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असली फोन दिखाकर नकली बेचने वाला टप्पेबाज गिरफ्तार
सार
टीला मोड़ पुलिस ने असली फोन बेचने के बहाने राहगीरों को कवर के साथ डमी फोन देकर टप्पेबाजी करने वाले शातिर मोहसीन निवासी पसौंडा को गिरफ्तार किया है। उसके पास से पुलिस ने कानपुर और लखनऊ में की गई टप्पेबाजी के 15 मोबाइल फोन, पांच डमी, 20 मोबाइल कवर और 2500 रुपये बरामद किए हैं। चलते हुए राहगीरों को बना लेता था शिकारथाना प्रभारी भुवनेश्वर सिंह का कहना है कि मोहसीन के बैग में कई मोबाइल फोन और डमी होते थे, जिन्हें दिखाकर वह सड़क पर चलते-फिरते राहगीर को शिकार बनाकर जाल में फंसा लेता था।
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विस्तार
असली फोन दिखाकर नकली बेचने वाला टप्पेबाज गिरफ्तार
साहिबाबाद। टीला मोड़ पुलिस ने असली फोन बेचने के बहाने राहगीरों को कवर के साथ डमी फोन देकर टप्पेबाजी करने वाले शातिर मोहसीन निवासी पसौंडा को गिरफ्तार किया है। उसके पास से पुलिस ने कानपुर और लखनऊ में की गई टप्पेबाजी के 15 मोबाइल फोन, पांच डमी, 20 मोबाइल कवर और 2500 रुपये बरामद किए हैं। आरोपी 2007 से अलग-अलग राज्यों में टप्पेबाजी के मामले में जेल भी जा चुका है।
क्षेत्राधिकारी साहिबाबाद स्वतंत्र कुमार ने बताया कि मोहसीन ने पसौंडा में रहकर टप्पेबाजी का खेल सीखा था। यहां उसने कई लोगों को महंगे फोन दिखाकर सस्ते दाम में बेचने का लालच दिया था। शातिर 15 से 10 हजार के बीच डील पक्की कर महज पांच मिनट के अंदर बैग से मोबाइल को कवर पैक डमी से बदलकर ठग लेता था। वह इतना शातिर था कि राहगीर डमी के पैक को जल्दी नहीं खोल पाए इसके लिए वह पैकेट को फेवीक्विक से चिपका देता था, जिससे वह तुरंत वहां से फरार हो जाए। सीओ ने बताया कि मोहसीन 2007 में पहली बार गुजरात के सूरत से गिरफ्तार होकर जेल गया था। इसके बाद 2011 में मुंबई के खारगव और 2014 में आंध्र प्रदेश के निर्मल से सजा काट चुका है। पूछताछ में बताया कि उसने कानपुर और लखनऊ में भी 15 से अधिक लोगों को टप्पेबाजी के जाल में फंसाकर ठगा था। अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। साहिबाबाद पुलिस के अलावा उसकी दिल्ली और अन्य राज्यों की पुलिस भी तलाश कर रही थी।
चलते हुए राहगीरों को बना लेता था शिकार
थाना प्रभारी भुवनेश्वर सिंह का कहना है कि मोहसीन के बैग में कई मोबाइल फोन और डमी होते थे, जिन्हें दिखाकर वह सड़क पर चलते-फिरते राहगीर को शिकार बनाकर जाल में फंसा लेता था। वह लोगों से उनके असली फोन के बदले पांच हजार रुपये और एक छोटा फोन की डील कर खरीद लेता था लेकिन जब राहगीर को डमी का पता चलता था, तब वह मौके से फरार हो जाता था।
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साहिबाबाद। टीला मोड़ पुलिस ने असली फोन बेचने के बहाने राहगीरों को कवर के साथ डमी फोन देकर टप्पेबाजी करने वाले शातिर मोहसीन निवासी पसौंडा को गिरफ्तार किया है। उसके पास से पुलिस ने कानपुर और लखनऊ में की गई टप्पेबाजी के 15 मोबाइल फोन, पांच डमी, 20 मोबाइल कवर और 2500 रुपये बरामद किए हैं। आरोपी 2007 से अलग-अलग राज्यों में टप्पेबाजी के मामले में जेल भी जा चुका है।
क्षेत्राधिकारी साहिबाबाद स्वतंत्र कुमार ने बताया कि मोहसीन ने पसौंडा में रहकर टप्पेबाजी का खेल सीखा था। यहां उसने कई लोगों को महंगे फोन दिखाकर सस्ते दाम में बेचने का लालच दिया था। शातिर 15 से 10 हजार के बीच डील पक्की कर महज पांच मिनट के अंदर बैग से मोबाइल को कवर पैक डमी से बदलकर ठग लेता था। वह इतना शातिर था कि राहगीर डमी के पैक को जल्दी नहीं खोल पाए इसके लिए वह पैकेट को फेवीक्विक से चिपका देता था, जिससे वह तुरंत वहां से फरार हो जाए। सीओ ने बताया कि मोहसीन 2007 में पहली बार गुजरात के सूरत से गिरफ्तार होकर जेल गया था। इसके बाद 2011 में मुंबई के खारगव और 2014 में आंध्र प्रदेश के निर्मल से सजा काट चुका है। पूछताछ में बताया कि उसने कानपुर और लखनऊ में भी 15 से अधिक लोगों को टप्पेबाजी के जाल में फंसाकर ठगा था। अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। साहिबाबाद पुलिस के अलावा उसकी दिल्ली और अन्य राज्यों की पुलिस भी तलाश कर रही थी।
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चलते हुए राहगीरों को बना लेता था शिकार
थाना प्रभारी भुवनेश्वर सिंह का कहना है कि मोहसीन के बैग में कई मोबाइल फोन और डमी होते थे, जिन्हें दिखाकर वह सड़क पर चलते-फिरते राहगीर को शिकार बनाकर जाल में फंसा लेता था। वह लोगों से उनके असली फोन के बदले पांच हजार रुपये और एक छोटा फोन की डील कर खरीद लेता था लेकिन जब राहगीर को डमी का पता चलता था, तब वह मौके से फरार हो जाता था।
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