फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Ghaziabad s air remains most toxic in country with an AQI of 458

सांसों पर संकट: 458 AQI के साथ देश में सबसे जहरीली रही गाजियाबाद की हवा, ग्रैप-4 सिर्फ कागजों तक सीमित

Sun, 18 Jan 2026 11:15 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, साहिबाबाद (गाजियाबाद)
माई सिटी रिपोर्टर, साहिबाबाद (गाजियाबाद) Published by: आकाश दुबे Updated Sun, 18 Jan 2026 11:15 PM IST
सार

गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 458 रहा। रविवार का दिन सीजन का दूसरा सबसे प्रदूषित दिन रहा। इससे साफ जाहिर है कि प्रशासनिक प्रयास खानापूर्ति तक सिमटे हैं।

विज्ञापन
Ghaziabad s air remains most toxic in country with an AQI of 458
pollution in Ghaziabad - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोहरे के साथ ही प्रदूषण बढ़ने से गाजियाबाद में सांसों पर संकट गहरा गया है। रविवार को जिले की हवा देश में सबसे जहरीली रही। औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 458 दर्ज किया गया। इसके साथ ही यह इस सीजन का दूसरा सबसे अधिक प्रदूषित दिन रहा। सर्वाधिक 461 एक्यूआई 14 दिसंबर 2025 को दर्ज किया गया था।

विज्ञापन

जिले के सभी निगरानी केंद्रों पर प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। लोनी में एक्यूआई 479 और वसुंधरा में 475 तक पहुंच गया है। यहां सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। इंदिरापुरम और संजयनगर में भी प्रदूषण गंभीर श्रेणी में है। इसके बावजूद ग्रेप-4 की सख्ती सिर्फ आदेशों और फाइलों तक सिमटी नजर आई। सड़कों पर धूल उड़ती रही। खुलेआम निर्माण कार्य चलते रहे और कूड़ा जलाने की घटनाएं सामने आती रहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

खानापूर्ति तक सिमटी प्रदूषण पर लगाम की कोशिशें
देश में सबसे जहरीली हवा के बाद भी प्रदूषण पर लगाम के लिए प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभागों की कोशिशें खानापूर्ति तक सिमटी हैं। कहीं औपचारिक जांच कर ली गई, कहीं कुछ नोटिस थमा दिए गए और जिम्मेदारी पूरी मान ली गई। न बड़े निर्माण स्थलों पर काम रुका और न ही फैक्टरियों की चिमनियों से निकलता धुआं थम सका। लोगों का कहना है कि जब प्रदूषण देश में सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है तो फिर विभागों की कार्रवाई क्यों बेअसर नजर आ रही है।

विज्ञापन

बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की मुश्किलें बढ़ीं
लोगों का कहना है कि जिन नियमों के जरिये हवा साफ होनी थी, वे नियम खुद हवा में उड़ते दिखाई दे रहे हैं। इस लापरवाही की सबसे बड़ी कीमत आम जनता चुका रही है। जहरीली हवा के कारण बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। डॉक्टर लगातार एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही। दिसंबर में भी बड़े दावे किए गए थे, मगर हालात जस के तस हैं। गाजियाबाद की हवा ही नहीं, व्यवस्था की साख भी दम तोड़ रही है।

इस सीजन सर्वाधिक एक्यूआई
14 दिसंबर- 461

13 दिसंबर- 431
11 नवंबर- 428

15 दिसंबर- 427
12 नवंबर- 418

17 जनवरी- 417
23 दिसंबर- 412

13 नवंबर- 404
29 दिसंबर- 401

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed