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महायोजना-2031 पास, शहर का होगा सुनियोजित विकास
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महायोजना-2031 पास, शहर का होगा सुनियोजित विकास
गाजियाबाद। महानगर के सुनियोजित विकास का रास्ता अब साफ हो सकेगा। लखनऊ में बुधवार को हुई शासकीय समिति ने महायोजना-2031 (मास्टर प्लान) को मंजूरी दे दी है। अब शासकीय समिति के सुझावों को शामिल कर मास्टर प्लान को आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद शासन को भेजा जाएगा। नए मास्टर प्लान में 27 हजार पंजीकृत उद्योगों के लिए ट्रांसपोर्ट नगर के साथ कई बड़ी मांगें पूरी हो सकेंगी। नए मास्टर प्लान में गाजियाबाद-डासना, मोदीनगर-मुरादनगर और लोनी का 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र शामिल किया गया है।
लखनऊ में शासकीय समिति के सामने प्रस्तुतिकरण और मुहर लगने के बाद जीडीए मुख्य वास्तुविद् व नगर नियोजक (सीएटीपी) आशीष शिवपुरी ने बताया कि मास्टर प्लान के प्रस्तुतिकरण के बाद समिति की ओर से क्षेत्रफल विस्तार सहित कई बिंदुओं पर सुझाव दिए गए हैं। बैठक के मिनट आने के बाद बिंदुओं को मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा। मास्टर प्लान को सात जनवरी को होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद उसे शासन को भेजा जाएगा।
डासना में ट्रांसपोर्टनगर के साथ होगा औद्योगिक हब
मास्टर प्लान-2031 में सबसे ज्यादा 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्र गाजियाबाद व डासना में शामिल है। डासना और उसके आसपास नया औद्योगिक हब विकसित होगा। डासना के पास ही वेयर हाउस और लॉजिस्टिक हब की स्थापना होगी। दो दशक से ज्यादा समय चल रही ट्रांसपोर्टनगर की मांग इसी क्षेत्र में पूरी होगी। डासना व दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से सटे क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन निर्धारित है।
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मोदीनगर-मुरादनगर में आएंगी आवासीय योजनाएं
मास्टर प्लान में मोदीनगर व मुरादनगर में 60 हेक्टेयर और लोनी में 20 हेक्टेयर जमीन का भू-उपयोग कृषि से बदलकर आवासीय करने का रास्ता साफ हो गया है। रैपिड रेल कॉरिडोर के चलते मोदीनगर और मुरादनगर क्षेत्र नई आवासीय योजनाओं का केंद्र होगा। नए मास्टर प्लान का सबसे ज्यादा लाभ देहात क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास सहित तमाम आवासीय योजनाएं कृषि भूमि का भू-उपयोग परिवर्तन न हो पाने से अटकी हुई हैं। भू-उपयोग परिवर्तन होने से क्षेत्र में आवासीय योजनाओं को पंख लगेंगे।
हरित क्षेत्र 12 से बढ़ाकर 14 फीसदी करने की योजना
मास्टर प्लान -2021 में कुल चयनित क्षेत्र का 12 फीसदी हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना थी। नए मास्टर प्लान में हरित क्षेत्र का लक्ष्य दो फीसदी बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया गया है। अगर योजना का क्रियान्वयन सही से हो पाता है तो शहरवासियों को प्रदूषण से निजात मिलेगी।
इंटर स्टेट टर्मिनल का विकास होगा संभव
नई महायोजना में डासना-दुहाई के पास इंटर स्टेट टर्मिनल के विकास की योजना को अमली जामा पहनाया जा सकेगा। भू-उपयोग परिवर्तन के साथ ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, रैपिड कॉरिडोर, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के बराबर में योजना को आगे बढ़ाया जा सकेगा। इंटर स्टेट टर्मिनल के गाजियाबाद में बनने से शहर को एक और उपलब्धि हासिल होगी।
हर संपत्ति को मिलेगी डिजिटल पहचान
महायोजना-2031 में शहरी और देहात क्षेत्र की आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों को डिजिटल पहचान मिलेगी। मास्टर प्लान में हर संपत्ति को यूनिक आईडी देने मिलेगी। यूनिक आईडी से संपत्तियों की खोज पहले से और आसान हो जाएगी।
