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बवाना गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार
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बवाना गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार
कौशांबी। पुलिस ने नकली नोटों की गड्डी पर सौ रुपये का नोट लगाकर उसे कम कीमत में देने का झांसा देकर लोगों से गहने और अन्य सामान ठगने वाले बवाना गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यदि कोई गिरोह के झांसे में नहीं आता तो उसे पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ पिलाकर बेसुध कर देते थे। पुलिस ने चारों से सौ के नोट लगी चार कागज की गड्डी, 600 नशीली गोलियां, एक स्कूटी व बाइक बरामद की है।
कौशांबी थाना प्रभारी प्रभात कुमार दीक्षित का कहना है कि गिरोह का सरगना विक्रम उर्फ बाबूलाल उर्फ विशाल निवासी जेजे कालोनी बवाना दिल्ली के साथ मनोज, संजीव निवासी जसवीर नगर हापुड़ और अरविंद निवासी बुलंदशहर को गिरफ्तार किया है। सरगना विक्रम डेढ़ माह पूर्व दिल्ली मंडावली जेल से छूटकर बाहर आया था। इसके पहले गिरोह के अन्य सदस्य लोगों को नशीली गोलियां पेय पदार्थ मिलकर पिलाने की कई ठगी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
चारों लोगों ने कागजों की गड्डियां बनाकर उसके ऊपर सौ रुपये के असली नोट लगाते थे जिसे बस अड्डे, टेंपो स्टैंड और अन्य सार्वजनिक जगह पर लोगों को दिखाकर कम कीमत में देने का झांसा देते थे। जैसे ही लोग इनकी योजना में फंसते थे तो उनसे जेवरात और चांदी का सामान व पर्स में रखी नकदी उड़ा लेते थे। जब तक लोगों को ठगी का पता चलता था तब तक शातिर बाइक या स्कूटी से फरार हो जाते थे। सरगना विक्रम पर दिल्ली और एनसीआर के अन्य थानों में 24 मुकदमे दर्ज हैं।
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चौराहे पर गाड़ी चालकों को रोककर निशाना बनाता था गिरोह:
उपनिरीक्षक अमित सोनी ने बताया कि गिरोह के लोग बस अड्डे पर गाड़ियों को रोककर उनमें बैठे चालकों को निशाना बनाते थे। योजना के तहत वह नोटों की गड्डियां दिखाकर कहते थे कि वह अपने मालिक से छुपाकर पैसे लाए हैं। यदि इसे वह बैंक में जमा करेंगे तो पकड़े जाएंगे, लेकिन वह उन्हें 5000 रुपये के बदले 10 हजार रुपये की गड्डी देने का झांसा देकर योजना में फंसाते थे। पुलिस इनके अन्य साथियों की भी तलाश कर रही है। थाना प्रभारी का कहना है कि गिरोह के अन्य लोग भी एनसीआर में अलग-अलग जगह सक्रिय हैं। उनकी तलाश कर रहे हैं।
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कौशांबी। पुलिस ने नकली नोटों की गड्डी पर सौ रुपये का नोट लगाकर उसे कम कीमत में देने का झांसा देकर लोगों से गहने और अन्य सामान ठगने वाले बवाना गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यदि कोई गिरोह के झांसे में नहीं आता तो उसे पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ पिलाकर बेसुध कर देते थे। पुलिस ने चारों से सौ के नोट लगी चार कागज की गड्डी, 600 नशीली गोलियां, एक स्कूटी व बाइक बरामद की है।
कौशांबी थाना प्रभारी प्रभात कुमार दीक्षित का कहना है कि गिरोह का सरगना विक्रम उर्फ बाबूलाल उर्फ विशाल निवासी जेजे कालोनी बवाना दिल्ली के साथ मनोज, संजीव निवासी जसवीर नगर हापुड़ और अरविंद निवासी बुलंदशहर को गिरफ्तार किया है। सरगना विक्रम डेढ़ माह पूर्व दिल्ली मंडावली जेल से छूटकर बाहर आया था। इसके पहले गिरोह के अन्य सदस्य लोगों को नशीली गोलियां पेय पदार्थ मिलकर पिलाने की कई ठगी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
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चारों लोगों ने कागजों की गड्डियां बनाकर उसके ऊपर सौ रुपये के असली नोट लगाते थे जिसे बस अड्डे, टेंपो स्टैंड और अन्य सार्वजनिक जगह पर लोगों को दिखाकर कम कीमत में देने का झांसा देते थे। जैसे ही लोग इनकी योजना में फंसते थे तो उनसे जेवरात और चांदी का सामान व पर्स में रखी नकदी उड़ा लेते थे। जब तक लोगों को ठगी का पता चलता था तब तक शातिर बाइक या स्कूटी से फरार हो जाते थे। सरगना विक्रम पर दिल्ली और एनसीआर के अन्य थानों में 24 मुकदमे दर्ज हैं।
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चौराहे पर गाड़ी चालकों को रोककर निशाना बनाता था गिरोह:
उपनिरीक्षक अमित सोनी ने बताया कि गिरोह के लोग बस अड्डे पर गाड़ियों को रोककर उनमें बैठे चालकों को निशाना बनाते थे। योजना के तहत वह नोटों की गड्डियां दिखाकर कहते थे कि वह अपने मालिक से छुपाकर पैसे लाए हैं। यदि इसे वह बैंक में जमा करेंगे तो पकड़े जाएंगे, लेकिन वह उन्हें 5000 रुपये के बदले 10 हजार रुपये की गड्डी देने का झांसा देकर योजना में फंसाते थे। पुलिस इनके अन्य साथियों की भी तलाश कर रही है। थाना प्रभारी का कहना है कि गिरोह के अन्य लोग भी एनसीआर में अलग-अलग जगह सक्रिय हैं। उनकी तलाश कर रहे हैं।