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दुश्मन चाहे कोई भी हो, देश की रक्षा के लिए हम तैयार : वायुसेना प्रमुख
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गाजियाबाद। वायु सेना दिवस के दौरान परेड का निरीक्षण करते वायुसेना प्रमुख।
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दुश्मन चाहे कोई भी हो, देश की रक्षा के लिए हम तैयार : वायुसेना प्रमुख
साहिबाबाद। चीन सीमा पर बढ़ती चुनौतियों के बीच वायु सेना प्रमुख वीआर चौधरी ने कहा कि दुश्मन चाहे कोई भी हो, हर कीमत पर देश की रक्षा के लिए वायुसेना तैयार है। जैसे-जैसे चुनौतियां बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे हमारी ताकत बढ़ती जा रही है। पिछले दिनों में हमने साबित किया है कि हम पहले से ज्यादा सक्षम हुए हैं। वक्त की मांग है कि हम उच्च तकनीक परियोजनाओं में आत्मनिर्भर बनें। हमें तकनीक को अपग्रेड करना होगा। नवोन्मेषी विचार लंबे समय से हमारी ताकत रहे हैं।
89वें वायु सेना दिवस पर हिंडन एयरफोर्स पर आयोजित एयर शो में मुख्य अतिथि के तौर पर उन्होंने कहा, बीता साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा। पूर्वी लद्दाख में वायुसेना ने युद्ध तत्परता दिखाई। साथ ही कोविड के दौरान ऑक्सीजन और दवा पहुंचाने के कार्य बड़ी उपलब्धि हैं। वायुसेना के हर जवान को यह सुनिश्चित करना है कि हम राष्ट्र को निराश न करें। नीले रंग में राष्ट्र की सेवा करने वाले पुरुष और महिलाएं वीरता, बलिदान और अग्रणी भावना की विरासत के गौरवशाली संरक्षक हैं।
कहाए पिछले कुछ सालों में युद्ध का तरीका बदल गया है। उसी हिसाब से हम भी अपने को ढाल रहे हैं। वायुसेना कर्मियों को नई तकनीक से प्रशिक्षित किया जा रहा है। कम कीमत में सर्वश्रेष्ठ विमान और रक्षा उपकरण उपलब्ध कराने का प्रयास चल रहा है, इसलिए इस साल वायुसेना दिवस की थीम आत्मनिर्भर और सक्षम है। ऑटोमेशनए डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्षमता का उपयोग करने के लिए कई परियोजनाएं चल रही हैं ताकि हम भविष्य के युद्धों से लड़ने के तरीके को बदल सकें। उन्होंने कहा कि सैन्य अभियानों के संचालन के तरीकों में एक आदर्श बदलाव आया है।
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युद्ध की बदलती प्रकृति के अनुरूप भारतीय वायु सेना भी अपनी क्षमता वृद्धि करने के लिए कदम उठा रही है। इसका उद्देश्य वायु शक्ति को नियोजित करना और सभी क्षेत्रों में वांछित प्रभाव प्राप्त करना है। भारतीय वायुसेना में शामिल होने वाले युवक और युवतियां आज की डिजिटल दुनिया में अत्यधिक सक्षम और स्वाभाविक रूप से कुशल है। इसके लिए हमें अपनी परिचालन प्रशिक्षण पद्धति को उन्नत करना होगा ताकि वह वायु योद्धा सही कौशल और ज्ञान से लैस हों।
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साहिबाबाद। चीन सीमा पर बढ़ती चुनौतियों के बीच वायु सेना प्रमुख वीआर चौधरी ने कहा कि दुश्मन चाहे कोई भी हो, हर कीमत पर देश की रक्षा के लिए वायुसेना तैयार है। जैसे-जैसे चुनौतियां बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे हमारी ताकत बढ़ती जा रही है। पिछले दिनों में हमने साबित किया है कि हम पहले से ज्यादा सक्षम हुए हैं। वक्त की मांग है कि हम उच्च तकनीक परियोजनाओं में आत्मनिर्भर बनें। हमें तकनीक को अपग्रेड करना होगा। नवोन्मेषी विचार लंबे समय से हमारी ताकत रहे हैं।
89वें वायु सेना दिवस पर हिंडन एयरफोर्स पर आयोजित एयर शो में मुख्य अतिथि के तौर पर उन्होंने कहा, बीता साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा। पूर्वी लद्दाख में वायुसेना ने युद्ध तत्परता दिखाई। साथ ही कोविड के दौरान ऑक्सीजन और दवा पहुंचाने के कार्य बड़ी उपलब्धि हैं। वायुसेना के हर जवान को यह सुनिश्चित करना है कि हम राष्ट्र को निराश न करें। नीले रंग में राष्ट्र की सेवा करने वाले पुरुष और महिलाएं वीरता, बलिदान और अग्रणी भावना की विरासत के गौरवशाली संरक्षक हैं।
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कहाए पिछले कुछ सालों में युद्ध का तरीका बदल गया है। उसी हिसाब से हम भी अपने को ढाल रहे हैं। वायुसेना कर्मियों को नई तकनीक से प्रशिक्षित किया जा रहा है। कम कीमत में सर्वश्रेष्ठ विमान और रक्षा उपकरण उपलब्ध कराने का प्रयास चल रहा है, इसलिए इस साल वायुसेना दिवस की थीम आत्मनिर्भर और सक्षम है। ऑटोमेशनए डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्षमता का उपयोग करने के लिए कई परियोजनाएं चल रही हैं ताकि हम भविष्य के युद्धों से लड़ने के तरीके को बदल सकें। उन्होंने कहा कि सैन्य अभियानों के संचालन के तरीकों में एक आदर्श बदलाव आया है।
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युद्ध की बदलती प्रकृति के अनुरूप भारतीय वायु सेना भी अपनी क्षमता वृद्धि करने के लिए कदम उठा रही है। इसका उद्देश्य वायु शक्ति को नियोजित करना और सभी क्षेत्रों में वांछित प्रभाव प्राप्त करना है। भारतीय वायुसेना में शामिल होने वाले युवक और युवतियां आज की डिजिटल दुनिया में अत्यधिक सक्षम और स्वाभाविक रूप से कुशल है। इसके लिए हमें अपनी परिचालन प्रशिक्षण पद्धति को उन्नत करना होगा ताकि वह वायु योद्धा सही कौशल और ज्ञान से लैस हों।