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नौ कॉलोनियों में आज से पानी की सप्लाई बंद
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ट्रैक्टर, ट्विटर और टैंक से लड़ेंगे लड़ाई : राकेश टिकैत
साहिबाबाद। केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा तीन कानूनों को वापस न लेने के बयान पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आंदोलन को तेज करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने 26 जून को यूपी और उत्तराखंड से ट्रैक्टर मार्च आंदोलन स्थल तक पहुंचने की बात कही है। शनिवार को सहारनपुर और मुजफ्फरनगर समेत अन्य जगहों के किसान दिल्ली न जाकर यूपी गेट पर बड़ी सभा को आयोजित करेंगे।
भाकियू नेता राकेश टिकैत ने बताया कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकालने के बाद से किसानों ने दोबारा ट्रैक्टर मार्च का इरादा नहीं बदला है। उन्होंने किसानों से आंदोलन तेज करने की अपील की है। उन्होंने हर महीने में 26 तारीख को किसान ट्रैक्टर मार्च निकालने की बात कही है। इस बार भी ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। 24 जून को किसान उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के गांवों से निकलकर सड़कों पर आएंगे और फिर ट्रैक्टरों के साथ आगे बढ़कर यूपी गेट पहुंचेंगे। हालांकि वह दिल्ली में प्रवेश नहीं करेंगे। भाकियू नेता का कहना है कि यूपी गेट (गाजीपुर बॉर्डर) के अलावा सभी मोर्चों पर भी किसान ट्रैक्टर के साथ पहुंचेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने इसकी तैयारी कर ली है। इस बीच उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि किसानों को अपने हक के लिए ट्रैक्टर, ट्विटर और टैंक भी चलाने पड़ेंगे। वहीं, यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर भी उन्होंने संकेत दिए। राकेश टिकैत ने कहा कि चुनाव मैदान में उतरने का कोई इरादा नहीं है। मगर यूपी, उत्तराखंड और पंजाब के किसान मन बना चुके हैं।
सरकार को कड़ी चेतावनी देकर कहा कि कृषि कानून के विरोध में छह महीने से बुजुर्ग और युवा आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन हमारी सुनी नहीं जा रही। छह महीने से सरकार वार्ता करने के नाम पर चुप बैठी है। अब किसान तीन साल की तैयारी कर रहे हैं। तीन साल में किसान अपना रुख पूरी तरह से स्पष्ट कर देंगे। आगे की लड़ाई के लिए किसान तैयार हैं। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे, आंदोलनकारी किसान यहां से वापस नहीं जाएंगे। जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार को यूपी गेट पर महिलाओं का जत्था पहुंचा। भाकियू नेता राकेश टिकैत तथा अन्य किसानों ने महिलाओं का स्वागत किया।
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साहिबाबाद। केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा तीन कानूनों को वापस न लेने के बयान पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आंदोलन को तेज करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने 26 जून को यूपी और उत्तराखंड से ट्रैक्टर मार्च आंदोलन स्थल तक पहुंचने की बात कही है। शनिवार को सहारनपुर और मुजफ्फरनगर समेत अन्य जगहों के किसान दिल्ली न जाकर यूपी गेट पर बड़ी सभा को आयोजित करेंगे।
भाकियू नेता राकेश टिकैत ने बताया कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकालने के बाद से किसानों ने दोबारा ट्रैक्टर मार्च का इरादा नहीं बदला है। उन्होंने किसानों से आंदोलन तेज करने की अपील की है। उन्होंने हर महीने में 26 तारीख को किसान ट्रैक्टर मार्च निकालने की बात कही है। इस बार भी ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। 24 जून को किसान उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के गांवों से निकलकर सड़कों पर आएंगे और फिर ट्रैक्टरों के साथ आगे बढ़कर यूपी गेट पहुंचेंगे। हालांकि वह दिल्ली में प्रवेश नहीं करेंगे। भाकियू नेता का कहना है कि यूपी गेट (गाजीपुर बॉर्डर) के अलावा सभी मोर्चों पर भी किसान ट्रैक्टर के साथ पहुंचेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने इसकी तैयारी कर ली है। इस बीच उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि किसानों को अपने हक के लिए ट्रैक्टर, ट्विटर और टैंक भी चलाने पड़ेंगे। वहीं, यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर भी उन्होंने संकेत दिए। राकेश टिकैत ने कहा कि चुनाव मैदान में उतरने का कोई इरादा नहीं है। मगर यूपी, उत्तराखंड और पंजाब के किसान मन बना चुके हैं।
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सरकार को कड़ी चेतावनी देकर कहा कि कृषि कानून के विरोध में छह महीने से बुजुर्ग और युवा आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन हमारी सुनी नहीं जा रही। छह महीने से सरकार वार्ता करने के नाम पर चुप बैठी है। अब किसान तीन साल की तैयारी कर रहे हैं। तीन साल में किसान अपना रुख पूरी तरह से स्पष्ट कर देंगे। आगे की लड़ाई के लिए किसान तैयार हैं। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे, आंदोलनकारी किसान यहां से वापस नहीं जाएंगे। जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार को यूपी गेट पर महिलाओं का जत्था पहुंचा। भाकियू नेता राकेश टिकैत तथा अन्य किसानों ने महिलाओं का स्वागत किया।
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