{"_id":"6169d78d35e4ec052949d802","slug":"ghaziabad-news-ghaziabad-news-gbd227776490","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीटी रोड से एलिवेटेड रोड को जोड़ने का प्रोजेक्ट 4 साल अटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीटी रोड से एलिवेटेड रोड को जोड़ने का प्रोजेक्ट 4 साल अटका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीटी रोड से एलिवेटेड रोड को जोड़ने का प्रोजेक्ट 4 साल लटका
गाजियाबाद। जीटी रोड पर हिंडन नदी से एलिवेटेड रोड पर चढ़ने के लिए एक पुल (लूप) बनाए जाने के प्रोजेक्ट पर चार साल के लिए विराम लग गया है। जीडीए ने फंड की कमी का हवाला देते हुए प्रोजेक्ट को प्राथमिकता से बाहर कर दिया है। अगर जीटी रोड को एलिवेटेड रोड से जोड़ दिया जाता तो लोगों का करीब 15 किमी बच जाता। वहीं, चार साल में जीडीए के आधा दर्जन प्रोजेक्ट फाइलों में ही कैद होकर रह गए हैं। इनमें यातायात से जुड़े तीन अहम प्रोजेक्ट शामिल हैं। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश ने बताया कि वर्तमान में जीडीए की प्राथमिकता चल रहे प्रोजेक्ट को पूरा कराने की है। फंड की उपलब्धता सुनिश्चित होने पर एलिवेटेड रोड को जीटी रोड से जोड़े जाने के प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाएगा।
वर्तमान में एलिवेटेड रोड पर चढ़ने के लिए लोगों को जीटी रोड पर हिंडन नदी पार करने के बाद अर्थला और फिर करहेड़ा होते हुए जाना होता है। जीटी रोड से सीधी कनेक्टिविटी होने से वाहन चालकों को करहेड़ा रोटरी का लंबा चक्कर नहीं लगाना होता। पूर्व में जीडीए के अभियंत्रण अनुभाग ने इसका एक प्लान बनाया था। इसमें हिंडन पर नए पुल के पास 400 मीटर लंबा लूप बनाया जाना था। हिंडन के नए पुल से शुरू होकर यह लूप वसुंधरा की ओर एलिवेटेड रोड से जुड़ना था। इस प्रोजेक्ट पर करीब 25 करोड़ की लागत आने की संभावना जताई गई थी। अब यह कुछ सालों के लिए प्राथमिकता से बाहर हो गया है।
विज्ञापन
गाजियाबाद। जीटी रोड पर हिंडन नदी से एलिवेटेड रोड पर चढ़ने के लिए एक पुल (लूप) बनाए जाने के प्रोजेक्ट पर चार साल के लिए विराम लग गया है। जीडीए ने फंड की कमी का हवाला देते हुए प्रोजेक्ट को प्राथमिकता से बाहर कर दिया है। अगर जीटी रोड को एलिवेटेड रोड से जोड़ दिया जाता तो लोगों का करीब 15 किमी बच जाता। वहीं, चार साल में जीडीए के आधा दर्जन प्रोजेक्ट फाइलों में ही कैद होकर रह गए हैं। इनमें यातायात से जुड़े तीन अहम प्रोजेक्ट शामिल हैं। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश ने बताया कि वर्तमान में जीडीए की प्राथमिकता चल रहे प्रोजेक्ट को पूरा कराने की है। फंड की उपलब्धता सुनिश्चित होने पर एलिवेटेड रोड को जीटी रोड से जोड़े जाने के प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाएगा।
वर्तमान में एलिवेटेड रोड पर चढ़ने के लिए लोगों को जीटी रोड पर हिंडन नदी पार करने के बाद अर्थला और फिर करहेड़ा होते हुए जाना होता है। जीटी रोड से सीधी कनेक्टिविटी होने से वाहन चालकों को करहेड़ा रोटरी का लंबा चक्कर नहीं लगाना होता। पूर्व में जीडीए के अभियंत्रण अनुभाग ने इसका एक प्लान बनाया था। इसमें हिंडन पर नए पुल के पास 400 मीटर लंबा लूप बनाया जाना था। हिंडन के नए पुल से शुरू होकर यह लूप वसुंधरा की ओर एलिवेटेड रोड से जुड़ना था। इस प्रोजेक्ट पर करीब 25 करोड़ की लागत आने की संभावना जताई गई थी। अब यह कुछ सालों के लिए प्राथमिकता से बाहर हो गया है।
विज्ञापन