फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghazibad news

एक हजार करोड़ की डोज से रफ्तार पकड़ेंगे गाजियाबाद के उद्योग

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 22 Feb 2021 12:08 AM IST
विज्ञापन
ghazibad news
ghazibad news - फोटो : GHAZIABAD City
एक हजार करोड़ की डोज से रफ्तार पकड़ेंगे गाजियाबाद के उद्योग
विज्ञापन

गाजियाबाद। कोरोना महामारी से लड़खड़ाते सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) को एक बार फिर से बूस्टर डोज मिलेगा। केंद्र सरकार ने आम बजट में 15700 करोड़ की घोषणा एमएसएमई के लिए की है। जिले में एक हजार करोड़ से अधिक की राशि एमएसएमई के लिए आवंटित की जा सकती है, जिससे करीब 12 हजार इकाईयों को फायदा होगा। अधिकारियों का कहना है कि पैकेज से उद्योगों को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
गाजियाबाद में लोहे और स्टील के यांत्रिकी उत्पादों की सबसे अधिक इकाईयां हैं। एमएसएमई सेक्टर की लगभग 16 हजार इकाईयों में देश-विदेश के लिए मशीनों को तैयार किया जाता है। ऑटो, इलेक्ट्रोनिक्स, एग्रीकल्चर, मेडीकल इंस्ट्रूमेंट, स्टील फेब्रिकेशन सहित अन्य ट्रेड में उत्पादन यहां होता है। कोरोना काल में गाजियाबाद के उद्योगों को आर्थिक तौर पर संकट झेलना पड़ा था। इसके बाद केंद्र सरकार के कोरोना पैकेज से जनपद की 11270 पात्र इकाईयों को बिना गारंटी लोन के लिए चयनित किया गया था। 1200 करोड़ के इस पैकेज में 8637 से अधिक इकाईयों को सहायता दी गई थी। इसके बाद अब आम बजट में एमएसएमई के लिए घोषणा से जिले के सुस्त उद्योगों को रफ्तार मिल सकती है। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि बजट में घोषित पैकेज उद्यमियों को बिना गारंटी के मिलेगा या फिर गारंटी के साथ इसे दिया जाएगा। लीड बैंक प्रबंधक एसपी सिंह ने बताया कि एमएसएमई को कोरोना के दौरान केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक लाभ दिलाया गया, 95 फीसद लक्ष्य को बैंकों ने पूरा किया था। आगे भी पैकेज को लेकर जो गाइडलाइन मिलेंगी उनका पालन कराते हुए उद्योगों को लाभ दिलाया जाएगा।
विज्ञापन

12 हजार एमएसएमई को है जरूरत
गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन का अनुमान है कि जिले में मशीनरी उत्पादन करने वाली करीब 12 हजार इकाईयों को राहत पैकेज की जरूरत है। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि करीब एक हजार करोड़ गाजियाबाद के हिस्से में आएंगे लेकिन इस राशि को बढ़ाकर तीन से चार हजार करोड़ करने की जरूरत है। खासकर सूक्ष्म कैटेगिरी की इकाईयों को राहत पैकेज की अधिक जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन के अध्यक्ष अरूण शर्मा ने कहा कि एमएसएमई के लिए पैकेज अप्रैल के बाद मिल सकता है। एक हजार करोड़ जिले के खाते में आ सकते हैं, इसे बढ़ाया जाए और बैंकों से भी उद्योगों को पूरा सहयोग मिले।

एसोसिएशन ऑफ मैन्युफेक्चरर्स बीएसआर रोड इंडस्ट्रियल एरिया के महासचिव राजीव अरोड़ा कहते हैं कि जिले की कई एमएसएमई को कोरोना के दौरान बैंकों से सपोर्ट न मिलने के कारण नहीं हुआ। कोरोना के दौरान बिना गारंटी के लोन सरकार ने दिया लेकिन बैंकों की शर्तें लागू रहीं। स्पष्ट गाइडलाइन के साथ बैंकों से सपोर्ट दिलाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed