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निजीकरण के विरोध में सीईएल यूनियन ने दिया धरना, भाकियू का भी मिला साथ
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निजीकरण के विरोध में सीईएल यूनियन ने दिया धरना, भाकियू का भी मिला साथ
साहिबाबाद। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट 4 में संयुक्त कर्मचारी संगठन के बैनर तले सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) के कर्मचारियों ने सोमवार को निजीकरण के खिलाफ धरना व नारेबाजी की। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भाकियू के पदाधिकारियों ने भी कर्मचारियों को समर्थन दिया। भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने उन्हें कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने का वादा किया। गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने भी यूनियन को समर्थन देकर कृषि कानूनों के खिलाफ उनका सहयोग मांगा। उधर, कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध किया।
संयुक्त कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की कर्मचारी यूनियन ने पिछले कई वर्षों से सीईएल बचाओ अभियान चलाया हुआ है। इसमें यूनियन द्वारा कई बार धरना-प्रदर्शन भी किया गया। कर्मचारी लगातार कंपनी के निजीकरण करने का विरोध कर रहे हैं। सोमवार से यूनियन ने कंपनी के गेट पर एक माह तक धरना-प्रदर्शन करने का एलान किया। पहले दिन अस्थाई और स्थाई कर्मचारियों ने मिलकर हाथों में काली पट्टी बांधकर सरकार की नीति का विरोध किया। बताया कि कर्मचारी भोजन अवकाश में निजीकरण के खिलाफ विरोध करेंगे, क्रमिक भूख हड़ताल और सांकेतिक हड़ताल से अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे। बैठक में कंपनी के निजीकरण को लेकर कोर्ट में चल रहे केस के बारे में बताया गया। कर्मचारियों से अपील की गई है कि निजीकरण की लड़ाई सभी की सामूहिक लड़ाई है।
निजीकरण के खिलाफ भाकियू ने भरी हुंकार
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक, गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा व दिगंबर सिंह समेत अनय पदाधिकारियों ने संयुक्त कर्मचारी संगठन के मंच पर पहुंचकर समर्थन दिया। प्रदेश अध्यक्ष राजवीर जादौन ने एलान किया कि सीईएल के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों की लड़ाई में किसान भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। जगतार सिंह बाजवा और धर्मेंद्र मलिक ने कर्मचारियों से वादा किया कि सीईएल का निजीकरण नहीं होने दिया जाएगा। किसान और कर्मचारी संगठन एक साथ मिलकर विरोध में खड़े रहेंगे। उन्होंने अपील की कि यह लड़ाई सिर्फ किसान और मजदूरों की नहीं है, बल्कि आमजन को भी कृषि कानूनों और सरकारी कंपनियों का निजीकरण होने से काफी नुकसान होगा, लिहाजा सभी एकसाथ मिलकर आंदोलन में पहुंचकर समर्थन दें। इसमें सभी को एकमत के साथ एकजुट होना पड़ेगा। इस बीच कर्मचारी यूनियन ने आगे की रणनीति तैयार की। इस दौरान संयुक्त कर्मचारी संगठन को ऑल इंडिया किसान सभा के सचिव जगवीर सिंह भाटी, भाकियू से जगतार सिंह बाजवा, अखिल भारतीय सचिव, सीटू के सिंधु, दिल्ली स्टेट सीटू के महासचिव अनुराग सक्सेना, गाजियाबाद सीटू के दिनेश मिश्रा, जीएस तिवारी, एके सिंह अध्यक्ष- इंटक गाजियाबाद ने भी अपना समर्थन दिया।
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साहिबाबाद। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट 4 में संयुक्त कर्मचारी संगठन के बैनर तले सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) के कर्मचारियों ने सोमवार को निजीकरण के खिलाफ धरना व नारेबाजी की। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भाकियू के पदाधिकारियों ने भी कर्मचारियों को समर्थन दिया। भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने उन्हें कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने का वादा किया। गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने भी यूनियन को समर्थन देकर कृषि कानूनों के खिलाफ उनका सहयोग मांगा। उधर, कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध किया।
संयुक्त कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की कर्मचारी यूनियन ने पिछले कई वर्षों से सीईएल बचाओ अभियान चलाया हुआ है। इसमें यूनियन द्वारा कई बार धरना-प्रदर्शन भी किया गया। कर्मचारी लगातार कंपनी के निजीकरण करने का विरोध कर रहे हैं। सोमवार से यूनियन ने कंपनी के गेट पर एक माह तक धरना-प्रदर्शन करने का एलान किया। पहले दिन अस्थाई और स्थाई कर्मचारियों ने मिलकर हाथों में काली पट्टी बांधकर सरकार की नीति का विरोध किया। बताया कि कर्मचारी भोजन अवकाश में निजीकरण के खिलाफ विरोध करेंगे, क्रमिक भूख हड़ताल और सांकेतिक हड़ताल से अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे। बैठक में कंपनी के निजीकरण को लेकर कोर्ट में चल रहे केस के बारे में बताया गया। कर्मचारियों से अपील की गई है कि निजीकरण की लड़ाई सभी की सामूहिक लड़ाई है।
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निजीकरण के खिलाफ भाकियू ने भरी हुंकार
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक, गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा व दिगंबर सिंह समेत अनय पदाधिकारियों ने संयुक्त कर्मचारी संगठन के मंच पर पहुंचकर समर्थन दिया। प्रदेश अध्यक्ष राजवीर जादौन ने एलान किया कि सीईएल के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों की लड़ाई में किसान भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। जगतार सिंह बाजवा और धर्मेंद्र मलिक ने कर्मचारियों से वादा किया कि सीईएल का निजीकरण नहीं होने दिया जाएगा। किसान और कर्मचारी संगठन एक साथ मिलकर विरोध में खड़े रहेंगे। उन्होंने अपील की कि यह लड़ाई सिर्फ किसान और मजदूरों की नहीं है, बल्कि आमजन को भी कृषि कानूनों और सरकारी कंपनियों का निजीकरण होने से काफी नुकसान होगा, लिहाजा सभी एकसाथ मिलकर आंदोलन में पहुंचकर समर्थन दें। इसमें सभी को एकमत के साथ एकजुट होना पड़ेगा। इस बीच कर्मचारी यूनियन ने आगे की रणनीति तैयार की। इस दौरान संयुक्त कर्मचारी संगठन को ऑल इंडिया किसान सभा के सचिव जगवीर सिंह भाटी, भाकियू से जगतार सिंह बाजवा, अखिल भारतीय सचिव, सीटू के सिंधु, दिल्ली स्टेट सीटू के महासचिव अनुराग सक्सेना, गाजियाबाद सीटू के दिनेश मिश्रा, जीएस तिवारी, एके सिंह अध्यक्ष- इंटक गाजियाबाद ने भी अपना समर्थन दिया।
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