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कोविड-19 के लिए साइट बनाकर अपडेट करना भूला प्रशासन
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कोविड-19 के लिए साइट बनाकर अपडेट करना भूला प्रशासन
साहिबाबाद। कोविड संक्रमित मरीज एवं तीमारदार के सहयोग के उद्देश्य से गत वर्ष ही जिला प्रशासन ने कोविड-19 गाजियाबाद के नाम से वेबसाइट तैयार की थी। कोविड से जुड़ी जानकारियां इस साइट पर अपडेट होनी थी लेकिन अभी तक हॉस्पिटल, बेड, इंजेक्शन, महत्वपूर्ण नंबर जैसी कोई भी सूचना अपडेट नहीं की गई है। न ही कोई मोबाइल एप्लीकेशन प्ले स्टोर पर बनाई गई है, जिससे लोगों को मदद मिल सके।
गाजियाबाद के ही करीब गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन अपनी वेबसाइट पर प्रतिदिन सभी सूचनाएं जनहित में अपडेट कर रहा है। दरअसल कोविड पीड़ितों की मदद के लिए जब टीएचए के लोगों ने गाजियाबाद की यह साइट खंगाली तो वे साइट पर कोई भी अपडेशन न देखकर परेशान हैं। लोगों का कहना है कि गाजियाबाद जिला कहने को तो स्मार्ट सिटी है लेकिन अब तक यहां के अधिकारी इस स्मार्ट सिटी के मुताबिक स्मार्ट काम नहीं कर पा रहे। दरअसल गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन अपनी साइट पर प्रतिदिन ऑक्सीजन बेड, आईसीयू एवं वेंटिलेटर बेड की जानकारी देता है कि जनपद में कितने ऐसे बेड हैं और इनमें से कितनों पर मरीज हैं और कितने बेड खाली हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह की सूचना गाजियाबाद में भी यदि साइट पर अपडेट की जाए तो लोग हॉस्पिटल के चक्कर नहीं काटेंगे।
इनसेट
क्या बोले लोग
हम लोग लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं। लोगों को इसी के जरिए मदद दिलवा रहे हैं। वहीं यह देखकर हैरानी हो रही है कि गाजियाबाद जिला प्रशासन आज की डेट में भी इतना फिसड्डी है। गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन लगातार अपनी जनता को यह सब सुविधाएं मुहैया करा रहा है। - नंद नेगी, समाज सेवी
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जिला प्रशासन तो फिसड्डी है ही जनप्रतिनिधि भी इस समय लापता हैं। इन्हें अपना नंबर जनहित में स्वयं जारी करना चाहिए था ताकि लोग इन तक पहुंच सके। लोगों ने अपना वोट देकर नेताओं का अपना प्रतिनिधि बनाया है, ऐसे वक्त जब उनकी जरूरत है सभी लोगों की पहुंच से दूर हैं। -जय दीक्षित
गौतमबुद्धनगर का जिला प्रशासन जब अपनी जनता के लिए ऑनलाइन हमेशा तत्पर है और पल-पल की जानकारी वह साइट पर उपलब्ध करा रहा है तो गाजियाबाद जिला प्रशासन क्यों नहीं करा सकता, यह समझ से बाहर है। जनता सड़क पर परेशान हैं और अधिकारियों का कुछ अता-पता नहीं। -पुष्कर रावत
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साहिबाबाद। कोविड संक्रमित मरीज एवं तीमारदार के सहयोग के उद्देश्य से गत वर्ष ही जिला प्रशासन ने कोविड-19 गाजियाबाद के नाम से वेबसाइट तैयार की थी। कोविड से जुड़ी जानकारियां इस साइट पर अपडेट होनी थी लेकिन अभी तक हॉस्पिटल, बेड, इंजेक्शन, महत्वपूर्ण नंबर जैसी कोई भी सूचना अपडेट नहीं की गई है। न ही कोई मोबाइल एप्लीकेशन प्ले स्टोर पर बनाई गई है, जिससे लोगों को मदद मिल सके।
गाजियाबाद के ही करीब गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन अपनी वेबसाइट पर प्रतिदिन सभी सूचनाएं जनहित में अपडेट कर रहा है। दरअसल कोविड पीड़ितों की मदद के लिए जब टीएचए के लोगों ने गाजियाबाद की यह साइट खंगाली तो वे साइट पर कोई भी अपडेशन न देखकर परेशान हैं। लोगों का कहना है कि गाजियाबाद जिला कहने को तो स्मार्ट सिटी है लेकिन अब तक यहां के अधिकारी इस स्मार्ट सिटी के मुताबिक स्मार्ट काम नहीं कर पा रहे। दरअसल गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन अपनी साइट पर प्रतिदिन ऑक्सीजन बेड, आईसीयू एवं वेंटिलेटर बेड की जानकारी देता है कि जनपद में कितने ऐसे बेड हैं और इनमें से कितनों पर मरीज हैं और कितने बेड खाली हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह की सूचना गाजियाबाद में भी यदि साइट पर अपडेट की जाए तो लोग हॉस्पिटल के चक्कर नहीं काटेंगे।
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क्या बोले लोग
हम लोग लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं। लोगों को इसी के जरिए मदद दिलवा रहे हैं। वहीं यह देखकर हैरानी हो रही है कि गाजियाबाद जिला प्रशासन आज की डेट में भी इतना फिसड्डी है। गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन लगातार अपनी जनता को यह सब सुविधाएं मुहैया करा रहा है। - नंद नेगी, समाज सेवी
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जिला प्रशासन तो फिसड्डी है ही जनप्रतिनिधि भी इस समय लापता हैं। इन्हें अपना नंबर जनहित में स्वयं जारी करना चाहिए था ताकि लोग इन तक पहुंच सके। लोगों ने अपना वोट देकर नेताओं का अपना प्रतिनिधि बनाया है, ऐसे वक्त जब उनकी जरूरत है सभी लोगों की पहुंच से दूर हैं। -जय दीक्षित
गौतमबुद्धनगर का जिला प्रशासन जब अपनी जनता के लिए ऑनलाइन हमेशा तत्पर है और पल-पल की जानकारी वह साइट पर उपलब्ध करा रहा है तो गाजियाबाद जिला प्रशासन क्यों नहीं करा सकता, यह समझ से बाहर है। जनता सड़क पर परेशान हैं और अधिकारियों का कुछ अता-पता नहीं। -पुष्कर रावत