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पांच महीने में 400 उद्योगों पर बढ़ गया पांच करोड का बोझ
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पांच महीने में 400 उद्योगों पर बढ़ गया पांच करोड़ का बोझ
गाजियाबाद। पीएनजी (पाइप्ड नैचुरल गैस) की बढ़ती कीमतों से जिले के 400 उद्योगों पर पांच करोड़ रुपये का बोझ बढ़ गया है। उत्पादन कीमत बढ़ने से उद्यमी परेशान हैं। पांच महीने में 10 रुपये से ज्यादा पीएनजी पर बढ़े हैं। उद्यमियाें का कहना है कि कच्चे माल के बाद पीएनजी के मूल्य में लगातार बढ़ोत्तरी से नुकसान झेलना पड़ रहा है।
जिले में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने 400 उद्योगों को पीएनजी का कनेक्शन दिया है। कविनगर औद्योगिक क्षेत्र में 35 से 40 इकाईयां पीएनजी पर चल रही हैं। इनमें सेनेट्री उत्पाद, इंडस्ट्रियल केमिकल, हार्डवेयर और पैकिंग मैटेरियल की इकाइयां अधिक हैं। इनको पीएनजी पर लाया गया है। मई से लेकर सितंबर तक पीएनजी के मूल्य में हर महीने बढ़ोत्तरी हुई है। गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन के मुताबिक पांच महीनों में 35 से 40 फीसदी तक पीएनजी के मूल्य बढ़े हैं। वर्तमान में उद्यमियों को पीएनजी कनेक्शन के लिए एक से डेढ़ लाख रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
हर दिन एक लाख 35 हजार किलो गैस की खपत
जिले में पीएनजी संचालित उद्योगों में प्रतिदिन एक लाख स्टैंडर्ड क्यूबेक मीटर पीएनजी की सप्लाई है। हर दिन एक लाख 35 हजार किलो पीएनजी 400 उद्योगों को आईजीएल से सप्लाई होती है। हर महीने 40 लाख 50 हजार किलो पीएनजी से उत्पादन किया जा रहा है।
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पीएनजी के साथ इस तरह बढ़ा उद्योगों पर बोझ :
महीना पीएनजी का रेट प्रति किलो उद्योगों पर बढ़ा बोझ करोड़ों में
मई 34.91 14.13 करोड़
जून 36.79 14.89 करोड़
जुलाई 39.19 15.87 करोड़
अगस्त 44.01 17.82 करोड़
सितंबर, अक्टूबर 47.32 19.16 करोड़
बाजार से नहीं मिल रहा बढ़ा रेट :
हमारी फैक्टरी में बाथरूम टैब बनते हैं। पीएनजी का पहले बिल 70 से 80 हजार रुपये आता था। अब एक लाख रुपये से अधिक आ रहा है। उत्पादन की कीमत लगातार बढ़ रही है, लेकिन बाजार से बढ़े हुए रेट पर माल खरीदने को कोई तैयार नहीं है।
- रवि जैन, उद्यमी
हार्डवेयर उत्पादन के लिए लिया कनेक्शन :
कविनगर औद्योगिक क्षेत्र में हार्डवेयर उत्पादन का हम करते हैं। कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर एनजीटी के प्रतिबंध के बाद पीएनजी कनेक्शन लिया, जो अब काफी महंगा पड़ रहा है। 40 फीसदी तक ऑर्डर भी कम हुए हैं।
- कैलाश अरोड़ा, उद्यमी
पैकिंग मैटेरियल हुआ महंगा
हम पैकिंग मैटेरियल तैयार करते हैं, पीएनजी के रेट बढ़ने के बाद उत्पादों की कीमत पर भी 35 फीसदी तक का इजाफा किया है। कच्चा माल और पीएनजी दोनों ही महंगे हो गए हैं।
- रचित गर्ग, उद्यमी
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गाजियाबाद। पीएनजी (पाइप्ड नैचुरल गैस) की बढ़ती कीमतों से जिले के 400 उद्योगों पर पांच करोड़ रुपये का बोझ बढ़ गया है। उत्पादन कीमत बढ़ने से उद्यमी परेशान हैं। पांच महीने में 10 रुपये से ज्यादा पीएनजी पर बढ़े हैं। उद्यमियाें का कहना है कि कच्चे माल के बाद पीएनजी के मूल्य में लगातार बढ़ोत्तरी से नुकसान झेलना पड़ रहा है।
जिले में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने 400 उद्योगों को पीएनजी का कनेक्शन दिया है। कविनगर औद्योगिक क्षेत्र में 35 से 40 इकाईयां पीएनजी पर चल रही हैं। इनमें सेनेट्री उत्पाद, इंडस्ट्रियल केमिकल, हार्डवेयर और पैकिंग मैटेरियल की इकाइयां अधिक हैं। इनको पीएनजी पर लाया गया है। मई से लेकर सितंबर तक पीएनजी के मूल्य में हर महीने बढ़ोत्तरी हुई है। गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन के मुताबिक पांच महीनों में 35 से 40 फीसदी तक पीएनजी के मूल्य बढ़े हैं। वर्तमान में उद्यमियों को पीएनजी कनेक्शन के लिए एक से डेढ़ लाख रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
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हर दिन एक लाख 35 हजार किलो गैस की खपत
जिले में पीएनजी संचालित उद्योगों में प्रतिदिन एक लाख स्टैंडर्ड क्यूबेक मीटर पीएनजी की सप्लाई है। हर दिन एक लाख 35 हजार किलो पीएनजी 400 उद्योगों को आईजीएल से सप्लाई होती है। हर महीने 40 लाख 50 हजार किलो पीएनजी से उत्पादन किया जा रहा है।
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पीएनजी के साथ इस तरह बढ़ा उद्योगों पर बोझ :
महीना पीएनजी का रेट प्रति किलो उद्योगों पर बढ़ा बोझ करोड़ों में
मई 34.91 14.13 करोड़
जून 36.79 14.89 करोड़
जुलाई 39.19 15.87 करोड़
अगस्त 44.01 17.82 करोड़
सितंबर, अक्टूबर 47.32 19.16 करोड़
बाजार से नहीं मिल रहा बढ़ा रेट :
हमारी फैक्टरी में बाथरूम टैब बनते हैं। पीएनजी का पहले बिल 70 से 80 हजार रुपये आता था। अब एक लाख रुपये से अधिक आ रहा है। उत्पादन की कीमत लगातार बढ़ रही है, लेकिन बाजार से बढ़े हुए रेट पर माल खरीदने को कोई तैयार नहीं है।
- रवि जैन, उद्यमी
हार्डवेयर उत्पादन के लिए लिया कनेक्शन :
कविनगर औद्योगिक क्षेत्र में हार्डवेयर उत्पादन का हम करते हैं। कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर एनजीटी के प्रतिबंध के बाद पीएनजी कनेक्शन लिया, जो अब काफी महंगा पड़ रहा है। 40 फीसदी तक ऑर्डर भी कम हुए हैं।
- कैलाश अरोड़ा, उद्यमी
पैकिंग मैटेरियल हुआ महंगा
हम पैकिंग मैटेरियल तैयार करते हैं, पीएनजी के रेट बढ़ने के बाद उत्पादों की कीमत पर भी 35 फीसदी तक का इजाफा किया है। कच्चा माल और पीएनजी दोनों ही महंगे हो गए हैं।
- रचित गर्ग, उद्यमी