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एमएमजी अस्पताल में ऑपरेशन और जांच फीस हुई महंगी
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जिला अस्पताल।
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एमएमजी अस्पताल में ऑपरेशन और जांच फीस हुई महंगी
गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में दो दशक से चली आ रही जांच और ऑपरेशन की फीस अब 17 रुपये से 99 रुपये तक बढ़ा दी गई है। कान की जांच (ओडियोमेट्री) के लिए पहली बार 20 रुपये जांच रेट तय किया गया है। प्लास्टर से लेकर ईसीजी जांच तक सभी के दाम बढ़ाए गए हैं। हालांकि, ब्लड बैंक से मिलने वाले प्लेटलेट्स और संपूर्ण रक्त की फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नए फीस निर्धारण में कान की जांच के लिए भी फीस देना पड़ेगा।
एमएमजी अस्पताल में प्रतिदिन ढाई से तीन हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें से प्रतिदिन 15 से 20 लोग ईसीजी समेत अन्य जांच कराते हैं। दांत में मसाला भरने के रेट में भी 17 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। फिजियोथेरेपी कराने का पांच दिन का खर्च 30 रुपये से 60 रुपये कर दिया गया है। अस्पताल में एक बड़ा तबका ऐसा आता है जिसके पास मामूली फीस भरने के लिए भी पैसे नहीं होते हैं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि गरीब, बंदी, बाल आश्रम या वृद्धाश्रम से आने वाले मरीजों का निशुल्क इलाज किया जाता है।
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गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में दो दशक से चली आ रही जांच और ऑपरेशन की फीस अब 17 रुपये से 99 रुपये तक बढ़ा दी गई है। कान की जांच (ओडियोमेट्री) के लिए पहली बार 20 रुपये जांच रेट तय किया गया है। प्लास्टर से लेकर ईसीजी जांच तक सभी के दाम बढ़ाए गए हैं। हालांकि, ब्लड बैंक से मिलने वाले प्लेटलेट्स और संपूर्ण रक्त की फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नए फीस निर्धारण में कान की जांच के लिए भी फीस देना पड़ेगा।
एमएमजी अस्पताल में प्रतिदिन ढाई से तीन हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें से प्रतिदिन 15 से 20 लोग ईसीजी समेत अन्य जांच कराते हैं। दांत में मसाला भरने के रेट में भी 17 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। फिजियोथेरेपी कराने का पांच दिन का खर्च 30 रुपये से 60 रुपये कर दिया गया है। अस्पताल में एक बड़ा तबका ऐसा आता है जिसके पास मामूली फीस भरने के लिए भी पैसे नहीं होते हैं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि गरीब, बंदी, बाल आश्रम या वृद्धाश्रम से आने वाले मरीजों का निशुल्क इलाज किया जाता है।
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