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बहन बोली-वैष्णो देवी जाने का दो बार कार्यक्रम रद्द कर चुकी थी श्वेता, मौत खींच ले गई
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वैष्णो देवी में भवन के पास मची भगदड़ में मृतक वसुंधरा निवासी श्वेता सिंह के घर पर जमा दुखी पड़ोसी?
- फोटो : SHAHIBABAD
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बहन बोली-वैष्णो देवी जाने का दो बार कार्यक्रम रद्द कर चुकी थी श्वेता, मौत खींच ले गई
वसुंधरा। श्वेता सिंह ने दो बार वैष्णो देवी के दर्शन का कार्यक्रम रद्द किया था। एक बार तब जब ट्रेन में आरक्षण कंफर्म नहीं हो पाया और दूसरी बार जब भवन के पास लाखों की भीड़ देखी तो माता का दर्शन छोड़ सिर्फ भैरव का दर्शन कर घर लौटने का फैसला लिया था। श्वेता के साथ गई बड़ी बहन सरिता कहती है कि अब उसे मौत खींच ले गई।
बहन सरिता सिंह ने बताया कि कश्मीर के लिए उन्होंने ट्रेन में रिजर्वेशन करवाया था, लेकिन वह नहीं हो पाया। इस कारण उन्होंने यात्रा रद्द कर दी थी। काश इस बार भी यात्रा रद्द कर दी होती तो आज बहन जिंदा होती। उन्होंने बताया कि इसी बीच पता चला कि एक वोल्वो बस पर्यटकों के एक ग्रुप को लेकर कश्मीर जा रही है। बस में सीटें खाली थीं, उन्होंने संपर्क किया तो उन्हें आठ सीटें मिल गईं, जिनमें बहन के अलावा सोसायटी के कुछ लोग थे।
सरिता ने बताया कि वैष्णो देवी भवन के पास जबरदस्त भीड़ थी। वह श्वेता का हाथ पकड़ कर चल रही थी तभी भारी भीड़ को देखते हुए उन्होंने आगे बढ़ना उचित नहीं समझा और दर्शन का कार्यक्रम रद्द कर दिया। भैरव बाबा का दर्शन करके लौट जाएंगी। फिर दोनों बहनें सीढ़ियों पर बैठ गईं तभी उनके ग्रुप के कुछ लोग उनके पास आए और उनसे कहा कि सभी दर्शन करके लौट रहे हैं, आप भी दर्शन कर सकती हैं। उन्होंने देखा कि भवन आने और जाने वाले दोनों तरफ के लोगों को कुछ पुलिसकर्मी रोक रहे हैं। लोगों के नहीं रुकने पर पुलिसकर्मी लाठी भी फटकार रहे थे। यह देख उन्हें उम्मीद जगी थी कि पुलिस वाले उन्हें आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। उसी समय भीड़ का एक बड़ा रेला पीछे से आया और वह पुलिसवालों को ढकेलते हुए आगे बढ़ने लगा। इसी रेले की चपेट में वह आ गईं थी। होश में आने पर जब उन्होंने बहन के बारे में पूछा तो बताया गया कि वह जम्मू के अस्पताल में भर्ती है, उनकी मौत की खबर उनसे छिपाया गया।
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भतीजे ने श्वेता को दी मुखाग्नि
वसुंधरा। सीनियर इंटीरियर डिजाइनर श्वेता सिंह का रविवार को परिवार के सदस्यों ने हिंडन श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया। भतीजे शांतनु ने मुखाग्नि दी। श्वेता के पति विक्रांत अभी वसुंधरा नहीं पहुंचे हैं। श्वेता सिंह के शव को जम्मू कश्मीर से उनके भाई राकेश एंबुलेंस से वसुंधरा लेकर आए थे। सुबह करीब साढ़े नौ बजे शव सोसायटी पहुंचने पर वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि पांच जनवरी तक विक्रांत आ सकते हैं। मुजफ्फरपुर निवासी श्वेता सिंह (35) का परिवार 2003 से वसुंधरा की वार्तालोक सोसायटी में रहता है। उनकी शादी चार साल पहले उरई निवासी विक्रांत सिंह से हुई थी। श्वेता दिल्ली के कनाट प्लेस में एक ऑफिस में सीनियर इंटीरियर डिजाइनर थीं। जबकि पति मर्चेंट नेवी में सीनियर पद पर तैनात हैं।
