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कोरोना से जंग का मोर्चा संभालेंगे लोग, खुद तय करेंगे कंटेनमेंट जोन
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बिना आइसोलेशन सेंटर एक दूसरे की मदद से जीती कोरोना की लड़ाई
साहिबाबाद। अहिंसाखंड-2 की आशियाना उपवन सोसायटी ने बिना आइसोलेशन सेंटर के कोरोना को हरा दिया है। अब सोसायटी में संक्रमण का सिर्फ एक केस बाकी रह गया है। एओए का दावा है कि वह भी रिकवरी स्टेज पर है। आने वाले चार-पांच दिनों में सोसायटी कोरोना मुक्त हो जाएगी। वहीं, मेन गेट पर परमानेंट सैनिटाइजेशन मशीन लगा दी गई है।
एओए पदाधिकारी ने बताया कि आशियाना उपवन में 440 फ्लैट के अंदर डेढ़ हजार से अधिक लोग रहते हैं। कोरोना काल में केस आने से एओए की चिंताएं बढ़ गईं। एओए ने तत्काल कदम उठाया और स्वीमिंग पूल के ऑक्सीजन सिलिंडर से कोरोना मरीजों को राहत देना शुरू कर दिया। एओए और लोगों की मदद से दो ऑक्सीजन कन्संट्रेटर का भी इंतजाम कर लिया। पदाधिकारी अनिल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस पर आइसोलेशन सेंटर तैयार नहीं हो पाया। लोगों को होम आइसोलेशन में दवाई, खाना-पीना, सिलिंडर व कन्संट्रेटर की मदद पहुंचाई गई। उन्होंने बताया कि 55 केसों में अब तक 54 ने कोरोना को मात दे दी है, सिर्फ एक मरीज ही ठीक होने को बचा है। संक्रमण दूर करने को क्लब हाउस, पार्क, टॉवर, फ्लोर, फ्लैट, कॉमन एरिया समेत पूरे परिसर को सैनिटाइज करते हैं। वहीं, सरकार की गाइडलाइन आने से पहले तीन लोगों को अस्पताल की डिमांड पर प्लाज्मा दिया गया।
परिचर्चा :
- कोरोना का संक्रमण फैलने के दौरान हमारी चिंता थी कि लोगों की जान कैसे बचाई जाए। हमने आइसोलेशन सेंटर न बनाकर ऑक्सीजन सिलिंडर और दवाइयों व खाने-पीने की मदद की। सरकार की गाइडलाइन से पहले तीन लोगों को प्लाज्मा देकर बड़ी मदद की। अभी भी हम सतर्क हैं। - अनिल शर्मा, एओए अध्यक्ष
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- हर बार की तरह कोरोना काल में सोसायटी के लोगों ने एकता की मिशाल कायम की। एक-दूसरे का हाथ थामकर कोरोना मरीजों को गंभीर बीमारी में भी जीवनदान देने का काम किया। 54 लोग ठीक हो गए हैं। एक जो संक्रमित हैं, वो भी रिकवरी स्टेज पर है। बहुत जल्द सोसायटी कोरोना मुक्त हो जाएगी। - विदित चावला
- सोसायटी में बुजुर्ग पति की मौत होने के बाद महिला अकेली हो गई थी। जिनकी लोगों ने मदद की। संक्रमण दर को खत्म करने के लिए क्लब हाउस, पार्क, टॉवर और सभी जगह सैनिटाइज किए जाते हैं। मरीजों के घर सब्जी, दवाई और खाने-पीने का सामान व ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचाया। - मनीष राठी
- लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए मेन गेट पर परमानेंट हैंड सैनिटाइजर मशीन लगा दी गई है। ऑनलाइन सामान और डिलीवरी सिक्योरिटी गार्ड मेन गेट पर सैनिटाइज करते हैं। फिर उसके साथ संबंधित फ्लैट तक जाते हैं। उनके लिए अलग से लिफ्ट भी रिजर्व की हुई है। एओए का काफी अच्छा रेस्पांस रहा। - राजीव तिवारी
