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बेटियों को अपने पैरों पर खड़ा करना रूबी शर्मा का लक्ष्य
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ghaziabad news
- फोटो : GHAZIABAD City
बेटियों को अपने पैरों पर खड़ा करना रूबी शर्मा का लक्ष्य
लोनी। गढी कटैया गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में पढ़ाने वाली अध्यापिका रूबी शर्मा विद्यालय की छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ उन्हें सेल्फ डिफेंस, आर्ट, कुश्ती समेत अन्य एक्टिविटी सिखा रही हैं। उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद भी सरकारी विद्यालय में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उनके जीवन का मकसद जरूरतमंद लड़कियों को शिक्षित और कामयाब बनाना है।
मेरठ से एमए हिस्ट्री की टॉपर एवं गोल्ड मेडलिस्ट दिल्ली के बलबीरनगर में रहने वाली रूबी शर्मा के पति हर्ष शर्मा डॉक्टर हैं। वह 2005 में अध्यापिका बनीं। उन्होंने 2013 तक मुजफ्फरनगर में अध्यापिका की नौकरी की थी। 2013 में उनकी पोस्टिंग लोनी के गढ़ी कटैया के कंपोजिट विद्यालय में हो गई थी। यहां आकर उन्होंने विद्यालय की छात्राओं को अपनी बेटियां समझकर मजबूत बनाने की ठानी। वह विद्यालय की छात्राओं को जूड़ो-कराटे, डांसिंग, संवाद, योग, एक्सरसाइज, कुश्ती, पोस्टर मेकिंग, चित्रकला, पेपर आर्ट, नुक्कड़-नाटक समेत अन्य एक्टिविटी सिखा रही हैं। इससे विद्यालय की छात्राएं मेरठ और जनपद के खेलों में हिस्सा लेकर मेडल जीत रही हैं। इस विद्यालय की एक छात्रा मुस्कान को एक दिन का एस़डीएम लोनी भी बनाया गया था।
घर-घर जाकर छात्राओं के परिजनों को कर रहीं जागरूक
इस विद्यालय में पढ़ने वाली कुछ छात्राएं आठवीं पास कर चुकी हैं। लेकिन कुछ परिजन उन छात्राओं को आगे नहीं पढ़ाना चाहते थे। इस बारे में जब रूबी शर्मा को पता चला तो, वह खुद उन लोगों के घर पहुंची और छात्राओं के परिजनों को शिक्षा की अहमियत बताई। रूबी के प्रयासों के चलते करीब एक दर्जन से अधिक परिजनों ने अपनी बेटियों को और पढ़ाने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि बेटियों को अपने पैरों पर खड़ा करना उनका लक्ष्य है।
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लोनी। गढी कटैया गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में पढ़ाने वाली अध्यापिका रूबी शर्मा विद्यालय की छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ उन्हें सेल्फ डिफेंस, आर्ट, कुश्ती समेत अन्य एक्टिविटी सिखा रही हैं। उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद भी सरकारी विद्यालय में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उनके जीवन का मकसद जरूरतमंद लड़कियों को शिक्षित और कामयाब बनाना है।
मेरठ से एमए हिस्ट्री की टॉपर एवं गोल्ड मेडलिस्ट दिल्ली के बलबीरनगर में रहने वाली रूबी शर्मा के पति हर्ष शर्मा डॉक्टर हैं। वह 2005 में अध्यापिका बनीं। उन्होंने 2013 तक मुजफ्फरनगर में अध्यापिका की नौकरी की थी। 2013 में उनकी पोस्टिंग लोनी के गढ़ी कटैया के कंपोजिट विद्यालय में हो गई थी। यहां आकर उन्होंने विद्यालय की छात्राओं को अपनी बेटियां समझकर मजबूत बनाने की ठानी। वह विद्यालय की छात्राओं को जूड़ो-कराटे, डांसिंग, संवाद, योग, एक्सरसाइज, कुश्ती, पोस्टर मेकिंग, चित्रकला, पेपर आर्ट, नुक्कड़-नाटक समेत अन्य एक्टिविटी सिखा रही हैं। इससे विद्यालय की छात्राएं मेरठ और जनपद के खेलों में हिस्सा लेकर मेडल जीत रही हैं। इस विद्यालय की एक छात्रा मुस्कान को एक दिन का एस़डीएम लोनी भी बनाया गया था।
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घर-घर जाकर छात्राओं के परिजनों को कर रहीं जागरूक
इस विद्यालय में पढ़ने वाली कुछ छात्राएं आठवीं पास कर चुकी हैं। लेकिन कुछ परिजन उन छात्राओं को आगे नहीं पढ़ाना चाहते थे। इस बारे में जब रूबी शर्मा को पता चला तो, वह खुद उन लोगों के घर पहुंची और छात्राओं के परिजनों को शिक्षा की अहमियत बताई। रूबी के प्रयासों के चलते करीब एक दर्जन से अधिक परिजनों ने अपनी बेटियों को और पढ़ाने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि बेटियों को अपने पैरों पर खड़ा करना उनका लक्ष्य है।
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