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नौकरी की जरूरत न बताने वाला इंस्पेक्टर 12 दिन बाद लाइन में लौटे
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नौकरी की जरूरत न बताने वाला इंस्पेक्टर 12 दिन बाद लाइन में लौटे
गाजियाबाद। नौकरी की जरूरत न बताने वाले लोनी बॉर्डर थाने के एसएचओ राजेंद्र त्यागी 12 दिन बाद पुलिस लाइन लौट आए। 11 नवंबर को मुठभेड़ में सात पशु तस्करों के पैरों में एक ही जगह गोली लगने के बाद राजेंद्र त्यागी पर फर्जी एनकाउंटर के आरोप लगे थे। इसके बाद एसएसपी ने 13 नवंबर को एसएचओ राजेंद्र त्यागी को लोनी बॉर्डर थाने से हटाकर इंदिरापुरम थाने भेज दिया था तब इंस्पेक्टर ने थाने में तस्करा डालकर कहा था कि कार्रवाई के बाद उनका मनोबल गिरा है। मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, हालत ठीक न होने तक वो ड्यूटी ज्वाइन नहीं कर सकते। इसके बाद एसएसपी ने राजेंद्र त्यागी को निलंबित कर दिया था। अब राजेंद्र त्यागी को मुठभेड़ और तस्करा लीक होने के मामले की जांच कर रहे सीओ लोनी के समक्ष बयान दर्ज कराने होंगे।
अब तक पुलिसकर्मियों केबयान हुए न चश्मदीद के
अब मुठभेड़ की जांच भी सवालों के घेरे में आ गई है। 14 दिन बाद भी मुठभेड़ में शामिल 13 पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज नहीं हो सके हैं। इतना ही नहीं, मुठभेड़ के चश्मदीद गोदाम मालिक आदिल को भी पुलिस नहीं खोज सकी है। जांच की सुस्त रफ्तार पर विवेचक सवालों के घेरे में हैं।
दो स्तर पर चल रही जांच
- मुठभेड़ के बाद इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने थाने में तस्करों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इस केस की जांच थाने के दरोगा द्वारा की जा रही है। वहीं, एक आरोपी के परिजनों ने पुलिस पर नाबालिग को बालिग दर्शाकर गोली मारने और जेल भेजने का आरोप लगाया था, इसकी जांच सीओ लोनी द्वारा की जा रही है।
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पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। सीओ को जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिसकर्मियों, चश्मदीद व नाबालिग बताए जा रहे आरोपी के परिजनों के बयान दर्ज होंगे। इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने पुलिस लाइन में आमद दर्ज करा ली है।
- पवन कुमार, एसएसपी
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गाजियाबाद। नौकरी की जरूरत न बताने वाले लोनी बॉर्डर थाने के एसएचओ राजेंद्र त्यागी 12 दिन बाद पुलिस लाइन लौट आए। 11 नवंबर को मुठभेड़ में सात पशु तस्करों के पैरों में एक ही जगह गोली लगने के बाद राजेंद्र त्यागी पर फर्जी एनकाउंटर के आरोप लगे थे। इसके बाद एसएसपी ने 13 नवंबर को एसएचओ राजेंद्र त्यागी को लोनी बॉर्डर थाने से हटाकर इंदिरापुरम थाने भेज दिया था तब इंस्पेक्टर ने थाने में तस्करा डालकर कहा था कि कार्रवाई के बाद उनका मनोबल गिरा है। मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, हालत ठीक न होने तक वो ड्यूटी ज्वाइन नहीं कर सकते। इसके बाद एसएसपी ने राजेंद्र त्यागी को निलंबित कर दिया था। अब राजेंद्र त्यागी को मुठभेड़ और तस्करा लीक होने के मामले की जांच कर रहे सीओ लोनी के समक्ष बयान दर्ज कराने होंगे।
अब तक पुलिसकर्मियों केबयान हुए न चश्मदीद के
अब मुठभेड़ की जांच भी सवालों के घेरे में आ गई है। 14 दिन बाद भी मुठभेड़ में शामिल 13 पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज नहीं हो सके हैं। इतना ही नहीं, मुठभेड़ के चश्मदीद गोदाम मालिक आदिल को भी पुलिस नहीं खोज सकी है। जांच की सुस्त रफ्तार पर विवेचक सवालों के घेरे में हैं।
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दो स्तर पर चल रही जांच
- मुठभेड़ के बाद इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने थाने में तस्करों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इस केस की जांच थाने के दरोगा द्वारा की जा रही है। वहीं, एक आरोपी के परिजनों ने पुलिस पर नाबालिग को बालिग दर्शाकर गोली मारने और जेल भेजने का आरोप लगाया था, इसकी जांच सीओ लोनी द्वारा की जा रही है।
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पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। सीओ को जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिसकर्मियों, चश्मदीद व नाबालिग बताए जा रहे आरोपी के परिजनों के बयान दर्ज होंगे। इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने पुलिस लाइन में आमद दर्ज करा ली है।
- पवन कुमार, एसएसपी