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लखनऊ सचिवालय में नौकरी का झांसा देकर 6.50 लाख ठगे
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लखनऊ सचिवालय में नौकरी का झांसा देकर 6.50 लाख ठगे
कौशांबी। गौतमबुद्घनगर निवासी मुकेश बिष्ट से उत्तर प्रदेश के लघु सचिवालय में लिपिक की नौकरी का झांसा देकर 6.50 लाख रुपये की ठगी हुई है। मामला वर्ष 2016 का है। ठग ने खुद को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का जनसंपर्क अधिकारी होने का झांसा दिया था। जांच करने पर उसके सभी दावे फर्जी निकले। कौशांबी पुलिस ने लिखित शिकायत पर धोखाधड़ी और विश्वासघात का मुकदमा दर्ज किया है।
मुकेश का कहना है कि छह साल पूर्व वसुंधरा की महिला मित्र के जरिये उनकी मुलाकात राकेश कुमार उर्फ दीपू श्रीवास्तव निवासी कौशांबी से एक रेस्त्रां में हुई थी। उसने लखनऊ में राजनैतिक दलों के बड़े-बड़े नेताओं से करीबी रिश्ते होने की बात कहकर अपने जाल में फंसाया था। इसके आगे ठग ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड के लोगों के लिए विशेष भर्ती योजना निकाली है, जिसमें वह लघु सचिवालय में लिपिक की नौकरी लगवा सकता है। वह ठग के जाल में फंस गए और उसे कई बार में 6 लाख 50 हजार रुपये की रकम दे दी। इसके कुछ दिन बाद उसने एक सरकारी चिट्ठी सौंपी और कहा कि कुछ दिन बाद ऑफर लेटर घर के पते पर पहुंच जाएगा। अब उनका आरोप है कि कई दिन बीतने के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिली तो उन्होंने संपर्क किया तो वह टालमटोल करने लगा। कई वर्षों तक परेशान करने के बाद उसने कहा कि सरकार चली गई है इसलिए उसके हाथ में कुछ नहीं है। इतना ही नहीं, अब रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। क्षेत्राधिकारी इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र का कहना है कि धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज तथ्यों के आधार पर जांच कर रहे हैं।
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कौशांबी। गौतमबुद्घनगर निवासी मुकेश बिष्ट से उत्तर प्रदेश के लघु सचिवालय में लिपिक की नौकरी का झांसा देकर 6.50 लाख रुपये की ठगी हुई है। मामला वर्ष 2016 का है। ठग ने खुद को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का जनसंपर्क अधिकारी होने का झांसा दिया था। जांच करने पर उसके सभी दावे फर्जी निकले। कौशांबी पुलिस ने लिखित शिकायत पर धोखाधड़ी और विश्वासघात का मुकदमा दर्ज किया है।
मुकेश का कहना है कि छह साल पूर्व वसुंधरा की महिला मित्र के जरिये उनकी मुलाकात राकेश कुमार उर्फ दीपू श्रीवास्तव निवासी कौशांबी से एक रेस्त्रां में हुई थी। उसने लखनऊ में राजनैतिक दलों के बड़े-बड़े नेताओं से करीबी रिश्ते होने की बात कहकर अपने जाल में फंसाया था। इसके आगे ठग ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड के लोगों के लिए विशेष भर्ती योजना निकाली है, जिसमें वह लघु सचिवालय में लिपिक की नौकरी लगवा सकता है। वह ठग के जाल में फंस गए और उसे कई बार में 6 लाख 50 हजार रुपये की रकम दे दी। इसके कुछ दिन बाद उसने एक सरकारी चिट्ठी सौंपी और कहा कि कुछ दिन बाद ऑफर लेटर घर के पते पर पहुंच जाएगा। अब उनका आरोप है कि कई दिन बीतने के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिली तो उन्होंने संपर्क किया तो वह टालमटोल करने लगा। कई वर्षों तक परेशान करने के बाद उसने कहा कि सरकार चली गई है इसलिए उसके हाथ में कुछ नहीं है। इतना ही नहीं, अब रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। क्षेत्राधिकारी इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र का कहना है कि धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज तथ्यों के आधार पर जांच कर रहे हैं।
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