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16 साल के किशोर को 18 का बताकर भेजा था जेल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 01:30 AM IST
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16 साल के किशोर को 18 का बताकर भेजा था जेल
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गाजियाबाद। पशु तस्करों के साथ मुठभेड़ करने वाली लोनी बॉर्डर पुलिस का कारनामा आखिरकार सामने आ ही गया। पुलिस ने आसिफ नाम के नाबालिग आरोपी को बालिग दर्शाते हुए जेल भेज दिया। इस बात का खुलासा सीओ लोनी की जांच रिपोर्ट में हुआ है। एसएसपी का कहना है कि कोर्ट के जरिये प्रक्रिया पूरी कराकर नाबालिग आरोपी को जेल से बाल सुधार गृह भिजवाया जाएगा।
11 नवंबर को लोनी बार्डर थाने के तत्कालीन एसएचओ राजेंद्र त्यागी ने गोकशी की सूचना पर टीम के साथ बेहटा हाजीपुर के एक गोदाम में छापा मारा था। एसएचओ के मुताबिक तस्करों ने गोली चलाई तो पुलिस ने भी फायरिंग की। तस्करों द्वारा की गई सात राउंड फायरिंग में एक गोली पुलिस की गाड़ी में लगी थी। जबकि पुलिस की तरफ से चली 16 राउंड गोली में सात तस्कर पैर में गोली लगने से घायल हुए थे। हैरत की बात यह है कि सभी तस्करों को गोली एक ही जगह लगी थी। पुलिस की इस मुठभेड़ पर सवाल खड़े हुए थे। घायल तस्करों में अशोक विहार निवासी आसिफ और उसका भाई इंतजार भी शामिल है।
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सुबूत दिखाने पर भी एसएचओ ने एक नहीं सुनी
आसिफ के परिजनों के मुताबिक मुठभेड़ के बाद उन्होंने पुलिस को आधार कार्ड दिखाया था, जिसमें उसकी उम्र 16 साल है। आरोप है कि एसएचओ ने इस सुबूत को मानने से इंकार करते हुए जानबूझकर आसिफ को बालिग दर्शाया और उसे जेल भेज दिया। मामला सामने आने पर एसएसपी ने सीओ लोनी को जांच सौंपी थी। रविवार को सीओ ने एसएसपी कार्यालय में जांच रिपोर्ट सौंप दी, जिसमें आसिफ को नाबालिग माना गया है। इसके पीछे आधार कार्ड में दर्ज उम्र का हवाला दिया गया है। जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आने के बाद एसएसपी ने लिखापढ़ी पूरी कर कोर्ट के जरिये आसिफ को बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
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एसएसपी ने पूछा...क्या मुठभेड़ जरूरी थी?
एसएसपी पवन कुमार ने बताया कि सीओ ने जांच रिपोर्ट दी थी। उसमें आसिफ की उम्र 16 साल बताई गई है। जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर आरोपी को बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके तहत विवेचक केस डायरी में पर्चा काटेगा। आधार कार्ड कहां और किसने बनवाया, इसकी जांच होगी। इसके बाद कोर्ट से अपील की जाएगी। एसएसपी का कहना है कि जांच रिपोर्ट में कुछ बिंदु स्पष्ट नहीं थे, जिसके चलते उन्हें स्पष्ट करने के लिए फाइल लौटा दी गई है।
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