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आवंटन के डेढ़ साल बाद भी पीएम आवास नहीं तैयार, फिर बढ़ेगी समयसीमा
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आवंटन के डेढ़ साल बाद भी पीएम आवास नहीं तैयार, फिर बढ़ेगी समयसीमा
गाजियाबाद। अगस्त 2018 में शुरू होने और फरवरी 2020 में भवनों के आवंटन के बावजूद मधुबन बापूधाम योजना में पहला प्रधानमंत्री आवास प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया है। भवन आवंटन को डेढ़ साल से अधिक का वक्त बीतने के बावजूद आवंटियों को घर की चाबी नहीं मिली है। वर्तमान में प्रोजेक्ट में 856 में से फिलहाल केवल 240 भवनों का निर्माण पूरा हुआ है, जबकि अन्य 240 भवनों का अक्तूबर में निर्माण कार्य पूरा होने का दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद 336 भवनों के आवंटियों को आशियाने के लिए अब मार्च 2022 तक का इंतजार करना होगा।
पहले पीएम आवास प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए रेरा से बीते साल सितंबर 2021 तक का कार्य विस्तार मिला था। अब बाकी 336 भवनों का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए जीडीए फिर से रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी से छह माह का कार्य विस्तार लिया जाएगा। प्राधिकरण माह के अंत तक रेरा में कार्य विस्तार के लिए आवेदन करेगा। प्रोजेक्ट में होने वाली देरी के लिए कोरोना की पहली और दूसरी लहर का हवाला दिया जा रहा है। ऐसे में कोरोना का हवाला देकर प्राधिकरण के कार्य विस्तार आवेदन को जल्द स्वीकृति मिलने की पूरी संभावना है।
महानगर के पहले पीएम आवास प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य अगस्त 2018 में शुरू हुआ। प्रोजेक्ट में 856 भवनों का निर्माण पूरा करने के लिए दो साल की समयसीमा निर्धारित की गई थी, लेकिन कोरोना की मार्च में आई पहली लहर के कारण जुलाई 2020 की डेडलाइन में काम पूरा नहीं हो सका। कोरोना के चलते करीब पांच माह पीएम आवास प्रोजेक्ट का काम भी बंद रहा। रेरा से कार्य विस्तार मिलने के बावजूद अप्रैल 2021 में फिर कोरोना की दूसरी लहर से काम तीन माह ठप रहा।
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मधुबन बापूधाम योजना में चल रहे पीएम आवास के पहले प्रोजेक्ट का जीडीए सचिव ने निरीक्षण किया। निर्माण कार्य की देरी पर नाराजगी जताते हुए काम की गति बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। जीडीए सचिव बृजेश कुमार का कहना है कि ठेकेदार को निर्माण कार्य की गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए कार्य को जल्द पूरा करने को कहा गया है।
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गाजियाबाद। अगस्त 2018 में शुरू होने और फरवरी 2020 में भवनों के आवंटन के बावजूद मधुबन बापूधाम योजना में पहला प्रधानमंत्री आवास प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया है। भवन आवंटन को डेढ़ साल से अधिक का वक्त बीतने के बावजूद आवंटियों को घर की चाबी नहीं मिली है। वर्तमान में प्रोजेक्ट में 856 में से फिलहाल केवल 240 भवनों का निर्माण पूरा हुआ है, जबकि अन्य 240 भवनों का अक्तूबर में निर्माण कार्य पूरा होने का दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद 336 भवनों के आवंटियों को आशियाने के लिए अब मार्च 2022 तक का इंतजार करना होगा।
पहले पीएम आवास प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए रेरा से बीते साल सितंबर 2021 तक का कार्य विस्तार मिला था। अब बाकी 336 भवनों का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए जीडीए फिर से रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी से छह माह का कार्य विस्तार लिया जाएगा। प्राधिकरण माह के अंत तक रेरा में कार्य विस्तार के लिए आवेदन करेगा। प्रोजेक्ट में होने वाली देरी के लिए कोरोना की पहली और दूसरी लहर का हवाला दिया जा रहा है। ऐसे में कोरोना का हवाला देकर प्राधिकरण के कार्य विस्तार आवेदन को जल्द स्वीकृति मिलने की पूरी संभावना है।
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महानगर के पहले पीएम आवास प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य अगस्त 2018 में शुरू हुआ। प्रोजेक्ट में 856 भवनों का निर्माण पूरा करने के लिए दो साल की समयसीमा निर्धारित की गई थी, लेकिन कोरोना की मार्च में आई पहली लहर के कारण जुलाई 2020 की डेडलाइन में काम पूरा नहीं हो सका। कोरोना के चलते करीब पांच माह पीएम आवास प्रोजेक्ट का काम भी बंद रहा। रेरा से कार्य विस्तार मिलने के बावजूद अप्रैल 2021 में फिर कोरोना की दूसरी लहर से काम तीन माह ठप रहा।
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मधुबन बापूधाम योजना में चल रहे पीएम आवास के पहले प्रोजेक्ट का जीडीए सचिव ने निरीक्षण किया। निर्माण कार्य की देरी पर नाराजगी जताते हुए काम की गति बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। जीडीए सचिव बृजेश कुमार का कहना है कि ठेकेदार को निर्माण कार्य की गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए कार्य को जल्द पूरा करने को कहा गया है।