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मकान का मलबा ऊपर गिरने से हुई थी चारों की मौत, आग से शरीर भी झुलसा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 07 Oct 2022 01:15 AM IST
सार

मकान का मलबा ऊपर गिरने से हुई थी चारों की मौत, आग से शरीर भी झुलसा लोनी।बब्लू गार्डन कॉलोनी में सिलिंडर फटने से हुए धमाके के बाद दो मंजिला मकान के मलबे में दबकर सभी चार लोगों की मौत हुई थी।जांच में सामने आया है कि सिलिंडर लीकेज के बाद आग से सभी झुलस गए थे।

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विस्तार

मकान का मलबा ऊपर गिरने से हुई थी चारों की मौत, आग से शरीर भी झुलसा
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लोनी। बब्लू गार्डन कॉलोनी में सिलिंडर फटने से हुए धमाके के बाद दो मंजिला मकान के मलबे में दबकर सभी चार लोगों की मौत हुई थी। जांच में सामने आया है कि सिलिंडर लीकेज के बाद आग से सभी झुलस गए थे। पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार को सभी मृतकों का सुपुर्द-ए-खाक किया गया है। घटना में घायल मेहराज और बेबी की हालत में सुधार हो रहा है। पुलिस ने मलबे से क्षतिग्रस्त सिलिंडर भी बरामद कर जांच के लिए भेज दिया है।
हादसे में मकान मालिक मुनीर की बेटी सानिया (16), पुत्रवधू रुकैया (24), 10 माह की पोती इनायत और भांजी सबनूर (23) की मौत हुई थी। बृहस्पतिवार सुबह सानिया का शव लोनी पहुंचा। परिजनों ने सुबह 11:30 बजे उसका कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया जबकि रूकैया और इनायत के शव को मायके पक्ष के लोग हापुड़ ले गए। सबनूर का फर्रूखनगर स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक हुआ। मुनीर रात करीब 11:30 बजे भोपाल से लोनी पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि वह खुशहाल परिवार को छोड़कर भोपाल काम से गए थे, नहीं पता था कि ऐसा हादसा हो जाएगा। वह अस्पताल में भर्ती पत्नी मेहराज से भी नहीं मिले। उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई हैं। एसडीएम संतोष राय ने मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए उनके परिजनों को पांच हजार रुपये की सहायता प्रदान की। साथ ही कहा कि और आर्थिक मदद दिलाने के लिए प्रक्रिया की जा रही है। सीपीएम के पदाधिकारी जाबीर कुरैसी समेत अन्य लोग भी परिवार से मिले। उन्होंने परिवार को आर्थिक मदद की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
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औलाद नहीं थी तो सबनूर को गोद लिया था :
फर्रूखनगर गांव में युनूस सिलाई का काम करते हैं। पत्नी नाजमा और उन्होंने सबनूर को गोद लिया था। दोनों ने पालन पोषण के दौरान काफी प्यार भी दिया। सबनूर पांचवी तक ही पढ़ाई कर सकी। वह मुनीर के रिश्तेदार हैं, लिहाजा दोनों परिवार का एक-दूसरे घर आना जाना हैं। मंगलवार सुबह सबनूर मुनीर के घर गई थी। तब उनकी बेटी की आखिरी बार बात हुई थी। बताया कि तीन माह पूर्व सबनूर का रिश्ता मेरठ के सरधना में किया था। दो माह पहले सगाई होने के बाद अब दिसंबर में निकाह होना था। कुछ दिनों बाद खत भेजकर परिवार के लोग निकाह की तैयारी कर रहे थे।
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चाचा के साथ सामान लेने घर निकला था अयान:
मुनीर के परिजनों ने बताया कि घटना से ठीक एक मिनट पहले ही अयान पड़ोस की दुकान से खाने का सामान दिलाने की जिद करने लगा। उनके चाचा मोहसिन उसे सामान दिलाने गए थे तभी अचानक मकान धमाके के साथ गिर गया। यदि दोनों दोनों घर में होते तो, उनकी भी जान जा सकती थी।
घायलों को बाइक और ई-रिक्शा से ले गए अस्पताल:
परिवार के लोगों का कहना है कि मलबे में दबे लोगों को आसपास के लोगों की मदद से बाहर निकाला। परिवार या पड़ोस के किसी भी व्यक्ति ने एंबुलेस का इंतजार नहीं किया बल्कि बाइक और ई-रिक्शा से घायलों को लोनी सीएचसी ले गए थे।

लोनी कोतवाली प्रभारी अजय चौधरी ने बताया कि सानिया, इनायत और सबनूर का गाजियाबाद में पोस्टमार्टम हुआ हैं। वही रुकैया का पोस्टमार्टम दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में हुआ है। सभी की मौत आग में झुलसने और मलबे में दबने से हुई है। मौके से बरामद सिलिंडर को एफएसएल जांच के लिए भेज दिया है।
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