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एक्यूआई @ 384 : दूसरे दिन भी देश का सबसे प्रदूषित रहा गाजियाबाद
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एक्यूआई @ 384 : दूसरे दिन भी देश का सबसे प्रदूषित रहा गाजियाबाद
साहिबाबाद। शुक्रवार को दूसरे दिन भी जिले का प्रदूषण स्तर देश के प्रदूषित शहरों में सबसे ऊपर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) रेड जोन में 384 दर्ज हुआ। वसुंधरा और इंदिरापुरम का एक्यूआई लोनी स्टेशन के पीछे छोड़कर सेवियर जोन यानी बेहद खराब श्रेणी में 411 व 408 पर पहुंच गया है जबकि लोनी में एक्यूआई 402 है। संजय नगर स्टेशन की हालत भी लगातार बिगड़ रही है। ऐसे में ग्रैप के तीसरे चरण को नियमों का पालन कराने में लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।
पीसीबी की मॉनिटरिंग साइट में गाजियाबाद के बाद देश के प्रदूषित शहरों की श्रेणी में नोएडा का एक्यूआई 371 पर दूसरे नंबर पर व समस्तीपुर का एक्यूआई 366 तीसरे नंबर पर रिकॉर्ड हुआ। यहां लगातार प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण हवा की धीमी और टूटी सड़कों से उड़ रही धूल मिट्टी व दिवाली पर छूटे पटाखों का धुआं माना जा रहा है। शुक्रवार को जिले के एक्यूआई में 11 अंकों की बढ़ोतरी हुई है जो बृहस्पतिवार को प्रदूषण स्तर 373 पर देश का सबसे प्रदूषित शहर मापा गया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि इंदिरापुरम में प्रदूषण बढ़ने के तीन कारण सामने आए हैं। इनमें निर्माण कार्यों की गतिविधियां, यातायात जाम के दौरान वाहनों से फैलता धुआं व खुले में रखा निर्माण सामग्री हैं। इसी तरह वसुंधरा में भी आरआरटीएस का निर्माण यार्ड, आवास विकास परिषद के खुले प्लाटों में फैली गंदगी से प्रदूषण का प्रभाव बढ़ रहा है।
यह सावधानियां बरतें
- सुबह सैर करते हुए मास्क जरूर लगाएं
- घर के बाहर कूड़े के ढेर को साफ करा दें या धूल-मिट्टी पर पानी का छिड़काव करें
- अस्थमा के मरीज बेहद जरूरी कार्य के लिए ही बाहर निकलें
- संभव हो तो घर में ही योग क्रियाएं या एक्सरसाइज करें
- नियमित रूप से श्वसन संबंधी व्यायाम करें
- वाहन चलाते समय कार के शीशे बंद रखें
- रोजाना गर्म पानी ही पीयें
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साहिबाबाद। शुक्रवार को दूसरे दिन भी जिले का प्रदूषण स्तर देश के प्रदूषित शहरों में सबसे ऊपर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) रेड जोन में 384 दर्ज हुआ। वसुंधरा और इंदिरापुरम का एक्यूआई लोनी स्टेशन के पीछे छोड़कर सेवियर जोन यानी बेहद खराब श्रेणी में 411 व 408 पर पहुंच गया है जबकि लोनी में एक्यूआई 402 है। संजय नगर स्टेशन की हालत भी लगातार बिगड़ रही है। ऐसे में ग्रैप के तीसरे चरण को नियमों का पालन कराने में लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।
पीसीबी की मॉनिटरिंग साइट में गाजियाबाद के बाद देश के प्रदूषित शहरों की श्रेणी में नोएडा का एक्यूआई 371 पर दूसरे नंबर पर व समस्तीपुर का एक्यूआई 366 तीसरे नंबर पर रिकॉर्ड हुआ। यहां लगातार प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण हवा की धीमी और टूटी सड़कों से उड़ रही धूल मिट्टी व दिवाली पर छूटे पटाखों का धुआं माना जा रहा है। शुक्रवार को जिले के एक्यूआई में 11 अंकों की बढ़ोतरी हुई है जो बृहस्पतिवार को प्रदूषण स्तर 373 पर देश का सबसे प्रदूषित शहर मापा गया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि इंदिरापुरम में प्रदूषण बढ़ने के तीन कारण सामने आए हैं। इनमें निर्माण कार्यों की गतिविधियां, यातायात जाम के दौरान वाहनों से फैलता धुआं व खुले में रखा निर्माण सामग्री हैं। इसी तरह वसुंधरा में भी आरआरटीएस का निर्माण यार्ड, आवास विकास परिषद के खुले प्लाटों में फैली गंदगी से प्रदूषण का प्रभाव बढ़ रहा है।
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यह सावधानियां बरतें
- सुबह सैर करते हुए मास्क जरूर लगाएं
- घर के बाहर कूड़े के ढेर को साफ करा दें या धूल-मिट्टी पर पानी का छिड़काव करें
- अस्थमा के मरीज बेहद जरूरी कार्य के लिए ही बाहर निकलें
- संभव हो तो घर में ही योग क्रियाएं या एक्सरसाइज करें
- नियमित रूप से श्वसन संबंधी व्यायाम करें
- वाहन चलाते समय कार के शीशे बंद रखें
- रोजाना गर्म पानी ही पीयें