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पाबंदी के बाद भी जलाया जा रहा कूड़ा, खुले में चल रहा निर्माण
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पाबंदी के बाद भी जलाया जा रहा कूड़ा, खुले में चल रहा निर्माण
गाजियाबाद/साहिबाबाद। दक्षिण पश्चिम की दिशा में सात किलोमीटर की रफ्तार से चली हवा ने शहर को वायु प्रदूषण से मामूली राहत दी है। रविवार को जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक 24 अंक गिरकर 344 पर रिकॉर्ड किया गया। गाजियाबाद देश के प्रदूषित शहरों की श्रेणी में छठे पायदान पर पहुंच गया है। पाबंदी के बाद भी कई स्थानों पर खुले में निर्माण कार्य चलता रहा और कूड़ा जलाया गया। पीसीबी के अधिकारी सोमवार और मंगलवार तक प्रदूषण स्तर में औसत श्रेणी में आने की संभावना जता रहे हैं। उधर, वसुंधरा स्टेशन की हालत सबसे खराब रही। यहां एक्यूआई 374 पर पहुंच गया जो अस्थमा और दिल के मरीजों के लिए काफी खतरनाक है।
पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि नगर निगम और जीडीए ने प्रदूषण को कम करने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव शुरू करा दिया है। इसके साथ हवा की गति भी रोजाना बढ़ रही है। दो किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने पर प्रदूषण के कण जमीन पर नहीं गिर रहे थे। हालांकि निर्माण साइटों पर पानी का छिड़काव करने में भी कोताही बरती जा रही थी। इसको लेकर नगर निगम व जीडीए अधिकारियों से बात की गई है। प्रदूषण के स्तर में भले ही मामूली गिरावट आई है लेकिन अभी भी वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक जोन है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि घरों के आगे कूड़ा और गंदगी डालकर उसे नहीं जलाएं। इससे पीएम10 का असर ज्यादा बढ़ेगा और लोगों के फेफड़ों पर बुरा प्रभाव डालेगा।
यहां जलाया गया कूड़ा
कविनगर बी ब्लाक में सर्विस रोड के किनारे सुबह किसी ने आग लगा दी। इसके धुएं से आसपास धुंध होने लगी।
यहां चल रहा निर्माण
गोविंदपुरम विष्णु एंक्लेव में बिना ग्रीन पर्दा डाले खुले में बिल्डिंग का निर्माण चल रहा है। इसके अलावा राजनगर सेक्टर 10 में खुले में निर्माण कराया जा रहा है।
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार का कहना है कि ग्रैप के नियमों का पालन कराया जा रहा है। कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा। रविवार को छठ पूजा की व्यवस्था में सभी कर्मचारी लगे रहे। फिलहाल कहीं से कूड़ा जलाने की कोई शिकायत नहीं मिली है।
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गाजियाबाद/साहिबाबाद। दक्षिण पश्चिम की दिशा में सात किलोमीटर की रफ्तार से चली हवा ने शहर को वायु प्रदूषण से मामूली राहत दी है। रविवार को जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक 24 अंक गिरकर 344 पर रिकॉर्ड किया गया। गाजियाबाद देश के प्रदूषित शहरों की श्रेणी में छठे पायदान पर पहुंच गया है। पाबंदी के बाद भी कई स्थानों पर खुले में निर्माण कार्य चलता रहा और कूड़ा जलाया गया। पीसीबी के अधिकारी सोमवार और मंगलवार तक प्रदूषण स्तर में औसत श्रेणी में आने की संभावना जता रहे हैं। उधर, वसुंधरा स्टेशन की हालत सबसे खराब रही। यहां एक्यूआई 374 पर पहुंच गया जो अस्थमा और दिल के मरीजों के लिए काफी खतरनाक है।
पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि नगर निगम और जीडीए ने प्रदूषण को कम करने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव शुरू करा दिया है। इसके साथ हवा की गति भी रोजाना बढ़ रही है। दो किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने पर प्रदूषण के कण जमीन पर नहीं गिर रहे थे। हालांकि निर्माण साइटों पर पानी का छिड़काव करने में भी कोताही बरती जा रही थी। इसको लेकर नगर निगम व जीडीए अधिकारियों से बात की गई है। प्रदूषण के स्तर में भले ही मामूली गिरावट आई है लेकिन अभी भी वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक जोन है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि घरों के आगे कूड़ा और गंदगी डालकर उसे नहीं जलाएं। इससे पीएम10 का असर ज्यादा बढ़ेगा और लोगों के फेफड़ों पर बुरा प्रभाव डालेगा।
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यहां जलाया गया कूड़ा
कविनगर बी ब्लाक में सर्विस रोड के किनारे सुबह किसी ने आग लगा दी। इसके धुएं से आसपास धुंध होने लगी।
यहां चल रहा निर्माण
गोविंदपुरम विष्णु एंक्लेव में बिना ग्रीन पर्दा डाले खुले में बिल्डिंग का निर्माण चल रहा है। इसके अलावा राजनगर सेक्टर 10 में खुले में निर्माण कराया जा रहा है।
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार का कहना है कि ग्रैप के नियमों का पालन कराया जा रहा है। कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा। रविवार को छठ पूजा की व्यवस्था में सभी कर्मचारी लगे रहे। फिलहाल कहीं से कूड़ा जलाने की कोई शिकायत नहीं मिली है।