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साहिबाबाद। अहिंसाखंड-2 की आशियाना उपवन सोसायटी ने बिना आइसोलेशन सेंटर के कोरोना को हरा दिया है। अब सोसायटी में संक्रमण का सिर्फ एक केस बाकी रह गया है। एओए का दावा है कि वह भी रिकवरी स्टेज पर है। आने वाले चार-पांच दिनों में सोसायटी कोरोना मुक्त हो जाएगी। वहीं, मेन गेट पर परमानेंट सैनिटाइजेशन मशीन लगा दी गई है।
एओए पदाधिकारी ने बताया कि आशियाना उपवन में 440 फ्लैट के अंदर डेढ़ हजार से अधिक लोग रहते हैं। कोरोना काल में केस आने से एओए की चिंताएं बढ़ गईं। एओए ने तत्काल कदम उठाया और स्वीमिंग पूल के ऑक्सीजन सिलिंडर से कोरोना मरीजों को राहत देना शुरू कर दिया। एओए और लोगों की मदद से दो ऑक्सीजन कन्संट्रेटर का भी इंतजाम कर लिया। पदाधिकारी अनिल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस पर आइसोलेशन सेंटर तैयार नहीं हो पाया। लोगों को होम आइसोलेशन में दवाई, खाना-पीना, सिलिंडर व कन्संट्रेटर की मदद पहुंचाई गई। उन्होंने बताया कि 55 केसों में अब तक 54 ने कोरोना को मात दे दी है, सिर्फ एक मरीज ही ठीक होने को बचा है। संक्रमण दूर करने को क्लब हाउस, पार्क, टॉवर, फ्लोर, फ्लैट, कॉमन एरिया समेत पूरे परिसर को सैनिटाइज करते हैं। वहीं, सरकार की गाइडलाइन आने से पहले तीन लोगों को अस्पताल की डिमांड पर प्लाज्मा दिया गया।
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परिचर्चा :
- कोरोना का संक्रमण फैलने के दौरान हमारी चिंता थी कि लोगों की जान कैसे बचाई जाए। हमने आइसोलेशन सेंटर न बनाकर ऑक्सीजन सिलिंडर और दवाइयों व खाने-पीने की मदद की। सरकार की गाइडलाइन से पहले तीन लोगों को प्लाज्मा देकर बड़ी मदद की। अभी भी हम सतर्क हैं। - अनिल शर्मा, एओए अध्यक्ष
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- हर बार की तरह कोरोना काल में सोसायटी के लोगों ने एकता की मिशाल कायम की। एक-दूसरे का हाथ थामकर कोरोना मरीजों को गंभीर बीमारी में भी जीवनदान देने का काम किया। 54 लोग ठीक हो गए हैं। एक जो संक्रमित हैं, वो भी रिकवरी स्टेज पर है। बहुत जल्द सोसायटी कोरोना मुक्त हो जाएगी। - विदित चावला
- सोसायटी में बुजुर्ग पति की मौत होने के बाद महिला अकेली हो गई थी। जिनकी लोगों ने मदद की। संक्रमण दर को खत्म करने के लिए क्लब हाउस, पार्क, टॉवर और सभी जगह सैनिटाइज किए जाते हैं। मरीजों के घर सब्जी, दवाई और खाने-पीने का सामान व ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचाया। - मनीष राठी
- लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए मेन गेट पर परमानेंट हैंड सैनिटाइजर मशीन लगा दी गई है। ऑनलाइन सामान और डिलीवरी सिक्योरिटी गार्ड मेन गेट पर सैनिटाइज करते हैं। फिर उसके साथ संबंधित फ्लैट तक जाते हैं। उनके लिए अलग से लिफ्ट भी रिजर्व की हुई है। एओए का काफी अच्छा रेस्पांस रहा। - राजीव तिवारी