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पीएनबी के अफसरों के साथ मिलकर ऋण माफिया ने की तीन करोड़ की जालसाजी
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पीएनबी के अफसरों के साथ मिलकर ऋण माफिया ने की तीन करोड़ की जालसाजी
साहिबाबाद। 400 करोड़ से अधिक के ऋण घोटाले में जेल में बंद लक्ष्य तंवर के साथ मिलकर पीएनबी की चंद्रनगर शाखा के अफसरों ने तीन करोड़ की एक और जालसाजी की। इसका खुलासा रिपोर्ट दर्ज हो जाने पर हुआ है। इसमें कारोबारी के कागजात पर धोखे से तीन करोड़ का ऋण मंजूर कर लक्ष्य और बैंक अफसरों ने पूरी रकम हड़प ली। ऋण घोटाले में इसी बैंक शाखा के अफसरों पर पहले से कई केस दर्ज हैं।
नया केस नोएडा सेक्टर- 63 के बिलाल अली ने लिंक रोड थाने में दर्ज कराया है। बिलाल ऑटोमोबाइल कंपनी में निदेशक हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें 2017 में जमीन खरीदने के लिए ऋण की जरूरत थी। तभी उनके संपर्क में ऋण माफिया लक्ष्य तंवर का एजेंट हरेंद्र अधाना आया। उसने उनकी मुलाकात लक्ष्य से कराई।
लक्ष्य ने कहा कि पीएनबी की चंद्रनगर शाखा से ऋण मंजूर हो जाएगा। इसके लिए संपत्ति के कागजात मंगाए। संपत्ति का मूल्य पांच करोड़ था। लक्ष्य ने धोखे से पांच करोड़ का ही ऋण मंजूर करा दिया। इसमें से दो करोड़ उन्हें दिए और तीन करोड़ खुद ने अपने खातों में जमा करा लिए। इसका पता चलने पर उन्होंने लक्ष्य से बात की। तय हुआ कि पूरा ऋण वापस कर खाते बंद करा दिए जाएंगे। लक्ष्य राजी हो गया। पांच करोड़ का ऋण चुका दिया गया।
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बगैर आवेदन के मंजूर किया ऋण
पांच करोड़ का ऋण चुकाने के बाद लक्ष्य और बैंक अफसरों ने मिलकर खेल किया। ऋण के लिए जो कागजात 2017 में जमा कराए थे, उन पर फिर से 2018 में तीन करोड़ का ऋण जारी कर दिया। इसके लिए फर्जी हस्ताक्षर किए गए। जो लोग पहले ऋण के लिए गारंटर बनाए गए थे, उनको ही इस बार बना लिया गया जबकि उन्हें जानकारी तक नहीं दी। यह पैसा आरोपियों ने अपने खातों में ट्रांसफर कराया और हड़प लिया। वह पुराने ऋण के बंद कराए गए खाते की एनओसी लेने बैंक पहुंचे तो इस जालसाजी का पता चला।
की जाएगी कार्रवाई
सीओ साहिबाबाद स्वतंत्र कुमार ने बताया कि लक्ष्य तंवर, पीएनबी के चीफ मैनेजर, बैंक मैनेजर, लोन मैनेजर और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धारा में मुकदमा दर्ज किया है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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साहिबाबाद। 400 करोड़ से अधिक के ऋण घोटाले में जेल में बंद लक्ष्य तंवर के साथ मिलकर पीएनबी की चंद्रनगर शाखा के अफसरों ने तीन करोड़ की एक और जालसाजी की। इसका खुलासा रिपोर्ट दर्ज हो जाने पर हुआ है। इसमें कारोबारी के कागजात पर धोखे से तीन करोड़ का ऋण मंजूर कर लक्ष्य और बैंक अफसरों ने पूरी रकम हड़प ली। ऋण घोटाले में इसी बैंक शाखा के अफसरों पर पहले से कई केस दर्ज हैं।
नया केस नोएडा सेक्टर- 63 के बिलाल अली ने लिंक रोड थाने में दर्ज कराया है। बिलाल ऑटोमोबाइल कंपनी में निदेशक हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें 2017 में जमीन खरीदने के लिए ऋण की जरूरत थी। तभी उनके संपर्क में ऋण माफिया लक्ष्य तंवर का एजेंट हरेंद्र अधाना आया। उसने उनकी मुलाकात लक्ष्य से कराई।
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लक्ष्य ने कहा कि पीएनबी की चंद्रनगर शाखा से ऋण मंजूर हो जाएगा। इसके लिए संपत्ति के कागजात मंगाए। संपत्ति का मूल्य पांच करोड़ था। लक्ष्य ने धोखे से पांच करोड़ का ही ऋण मंजूर करा दिया। इसमें से दो करोड़ उन्हें दिए और तीन करोड़ खुद ने अपने खातों में जमा करा लिए। इसका पता चलने पर उन्होंने लक्ष्य से बात की। तय हुआ कि पूरा ऋण वापस कर खाते बंद करा दिए जाएंगे। लक्ष्य राजी हो गया। पांच करोड़ का ऋण चुका दिया गया।
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बगैर आवेदन के मंजूर किया ऋण
पांच करोड़ का ऋण चुकाने के बाद लक्ष्य और बैंक अफसरों ने मिलकर खेल किया। ऋण के लिए जो कागजात 2017 में जमा कराए थे, उन पर फिर से 2018 में तीन करोड़ का ऋण जारी कर दिया। इसके लिए फर्जी हस्ताक्षर किए गए। जो लोग पहले ऋण के लिए गारंटर बनाए गए थे, उनको ही इस बार बना लिया गया जबकि उन्हें जानकारी तक नहीं दी। यह पैसा आरोपियों ने अपने खातों में ट्रांसफर कराया और हड़प लिया। वह पुराने ऋण के बंद कराए गए खाते की एनओसी लेने बैंक पहुंचे तो इस जालसाजी का पता चला।
की जाएगी कार्रवाई
सीओ साहिबाबाद स्वतंत्र कुमार ने बताया कि लक्ष्य तंवर, पीएनबी के चीफ मैनेजर, बैंक मैनेजर, लोन मैनेजर और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धारा में मुकदमा दर्ज किया है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।