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अफसर बन वसूली करता था ८वीं पास
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अफसर बन साथियों संग वसूली करता था 8वीं पास, गिरफ्तार
गाजियाबाद/मसूरी। अधिकारी बनकर वसूली करने वाले गिरोह का खुलासा कर मसूरी पुुलिस ने 8वीं पास सरगना समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गैंग ने नकली पेंट बेचने का आरोप लगाकर एक दुकानदार से 45 हजार रुपये ऐंठ लिए। दुकानदार की सूचना पर पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की। पुलिस की गिरफ्त में आते ही आरोपी खुद को मीडियाकर्मी बताने लगे। गिरफ्तार आरोपियों में तीन कथित पत्रकार और दिल्ली का एक होमगार्ड शामिल है। चारों के कब्जे से चैनल के आईकार्ड और 30 हजार रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि तीन आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
रफीकाबाद निवासी नदीम मसूरी के मयूर विहार में सिकरोड़ा रोड पर पेंट्स की दुकान चलाते हैं। नदीम के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 11 बजे कार में सात लोग उनकी दुकान पर पहुंचे। उन्होंने खुद को एशियन पेंट्स कंपनी तथा कॉपीराइट देखने वाले विभाग का अधिकारी बताया। उन्होंने दुकान का कोना-कोना खंगालने के बाद दस्तावेज व बिल देखे। उन्होंने नकली पेंट्स बेचने का आरोप लगाकर दुकान सील करने की बात कही। इसी बीच गैंग के एक सदस्य ने दुकानदार से कहा कि अगर दुकान सील नहीं करानी है तो मैं अधिकारियों से कुछ बात करूं। हड़बड़ाहट में दुकानदार ने हामी भर दी, इसके बाद उससे दो लाख रुपये की मांग की गई। दुकानदार ने जैसे-तैसे इंतजाम करके 45 हजार रुपये दे दिए। आरोपी बाकी रकम शाम को लेने आने की बात कहकर चले गए।
मीडिया वाले साथ हैं, चुपचाप पैसे दे दो, नहीं तो खबर चल जाएगी
पीड़ित दुकानदार के मुताबिक, गिरोह के सदस्यों ने कहा कि छापे की सूचना पर मीडिया वाले भी उनके साथ आए हैं। चुपचाप पैसे देकर मामला रफा-दफा कर ले, नहीं तो खबर चलने से बेवजह बदनामी हो जाएगी। दुकानदार का कहना है कि आरोपियों ने इस तरह भूमिका बनाईं कि उन्होंने चुपचाप पैसे देना मुनासिब समझा।
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फोन पर बनाया बाकी रकम देने का दबाव तो पुलिस को दी सूचना
दुकानदार नदीम ने बताया कि शाम को आरोपियों ने उस पर बाकी रकम देने का दबाव बनाया। उन्होंने किसी तरह टालने की कोशिश भी की, लेकिन सफलता नहीं मिली। वह मार्केट में नाम खराब करने की धमकी देने लगे। जिन कंपनियों का वह पेंट्स बेचते हैं, उन्होंने उनसे संपर्क किया तो माल पूरी तरह असली होने का दावा किया। इसके बाद दुकानदार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घेराबंदी कर चार आरोपी पकड़ लिए, जबकि तीन फरार हो गए।
ये हुए गिरफ्तार
पुलिस ने विजयनगर के शांतिनगर निवासी मनीष कुमार, राजीव नगर हर्ष विहार दिल्ली निवासी अंकुर, माता कॉलोनी नंदग्राम निवासी पवन गौर तथा हिंडन विहार नंदग्राम निवासी मोहम्मद अली को गिरफ्तार किया है। अर्थला निवासी अमरपाल, सेक्टर-23 संजयनगर निवासी नसीम सैफी और चिपियाना गौतमबुद्धनगर निवासी कपिल फरार हैं। आठवीं पास मनीष गिरोह का सरगना है और खुद अधिकारी बनता है। 12वीं पास अंकुर दिल्ली केहर्ष विहार थाने में होमगार्ड है और खुद को अधिकारी का असिस्टेंट की भूमिका निभाता है। पवन 10वीं और मोहम्मद अली 9वीं पास है। सभी आरोपी कभी अधिकारी तो कभी मीडियाकर्मी बन जाते थे।
पुलिस पर दबाव डालने को बन गए पत्रकार
एएसपी सदर आकाश पटेल का कहना है कि पुलिस की गिरफ्त में आते ही चारों आरोपी पुलिस पर दबाव बनाने के लिए खुद को पत्रकार बताने लगे। उन्होंने एक चैनल के आईकार्ड भी दिखाए। पुलिस ने चारों के आईकार्ड जब्त करते हुए उनसे 30 हजार रुपये बरामद किए हैं। एएसपी का कहना है कि आरोपियों ने कितने लोगों से वसूली की है, इसका पता लगाया जा रहा है।
