{"_id":"623a2c385ca45d09b62e8dd8","slug":"ghaziabad-news-ghaziabad-news-gbd235742645","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम नहीं सीवर लाइन डालने पर अब वबाग कंपनी खर्च करेगी फंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम नहीं सीवर लाइन डालने पर अब वबाग कंपनी खर्च करेगी फंड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम नहीं सीवर लाइन डालने पर अब वबाग कंपनी खर्च करेगी फंड
गाजियाबाद। कॉलोनियों में सीवर लाइनों का विस्तार करने पर अब नगर निगम नहीं प्राइवेट कंपनी वीए टेक वबाग को पैसा खर्च करना होगा। कंपनी के पास सीवर लाइनों के विस्तार के लिए रिजर्व फंड है, लेकिन इसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। नगर निगम के महाप्रबंधक ने अब फर्म पर शिकंजा कस दिया है, उन्होंने इस रिजर्व फंड से सीवर लाइन डलवाने के निर्देश दिए हैं।
चेन्नई की कंपनी वीए टेक वबाग के साथ हुए नगर निगम के अनुबंध के मुताबिक कंपनी को मिलने वाले भुगतान का निर्धारित हिस्सा रिजर्व फंड में रखा जाता है। इस फंड का इस्तेमाल क्षतिग्रस्त होने वाली सीवर लाइनों को बदलने या सीवर लाइनों के विस्तार के लिए किए जाने का प्रावधान है। करीब दो साल से सीवर मेंटेनेंस और एसटीपी संचालन का ठेका इस कंपनी के पास है, लेकिन सीवर लाइनों के विस्तार में पैसा नगर निगम खर्च कर रहा था। अधिकारियों ने कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए कंपनी को छूट दे रखी थी। अब सीवर व्यवस्था बिगड़ने पर निगम अधिकारियों ने कंपनी पर सख्ती शुरू की है।
निगम के महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी इस कंपनी पर दो बार 45-45 लाख का जुर्माना लगा चुके हैं। अब उन्होंने सीवर लाइनों के विस्तार पर नगर निगम का पैसा खर्च करने से इनकार कर कंपनी को सीवर लाइन डलवाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। कॉलोनियों में सीवर लाइनों का विस्तार करने पर अब नगर निगम नहीं प्राइवेट कंपनी वीए टेक वबाग को पैसा खर्च करना होगा। कंपनी के पास सीवर लाइनों के विस्तार के लिए रिजर्व फंड है, लेकिन इसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। नगर निगम के महाप्रबंधक ने अब फर्म पर शिकंजा कस दिया है, उन्होंने इस रिजर्व फंड से सीवर लाइन डलवाने के निर्देश दिए हैं।
चेन्नई की कंपनी वीए टेक वबाग के साथ हुए नगर निगम के अनुबंध के मुताबिक कंपनी को मिलने वाले भुगतान का निर्धारित हिस्सा रिजर्व फंड में रखा जाता है। इस फंड का इस्तेमाल क्षतिग्रस्त होने वाली सीवर लाइनों को बदलने या सीवर लाइनों के विस्तार के लिए किए जाने का प्रावधान है। करीब दो साल से सीवर मेंटेनेंस और एसटीपी संचालन का ठेका इस कंपनी के पास है, लेकिन सीवर लाइनों के विस्तार में पैसा नगर निगम खर्च कर रहा था। अधिकारियों ने कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए कंपनी को छूट दे रखी थी। अब सीवर व्यवस्था बिगड़ने पर निगम अधिकारियों ने कंपनी पर सख्ती शुरू की है।
विज्ञापन
निगम के महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी इस कंपनी पर दो बार 45-45 लाख का जुर्माना लगा चुके हैं। अब उन्होंने सीवर लाइनों के विस्तार पर नगर निगम का पैसा खर्च करने से इनकार कर कंपनी को सीवर लाइन डलवाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन