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सरकारी में 30 फीसदी तो प्राइवेट में 10 फीसदी ही पहुंचे छात्र
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सरकारी में 30 फीसदी तो प्राइवेट में 10 फीसदी ही पहुंचे छात्र
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के बाद 16 अगस्त को पहले दिन निजी में कम और सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राएं ज्यादा पहुंचे। निजी निजी स्कूलों में जहां 5 से 20 फीसदी छात्र-छात्राएं पहुंचे, वहीं सरकारी स्कूल में 20 से 30 प्रतिशत छात्र-छात्राओं का आना हुआ। स्कूलों का कहना है कि तीसरी लहर के कारण अभिभावक बच्चों को भेजने में डरे हुए हैं। जिले के अंदर 40 फीसदी स्कूल ही पहले दिन खुले। बच्चों को थर्मल स्केनिंग के बाद ही स्कूल में प्रवेश दिलाया गया। सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखा। जबकि कुछ स्थानों पर धज्जियां उड़ती हुई नजर आईं।
कोरोना की दूसरी लहर के बाद प्रदेश सरकार ने कक्षा नौ से 12 तक के स्कूल 16 अगस्त से खोलने के आदेश दिए थे। इसके लिए सभी अभिभावकों से सहमति पत्र भी मांगे गए थे। निजी स्कूलों में अधिकतर अभिभावकों ने सहमति पत्र नहीं दिए हैं। यही कारण रहा कि निजी स्कूलों में केवल 5 से 20 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही स्कूल गए। जबकि सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या ज्यादा रही।
दो पालियों में कराई पढ़ाई
विद्यालय के अंदर कक्षा 9 से 12 तक दो हजार छात्र पंजीकृत हैं। इसमें से दोनों पालियों में 700 छात्र स्कूल में पढ़ाई करने के लिए आए। बच्चों की थर्मल स्केनिंग कराई गई। पहली पाली में 425 और दूसरी पाली में 275 बच्चे शामिल रहे।
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देवेंद्र कुमार, प्रधानाचार्य शंभु दयाल इंटर कालेज
25 प्रतिशत पहुंची छात्राएं
पहले दिन दोनों पालियों में करीब 25 प्रतिशत छात्राएं विद्यालय में आईं। सहमति पत्र ज्यादा छात्राओं के आए हैं। इससे लगातार संख्या बढ़ेगी। दोनों पालियों में बच्चों को पढ़ाने की व्यवस्था की गई है। शिक्षकों को परेशानी हो रही है।
हेमलता राजपूत, प्रधानाचार्य एमबी गर्ल्स इंटर कालेज
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गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के बाद 16 अगस्त को पहले दिन निजी में कम और सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राएं ज्यादा पहुंचे। निजी निजी स्कूलों में जहां 5 से 20 फीसदी छात्र-छात्राएं पहुंचे, वहीं सरकारी स्कूल में 20 से 30 प्रतिशत छात्र-छात्राओं का आना हुआ। स्कूलों का कहना है कि तीसरी लहर के कारण अभिभावक बच्चों को भेजने में डरे हुए हैं। जिले के अंदर 40 फीसदी स्कूल ही पहले दिन खुले। बच्चों को थर्मल स्केनिंग के बाद ही स्कूल में प्रवेश दिलाया गया। सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखा। जबकि कुछ स्थानों पर धज्जियां उड़ती हुई नजर आईं।
कोरोना की दूसरी लहर के बाद प्रदेश सरकार ने कक्षा नौ से 12 तक के स्कूल 16 अगस्त से खोलने के आदेश दिए थे। इसके लिए सभी अभिभावकों से सहमति पत्र भी मांगे गए थे। निजी स्कूलों में अधिकतर अभिभावकों ने सहमति पत्र नहीं दिए हैं। यही कारण रहा कि निजी स्कूलों में केवल 5 से 20 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही स्कूल गए। जबकि सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या ज्यादा रही।
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दो पालियों में कराई पढ़ाई
विद्यालय के अंदर कक्षा 9 से 12 तक दो हजार छात्र पंजीकृत हैं। इसमें से दोनों पालियों में 700 छात्र स्कूल में पढ़ाई करने के लिए आए। बच्चों की थर्मल स्केनिंग कराई गई। पहली पाली में 425 और दूसरी पाली में 275 बच्चे शामिल रहे।
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देवेंद्र कुमार, प्रधानाचार्य शंभु दयाल इंटर कालेज
25 प्रतिशत पहुंची छात्राएं
पहले दिन दोनों पालियों में करीब 25 प्रतिशत छात्राएं विद्यालय में आईं। सहमति पत्र ज्यादा छात्राओं के आए हैं। इससे लगातार संख्या बढ़ेगी। दोनों पालियों में बच्चों को पढ़ाने की व्यवस्था की गई है। शिक्षकों को परेशानी हो रही है।
हेमलता राजपूत, प्रधानाचार्य एमबी गर्ल्स इंटर कालेज