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वसुंधरा। श्वेता सिंह ने दो बार वैष्णो देवी के दर्शन का कार्यक्रम रद्द किया था। एक बार तब जब ट्रेन में आरक्षण कंफर्म नहीं हो पाया और दूसरी बार जब भवन के पास लाखों की भीड़ देखी तो माता का दर्शन छोड़ सिर्फ भैरव का दर्शन कर घर लौटने का फैसला लिया था। श्वेता के साथ गई बड़ी बहन सरिता कहती है कि अब उसे मौत खींच ले गई।
बहन सरिता सिंह ने बताया कि कश्मीर के लिए उन्होंने ट्रेन में रिजर्वेशन करवाया था, लेकिन वह नहीं हो पाया। इस कारण उन्होंने यात्रा रद्द कर दी थी। काश इस बार भी यात्रा रद्द कर दी होती तो आज बहन जिंदा होती। उन्होंने बताया कि इसी बीच पता चला कि एक वोल्वो बस पर्यटकों के एक ग्रुप को लेकर कश्मीर जा रही है। बस में सीटें खाली थीं, उन्होंने संपर्क किया तो उन्हें आठ सीटें मिल गईं, जिनमें बहन के अलावा सोसायटी के कुछ लोग थे।
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सरिता ने बताया कि वैष्णो देवी भवन के पास जबरदस्त भीड़ थी। वह श्वेता का हाथ पकड़ कर चल रही थी तभी भारी भीड़ को देखते हुए उन्होंने आगे बढ़ना उचित नहीं समझा और दर्शन का कार्यक्रम रद्द कर दिया। भैरव बाबा का दर्शन करके लौट जाएंगी। फिर दोनों बहनें सीढ़ियों पर बैठ गईं तभी उनके ग्रुप के कुछ लोग उनके पास आए और उनसे कहा कि सभी दर्शन करके लौट रहे हैं, आप भी दर्शन कर सकती हैं। उन्होंने देखा कि भवन आने और जाने वाले दोनों तरफ के लोगों को कुछ पुलिसकर्मी रोक रहे हैं। लोगों के नहीं रुकने पर पुलिसकर्मी लाठी भी फटकार रहे थे। यह देख उन्हें उम्मीद जगी थी कि पुलिस वाले उन्हें आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। उसी समय भीड़ का एक बड़ा रेला पीछे से आया और वह पुलिसवालों को ढकेलते हुए आगे बढ़ने लगा। इसी रेले की चपेट में वह आ गईं थी। होश में आने पर जब उन्होंने बहन के बारे में पूछा तो बताया गया कि वह जम्मू के अस्पताल में भर्ती है, उनकी मौत की खबर उनसे छिपाया गया।
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भतीजे ने श्वेता को दी मुखाग्नि
वसुंधरा। सीनियर इंटीरियर डिजाइनर श्वेता सिंह का रविवार को परिवार के सदस्यों ने हिंडन श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया। भतीजे शांतनु ने मुखाग्नि दी। श्वेता के पति विक्रांत अभी वसुंधरा नहीं पहुंचे हैं। श्वेता सिंह के शव को जम्मू कश्मीर से उनके भाई राकेश एंबुलेंस से वसुंधरा लेकर आए थे। सुबह करीब साढ़े नौ बजे शव सोसायटी पहुंचने पर वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि पांच जनवरी तक विक्रांत आ सकते हैं। मुजफ्फरपुर निवासी श्वेता सिंह (35) का परिवार 2003 से वसुंधरा की वार्तालोक सोसायटी में रहता है। उनकी शादी चार साल पहले उरई निवासी विक्रांत सिंह से हुई थी। श्वेता दिल्ली के कनाट प्लेस में एक ऑफिस में सीनियर इंटीरियर डिजाइनर थीं। जबकि पति मर्चेंट नेवी में सीनियर पद पर तैनात हैं।