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गाजियाबाद। महानगर के सुनियोजित विकास का रास्ता अब साफ हो सकेगा। लखनऊ में बुधवार को हुई शासकीय समिति ने महायोजना-2031 (मास्टर प्लान) को मंजूरी दे दी है। अब शासकीय समिति के सुझावों को शामिल कर मास्टर प्लान को आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद शासन को भेजा जाएगा। नए मास्टर प्लान में 27 हजार पंजीकृत उद्योगों के लिए ट्रांसपोर्ट नगर के साथ कई बड़ी मांगें पूरी हो सकेंगी। नए मास्टर प्लान में गाजियाबाद-डासना, मोदीनगर-मुरादनगर और लोनी का 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र शामिल किया गया है।
लखनऊ में शासकीय समिति के सामने प्रस्तुतिकरण और मुहर लगने के बाद जीडीए मुख्य वास्तुविद् व नगर नियोजक (सीएटीपी) आशीष शिवपुरी ने बताया कि मास्टर प्लान के प्रस्तुतिकरण के बाद समिति की ओर से क्षेत्रफल विस्तार सहित कई बिंदुओं पर सुझाव दिए गए हैं। बैठक के मिनट आने के बाद बिंदुओं को मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा। मास्टर प्लान को सात जनवरी को होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद उसे शासन को भेजा जाएगा।
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डासना में ट्रांसपोर्टनगर के साथ होगा औद्योगिक हब
मास्टर प्लान-2031 में सबसे ज्यादा 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्र गाजियाबाद व डासना में शामिल है। डासना और उसके आसपास नया औद्योगिक हब विकसित होगा। डासना के पास ही वेयर हाउस और लॉजिस्टिक हब की स्थापना होगी। दो दशक से ज्यादा समय चल रही ट्रांसपोर्टनगर की मांग इसी क्षेत्र में पूरी होगी। डासना व दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से सटे क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन निर्धारित है।
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मोदीनगर-मुरादनगर में आएंगी आवासीय योजनाएं
मास्टर प्लान में मोदीनगर व मुरादनगर में 60 हेक्टेयर और लोनी में 20 हेक्टेयर जमीन का भू-उपयोग कृषि से बदलकर आवासीय करने का रास्ता साफ हो गया है। रैपिड रेल कॉरिडोर के चलते मोदीनगर और मुरादनगर क्षेत्र नई आवासीय योजनाओं का केंद्र होगा। नए मास्टर प्लान का सबसे ज्यादा लाभ देहात क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास सहित तमाम आवासीय योजनाएं कृषि भूमि का भू-उपयोग परिवर्तन न हो पाने से अटकी हुई हैं। भू-उपयोग परिवर्तन होने से क्षेत्र में आवासीय योजनाओं को पंख लगेंगे।
हरित क्षेत्र 12 से बढ़ाकर 14 फीसदी करने की योजना
मास्टर प्लान -2021 में कुल चयनित क्षेत्र का 12 फीसदी हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना थी। नए मास्टर प्लान में हरित क्षेत्र का लक्ष्य दो फीसदी बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया गया है। अगर योजना का क्रियान्वयन सही से हो पाता है तो शहरवासियों को प्रदूषण से निजात मिलेगी।
इंटर स्टेट टर्मिनल का विकास होगा संभव
नई महायोजना में डासना-दुहाई के पास इंटर स्टेट टर्मिनल के विकास की योजना को अमली जामा पहनाया जा सकेगा। भू-उपयोग परिवर्तन के साथ ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, रैपिड कॉरिडोर, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के बराबर में योजना को आगे बढ़ाया जा सकेगा। इंटर स्टेट टर्मिनल के गाजियाबाद में बनने से शहर को एक और उपलब्धि हासिल होगी।
हर संपत्ति को मिलेगी डिजिटल पहचान
महायोजना-2031 में शहरी और देहात क्षेत्र की आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों को डिजिटल पहचान मिलेगी। मास्टर प्लान में हर संपत्ति को यूनिक आईडी देने मिलेगी। यूनिक आईडी से संपत्तियों की खोज पहले से और आसान हो जाएगी।