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आत्महत्या मामले में पीड़ित पक्ष पर समझौते का दबाव डाल रहे सीओ
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आत्महत्या मामले में पीड़ित पक्ष पर समझौते का दबाव डाल रहे सीओ
गाजियाबाद। सिद्धार्थ विहार निवासी प्रॉपर्टी डीलर मुलकराज द्वारा आत्महत्या करने के मामले में पीड़ित परिवार ने सीओ प्रथम महीपाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के बेटे आकाश कुमार का कहना है कि सीओ आरोपियों पर कार्रवाई करने की बजाय उन पर समझौता करने का दबाव डाल रहे हैं। साथ ही बात न मानने पर फोरेंसिक रिपोर्ट बदलवाने की धमकी दे रहे हैं। आकाश ने आईजी को शिकायत देकर मामले की जांच सीओ महीपाल सिंह से हटाकर किसी अन्य से कराने की गुहार लगाई है। आईजी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सिद्धार्थ विहार बी-ब्लॉक निवासी आकाश कुमार का कहना है कि उनके पिता मुलकराज प्रॉपर्टी डीलर थे। उन्होंने प्लॉट की खरीद-फरोख्त के लिए मवई निवासी राजेंद्र नागर तथा खोड़ा कॉलोनी निवासी निर्मेष यादव और कालू यादव के पास 12.31 लाख रुपये जमा किए थे। पैसे जमा करने के बावजूद इन लोगों ने प्लॉट खरीदारों के नाम बैनामा नहीं किया। तगादा करने पर आरोपियों ने उनके पिता के साथ गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अपमानित किया। जिसके चलते 31 अगस्त को पिता ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। एक सितंबर को उनकी जेब से सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने आरोपियों के नाम लिखते हुए उन पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था। सुसाइड नोट के आधार पर विजयनगर थाने में आरोपियों पर एससी-एसटी एक्ट और आत्महत्या के लिए विवश करने का केस दर्ज कराया गया था। मामले की जांच सीओ प्रथम महीपाल सिंह द्वारा की जा रही है।
सीओ प्रथम = मुझ पर लगाए गए आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। फोरेंसिक लैब से हस्ताक्षर मिलान की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। रिमाइंडर भेजकर लैब से जल्द रिपोर्ट मंगाई जाएगी। साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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गाजियाबाद। सिद्धार्थ विहार निवासी प्रॉपर्टी डीलर मुलकराज द्वारा आत्महत्या करने के मामले में पीड़ित परिवार ने सीओ प्रथम महीपाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के बेटे आकाश कुमार का कहना है कि सीओ आरोपियों पर कार्रवाई करने की बजाय उन पर समझौता करने का दबाव डाल रहे हैं। साथ ही बात न मानने पर फोरेंसिक रिपोर्ट बदलवाने की धमकी दे रहे हैं। आकाश ने आईजी को शिकायत देकर मामले की जांच सीओ महीपाल सिंह से हटाकर किसी अन्य से कराने की गुहार लगाई है। आईजी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सिद्धार्थ विहार बी-ब्लॉक निवासी आकाश कुमार का कहना है कि उनके पिता मुलकराज प्रॉपर्टी डीलर थे। उन्होंने प्लॉट की खरीद-फरोख्त के लिए मवई निवासी राजेंद्र नागर तथा खोड़ा कॉलोनी निवासी निर्मेष यादव और कालू यादव के पास 12.31 लाख रुपये जमा किए थे। पैसे जमा करने के बावजूद इन लोगों ने प्लॉट खरीदारों के नाम बैनामा नहीं किया। तगादा करने पर आरोपियों ने उनके पिता के साथ गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अपमानित किया। जिसके चलते 31 अगस्त को पिता ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। एक सितंबर को उनकी जेब से सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने आरोपियों के नाम लिखते हुए उन पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था। सुसाइड नोट के आधार पर विजयनगर थाने में आरोपियों पर एससी-एसटी एक्ट और आत्महत्या के लिए विवश करने का केस दर्ज कराया गया था। मामले की जांच सीओ प्रथम महीपाल सिंह द्वारा की जा रही है।
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सीओ प्रथम = मुझ पर लगाए गए आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। फोरेंसिक लैब से हस्ताक्षर मिलान की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। रिमाइंडर भेजकर लैब से जल्द रिपोर्ट मंगाई जाएगी। साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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