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वीआईपी के साइरन बजाने पर हो प्रतिबंध, बने राष्ट्रीय नीति: किरण बेदी
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किरण बेदी.
- फोटो : GHAZIABAD City
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वीआईपी के साइरन बजाने पर हो प्रतिबंध, बने राष्ट्रीय नीति: किरण बेदी
गाजियाबाद। आईएमएस यूसी कैंपस में वर्चुअल टॉक शो में पुडुचेरी की पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर व महिला आईपीएस अफसर डॉ. किरण बेदी ने देश में फैली वीआईपी संस्कृति पर निशाना साधा। वर्चुअल संवाद में उन्होंने कहा कि वह खुद वीआईपी संस्कृति के खिलाफ हैं। वीआईपी लोगों के साइरन बजाने पर प्रतिबंध होना चाहिए। अगर यह व्यवस्था राष्ट्रीय नीति बन जाती है तो देश में यातायात व्यवस्था बेहद सहज और बेहतर हो जाएगी। उन्होंने जीवन में कामयाबी के लिए प्रतिबद्धता, समर्पण और दूरदर्शिता पर जोर दिया।
संस्थान के विद्यार्थियों और शिक्षकों से अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता जीवन के अमूल्य उपहार रहे। जिनके कारण मैं कामयाबी के मुकाम तक पहुंच पाई। किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने केलिए ईमानदारी के साथ टीम भावना बहुत जरूरी है। वहीं हमेशा मात्रा की जगह गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने दृष्टि और दिशा की स्पष्टता की अनिवार्यता पर जोर देते हुए कहा कि मैं निर्भीक होकर इसलिए काम कर पाई, क्योंकि कानून की पढ़ाई कर उनको सीखा और अपने कर्तव्यों को समझा।
विद्यार्थियों और शिक्षकों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि आज संघ लोकसेवा आयोग और प्रदेश लोकसेवा आयोग की परीक्षाएं उत्तीर्ण करने के बाद युवा अधिकारी दिल से काम नहीं कर रहे हैं। वह न्यूनतम काम और अधिक प्राप्ति की शैली पर काम कर रहे हैं, जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। व्यवस्था में सुधार और राष्ट्र के निर्माण में युवाओं को अपनी सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभानी होगी। वर्चुअल कार्यक्रम में आईएमएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के महासचिव डॉ. राकेश छारिया ने डॉ. किरण बेदी द्वारा लिखित पुस्तक फियरलैस गवर्नेंस का वर्चुअल लोकार्पण किया। संस्थान के निदेशक डॉ. अजय कुमार ने कहा कि डॉ. किरण बेदी का संपूर्ण जीवन ही लोगों के लिए प्रेरणा का श्रोत है, और आगे भी बना रहेगा। वर्चुअल कार्यक्रम का संचालन प्रो. शेंकी त्यागी ने किया।
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गाजियाबाद। आईएमएस यूसी कैंपस में वर्चुअल टॉक शो में पुडुचेरी की पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर व महिला आईपीएस अफसर डॉ. किरण बेदी ने देश में फैली वीआईपी संस्कृति पर निशाना साधा। वर्चुअल संवाद में उन्होंने कहा कि वह खुद वीआईपी संस्कृति के खिलाफ हैं। वीआईपी लोगों के साइरन बजाने पर प्रतिबंध होना चाहिए। अगर यह व्यवस्था राष्ट्रीय नीति बन जाती है तो देश में यातायात व्यवस्था बेहद सहज और बेहतर हो जाएगी। उन्होंने जीवन में कामयाबी के लिए प्रतिबद्धता, समर्पण और दूरदर्शिता पर जोर दिया।
संस्थान के विद्यार्थियों और शिक्षकों से अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता जीवन के अमूल्य उपहार रहे। जिनके कारण मैं कामयाबी के मुकाम तक पहुंच पाई। किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने केलिए ईमानदारी के साथ टीम भावना बहुत जरूरी है। वहीं हमेशा मात्रा की जगह गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने दृष्टि और दिशा की स्पष्टता की अनिवार्यता पर जोर देते हुए कहा कि मैं निर्भीक होकर इसलिए काम कर पाई, क्योंकि कानून की पढ़ाई कर उनको सीखा और अपने कर्तव्यों को समझा।
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विद्यार्थियों और शिक्षकों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि आज संघ लोकसेवा आयोग और प्रदेश लोकसेवा आयोग की परीक्षाएं उत्तीर्ण करने के बाद युवा अधिकारी दिल से काम नहीं कर रहे हैं। वह न्यूनतम काम और अधिक प्राप्ति की शैली पर काम कर रहे हैं, जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। व्यवस्था में सुधार और राष्ट्र के निर्माण में युवाओं को अपनी सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभानी होगी। वर्चुअल कार्यक्रम में आईएमएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के महासचिव डॉ. राकेश छारिया ने डॉ. किरण बेदी द्वारा लिखित पुस्तक फियरलैस गवर्नेंस का वर्चुअल लोकार्पण किया। संस्थान के निदेशक डॉ. अजय कुमार ने कहा कि डॉ. किरण बेदी का संपूर्ण जीवन ही लोगों के लिए प्रेरणा का श्रोत है, और आगे भी बना रहेगा। वर्चुअल कार्यक्रम का संचालन प्रो. शेंकी त्यागी ने किया।
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