{"_id":"606cb6768ebc3eda746c00fd","slug":"ghaziabad-shahibabad-news-gbd216723837","type":"story","status":"publish","title_hn":"देशभर की मिट्टी से किसानों की स्मृति में यूपी गेट पर बनाया शहीद स्मारक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देशभर की मिट्टी से किसानों की स्मृति में यूपी गेट पर बनाया शहीद स्मारक
विज्ञापन
यूपी गेट पर स्मारक की अधारशिला रखते राकेश टिकैत व मेधा पाटकर।
- फोटो : GHAZIABAD City
देशभर की मिट्टी से किसानों की स्मृति में यूपी गेट पर बनाया शहीद स्मारक
साहिबाबाद। यूपी गेट पर चल रहे किसान आंदोलन के तहत मंगलवार को यूपी गेट पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत द्वारा अस्थायी रूप से प्रतीकात्मक शहीद स्मारक स्थापित किया गया। यह शहीद स्मारक दिल्ली के चारों तरफ चल रहे आंदोलन में 320 से ज्यादा किसानों के जान गंवाने और पुलिस के जवानों के शहीद होने की याद में रखा गया है।
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि शहादत देने वाले जवान भी किसानों के ही बच्चे थे। जवान भी इस आंदोलन का हिस्सा हैं और इस सरकार की नीतियों के कारण भाई-भाई का आपस में टकराव करवाया गया। शहीद स्मारक के लिए भाकियू नेता के आह्वान पर देश भर के कई प्रदेशों की मिट्टी लेकर किसान यूपी गेट पहुंचे। वहीं मेधा पाटकर के नेतृत्व में गुजरात के 33 जिलों के करीब 800 गांवों की मिट्टी यूपी गेट पर पहुंचाई गई। मेधा पाटकर, कुमार सुनीलम जैसे किसान नेताओं ने पूरे देश के हर राज्यों से ‘मिट्टी सत्याग्रह यात्रा’ निकाल कर यूपी गेट पर खेतों से मिट्टी पहुंचाई। इसके साथ ही शहीद स्मारक के लिए एतिहासिक स्थल मसलन लालकिला के साथ ही शहीदों के गांव से भी मिट्टी लाई गई। जिस क्रम में शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला के एतिहासिक स्थलों से मिट्टी लाई गई। गांवों से महिला एवं पुरुष सभी छोटे-बड़े घड़ों में मिट्टी लेकर यूपी गेट पहुंचे। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी गेट पर भी तीन किसान ने अपनी जान गंवाई जिनमें चौधरी गलतान सिंह, सरदार कश्मीर सिंह एवं नवनीत सिंह थे, उनको नमन करते हुए शहीद स्मारक की नींव रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह शहीद स्मारक किसान और जवान की शहीदी को याद दिलाएगा। हमें अपनी पगड़ी और खेत व सीमा को संभालने की हिदायत देगा। हमारे पूर्वजों के बलिदान और देश को इतिहास के रूप याद दिलाएगा। इस अस्थाई शहीद स्मारक का लोकार्पण किसान नेता राकेश टिकैत, मेधा पाटकर एवं कुमार सुनीलम ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद राकेश टिकैत ने कहा कि शहीद स्मारक के लिए प्रशासन किसानों को पास ही खाली पड़ी जमीन दे दे अन्यथा की स्थिति में वह लोग अपने स्तर से स्थायी शहीद स्मारक का निर्माण करेंगे।
विज्ञापन
साहिबाबाद। यूपी गेट पर चल रहे किसान आंदोलन के तहत मंगलवार को यूपी गेट पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत द्वारा अस्थायी रूप से प्रतीकात्मक शहीद स्मारक स्थापित किया गया। यह शहीद स्मारक दिल्ली के चारों तरफ चल रहे आंदोलन में 320 से ज्यादा किसानों के जान गंवाने और पुलिस के जवानों के शहीद होने की याद में रखा गया है।
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि शहादत देने वाले जवान भी किसानों के ही बच्चे थे। जवान भी इस आंदोलन का हिस्सा हैं और इस सरकार की नीतियों के कारण भाई-भाई का आपस में टकराव करवाया गया। शहीद स्मारक के लिए भाकियू नेता के आह्वान पर देश भर के कई प्रदेशों की मिट्टी लेकर किसान यूपी गेट पहुंचे। वहीं मेधा पाटकर के नेतृत्व में गुजरात के 33 जिलों के करीब 800 गांवों की मिट्टी यूपी गेट पर पहुंचाई गई। मेधा पाटकर, कुमार सुनीलम जैसे किसान नेताओं ने पूरे देश के हर राज्यों से ‘मिट्टी सत्याग्रह यात्रा’ निकाल कर यूपी गेट पर खेतों से मिट्टी पहुंचाई। इसके साथ ही शहीद स्मारक के लिए एतिहासिक स्थल मसलन लालकिला के साथ ही शहीदों के गांव से भी मिट्टी लाई गई। जिस क्रम में शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला के एतिहासिक स्थलों से मिट्टी लाई गई। गांवों से महिला एवं पुरुष सभी छोटे-बड़े घड़ों में मिट्टी लेकर यूपी गेट पहुंचे। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी गेट पर भी तीन किसान ने अपनी जान गंवाई जिनमें चौधरी गलतान सिंह, सरदार कश्मीर सिंह एवं नवनीत सिंह थे, उनको नमन करते हुए शहीद स्मारक की नींव रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह शहीद स्मारक किसान और जवान की शहीदी को याद दिलाएगा। हमें अपनी पगड़ी और खेत व सीमा को संभालने की हिदायत देगा। हमारे पूर्वजों के बलिदान और देश को इतिहास के रूप याद दिलाएगा। इस अस्थाई शहीद स्मारक का लोकार्पण किसान नेता राकेश टिकैत, मेधा पाटकर एवं कुमार सुनीलम ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद राकेश टिकैत ने कहा कि शहीद स्मारक के लिए प्रशासन किसानों को पास ही खाली पड़ी जमीन दे दे अन्यथा की स्थिति में वह लोग अपने स्तर से स्थायी शहीद स्मारक का निर्माण करेंगे।
विज्ञापन