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गाजियाबाद/मसूरी। अधिकारी बनकर वसूली करने वाले गिरोह का खुलासा कर मसूरी पुुलिस ने 8वीं पास सरगना समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गैंग ने नकली पेंट बेचने का आरोप लगाकर एक दुकानदार से 45 हजार रुपये ऐंठ लिए। दुकानदार की सूचना पर पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की। पुलिस की गिरफ्त में आते ही आरोपी खुद को मीडियाकर्मी बताने लगे। गिरफ्तार आरोपियों में तीन कथित पत्रकार और दिल्ली का एक होमगार्ड शामिल है। चारों के कब्जे से चैनल के आईकार्ड और 30 हजार रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि तीन आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
रफीकाबाद निवासी नदीम मसूरी के मयूर विहार में सिकरोड़ा रोड पर पेंट्स की दुकान चलाते हैं। नदीम के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 11 बजे कार में सात लोग उनकी दुकान पर पहुंचे। उन्होंने खुद को एशियन पेंट्स कंपनी तथा कॉपीराइट देखने वाले विभाग का अधिकारी बताया। उन्होंने दुकान का कोना-कोना खंगालने के बाद दस्तावेज व बिल देखे। उन्होंने नकली पेंट्स बेचने का आरोप लगाकर दुकान सील करने की बात कही। इसी बीच गैंग के एक सदस्य ने दुकानदार से कहा कि अगर दुकान सील नहीं करानी है तो मैं अधिकारियों से कुछ बात करूं। हड़बड़ाहट में दुकानदार ने हामी भर दी, इसके बाद उससे दो लाख रुपये की मांग की गई। दुकानदार ने जैसे-तैसे इंतजाम करके 45 हजार रुपये दे दिए। आरोपी बाकी रकम शाम को लेने आने की बात कहकर चले गए।
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मीडिया वाले साथ हैं, चुपचाप पैसे दे दो, नहीं तो खबर चल जाएगी
पीड़ित दुकानदार के मुताबिक, गिरोह के सदस्यों ने कहा कि छापे की सूचना पर मीडिया वाले भी उनके साथ आए हैं। चुपचाप पैसे देकर मामला रफा-दफा कर ले, नहीं तो खबर चलने से बेवजह बदनामी हो जाएगी। दुकानदार का कहना है कि आरोपियों ने इस तरह भूमिका बनाईं कि उन्होंने चुपचाप पैसे देना मुनासिब समझा।
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फोन पर बनाया बाकी रकम देने का दबाव तो पुलिस को दी सूचना
दुकानदार नदीम ने बताया कि शाम को आरोपियों ने उस पर बाकी रकम देने का दबाव बनाया। उन्होंने किसी तरह टालने की कोशिश भी की, लेकिन सफलता नहीं मिली। वह मार्केट में नाम खराब करने की धमकी देने लगे। जिन कंपनियों का वह पेंट्स बेचते हैं, उन्होंने उनसे संपर्क किया तो माल पूरी तरह असली होने का दावा किया। इसके बाद दुकानदार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घेराबंदी कर चार आरोपी पकड़ लिए, जबकि तीन फरार हो गए।
ये हुए गिरफ्तार
पुलिस ने विजयनगर के शांतिनगर निवासी मनीष कुमार, राजीव नगर हर्ष विहार दिल्ली निवासी अंकुर, माता कॉलोनी नंदग्राम निवासी पवन गौर तथा हिंडन विहार नंदग्राम निवासी मोहम्मद अली को गिरफ्तार किया है। अर्थला निवासी अमरपाल, सेक्टर-23 संजयनगर निवासी नसीम सैफी और चिपियाना गौतमबुद्धनगर निवासी कपिल फरार हैं। आठवीं पास मनीष गिरोह का सरगना है और खुद अधिकारी बनता है। 12वीं पास अंकुर दिल्ली केहर्ष विहार थाने में होमगार्ड है और खुद को अधिकारी का असिस्टेंट की भूमिका निभाता है। पवन 10वीं और मोहम्मद अली 9वीं पास है। सभी आरोपी कभी अधिकारी तो कभी मीडियाकर्मी बन जाते थे।
पुलिस पर दबाव डालने को बन गए पत्रकार
एएसपी सदर आकाश पटेल का कहना है कि पुलिस की गिरफ्त में आते ही चारों आरोपी पुलिस पर दबाव बनाने के लिए खुद को पत्रकार बताने लगे। उन्होंने एक चैनल के आईकार्ड भी दिखाए। पुलिस ने चारों के आईकार्ड जब्त करते हुए उनसे 30 हजार रुपये बरामद किए हैं। एएसपी का कहना है कि आरोपियों ने कितने लोगों से वसूली की है, इसका पता लगाया जा रहा है।