रहे हैं। पुलिस उनका बयान दर्ज करेगी। उन्हें गवाह बनाया जाएगा। मौके पर मौजूद रहे अन्य लोगों से भी पूछताछ होगी।
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लोनी। लोनी के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने हर्ष फायरिंग वन विभाग के रेंजर अशोक गुप्ता की लाइसेंसी पिस्टल से की थी। रेंजर ने गलती मानते हुए न केवल अपना बयान दर्ज कराया है बल्कि पिस्टल भी पुलिस को सौंप दी है। इसके बाद घटना की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और पिस्टल की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। इससे साफ हो जाएगा कि यह वही पिस्टल है जो वीडियो में नजर आ रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने रेंजर से कहा था कि वह उस पिस्टल को सौंप दें जिससे हर्ष फायरिंग की गई थी। वह पहले कह रहे थे कि फायरिंग खिलौना पिस्टल से हुई। पुलिस ने उन्हें वायरल वीडियो दिखाते हुए कहा कि अगर खिलौना पिस्टल इस्तेमाल हुई तो फायरिंग के बाद कारतूस का खोखा बाहर क्यों आया? इस पर वह चुप हो गए। उन्होंने शुक्रवार दोपहर को लोनी थाना पहुंचकर कुबूल किया कि उनसे गलती हुई। एसपी देहात डॉ. ईरज राजा ने बताया कि रेंजर ने गलती मानने के साथ अपनी पिस्टल सौंप दी। यह 32 बोर की है। इसे जांच के लिए भेजा जाएगा। उनका बयान दर्ज कर लिया गया है। इससे साफ हो गया है कि हर्ष फायरिंग उनकी पिस्टल से ही की गई थी। पिस्टल का लाइसेंस निरस्त कराने के लिए प्रशासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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विधायक पुत्र की बढ़ी मुश्किल
रेंजर के कुबूलनामे से विधायक पुत्र की मुश्किल बढ़ गई है। एफआईआर में पहला नाम नागेश का है। दूसरा अशोक गुप्ता का है। पुलिस को कार्रवाई के लिए लैब की रिपोर्ट आने का इंतजार है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आला अफसरों ने यह मामला गंभीरता से लिया है। इसलिए, लैब रिपोर्ट आने में देरी नहीं होगी।
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विधायक के दावे को पुलिस ने सही नहीं माना
विधायक नंद किशोर गुर्जर ने बेटे के बचाव में दावा किया था कि फायरिंग असली पिस्टल से नहीं हुई बल्कि एयर गन से हुई। इसका इस्तेमाल बंदर भगाने के लिए किया जाता है। अपने दावे के समर्थन में विधायक ने एक एयरगन को चलाकर भी दिखाया था। पुलिस ने इसे सही नहीं माना और जांच पिस्टल पर ही फोकस रखी।
वन विभाग के गार्ड भी देंगे गवाही
हर्ष फायरिंग का वीडियो 15 जुलाई को वायरल हुआ था। यह पौधरोपण कार्यक्रम का था। इस दौरान वन विभाग के गार्ड भी मौजूद थे। वे वीडियो में भी नजर आ रहे हैं। पुलिस उनका बयान दर्ज करेगी। उन्हें गवाह बनाया जाएगा। मौके पर मौजूद रहे अन्य लोगों से भी पूछताछ होगी।