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200 करोड़ की निकली ऑनलाइन गेम से ठगी
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ऑनलाइन गेम के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गैंग के सात आरोपी गिरफ्तार।
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200 करोड़ की निकली ऑनलाइन गेम से ठगी
गाजियाबाद। ऑनलाइन गेम के नाम पर 200 करोड़ से ज्यादा रकम की ठगी करने वाले गैंग के सात सदस्यों को कविनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें से चार आरोपी पानीपत, दो हिसार और एक पंजाब का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक दुबई में बैठा पानीपत के बापोली डाढोला निवासी बजिंद्र गिरोह का मास्टरमाइंड है। अमर उजाला ने 31 अगस्त के अंक में ऑनलाइन गेम के नाम पर चल रही ठगी के बारे में प्रमुखता से छापा था।
साइबर सेल केनोडल अधिकारी व सीओ इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल, 22 एटीएम कार्ड, 1 पासबुक, 4 चेक, 9 चेकबुक, कार, वोटर आईकार्ड, 3 आधार कार्ड, 4 पैन कार्ड, 5 सिम कार्ड और 220 फर्जी विजिटिंग कार्ड बरामद हुए हैं। गिरोह का सरगना व दुबई में रहने वाला बजिंद्र भारत के लोगों को बल्क में राइजिंग स्टार गेम एप का लिंक मेसेज के जरिए भेजता है। लिंक के जरिए गेम का एप इंस्टाल कराया जाता है। इसके बाद उन्हें गेम के निर्देशों का अनुसरण करने के लिए कहा जाता है। बजिन्द्र दुबई से ही ऑनलाइन गेम एप का आईडी-पासवर्ड व्हॉट्सएप पर भेजता है। एप पर पीड़ित को वॉलेट अकाउंट मिल जाता है। जिसमें पीड़ित अपने बैंक खाते से पैसों का लेन-देन कर सकता है।
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि अब तक गिरोह द्वारा संचालित 70 करंट बैंक खाते ट्रेस हुए हैं, जिनमें 100 करोड़ से अधिक की ट्रांजेक्शन सामने आई है। 12 खातों में मौजूद 56 लाख रुपये फ्रीज करा दिए गए हैं। इनमें से 10 बैंक खातों की नोएडा, अंबाला, पानीपत में जाकर जांच की गई तो सभी पते फर्जी पाए गए। हर बैंक खाते में रोजाना 20 से 40 लाख रुपये तक की ट्रांजेक्शन है।
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सीओ अभय मिश्र ने बताया कि गैंग से जुड़े लोग फर्जी फर्म रजिस्टर्ड कराकर बैंक में खाता खुलवा लेते हैं। यह खाते उन लोगों के नाम पर खोले जाते हैं, जो लालच में अपने खाते का इस्तेमाल करने का हक देने (लीज पर देने) का तैयार हो जाते हैं। इसके अलावा फर्जी आईडी पर सिम लेकर उन्हें खातों में अपडेट करा लिया जाता है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह बजिंद्र के कहने पर फर्जी फर्म रजिस्टर्ड कराकर करंट खाते खुलवा लेते हैं। सीओ ने बताया कि बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले सदस्य को बजिंद्र शुरूआत में एकमुश्त 4 लाख रुपये देता है। इसके बाद रोजाना 5 हजार रुपये तब तक दिए जाते हैं, जब तक पुलिस खाता बंद नहीं करा देती। पैसे मिलने पर यह खाता धारकों को भी हर महीने 10 से 15 हजार रुपये देते हैं।
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गाजियाबाद। ऑनलाइन गेम के नाम पर 200 करोड़ से ज्यादा रकम की ठगी करने वाले गैंग के सात सदस्यों को कविनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें से चार आरोपी पानीपत, दो हिसार और एक पंजाब का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक दुबई में बैठा पानीपत के बापोली डाढोला निवासी बजिंद्र गिरोह का मास्टरमाइंड है। अमर उजाला ने 31 अगस्त के अंक में ऑनलाइन गेम के नाम पर चल रही ठगी के बारे में प्रमुखता से छापा था।
साइबर सेल केनोडल अधिकारी व सीओ इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल, 22 एटीएम कार्ड, 1 पासबुक, 4 चेक, 9 चेकबुक, कार, वोटर आईकार्ड, 3 आधार कार्ड, 4 पैन कार्ड, 5 सिम कार्ड और 220 फर्जी विजिटिंग कार्ड बरामद हुए हैं। गिरोह का सरगना व दुबई में रहने वाला बजिंद्र भारत के लोगों को बल्क में राइजिंग स्टार गेम एप का लिंक मेसेज के जरिए भेजता है। लिंक के जरिए गेम का एप इंस्टाल कराया जाता है। इसके बाद उन्हें गेम के निर्देशों का अनुसरण करने के लिए कहा जाता है। बजिन्द्र दुबई से ही ऑनलाइन गेम एप का आईडी-पासवर्ड व्हॉट्सएप पर भेजता है। एप पर पीड़ित को वॉलेट अकाउंट मिल जाता है। जिसमें पीड़ित अपने बैंक खाते से पैसों का लेन-देन कर सकता है।
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साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि अब तक गिरोह द्वारा संचालित 70 करंट बैंक खाते ट्रेस हुए हैं, जिनमें 100 करोड़ से अधिक की ट्रांजेक्शन सामने आई है। 12 खातों में मौजूद 56 लाख रुपये फ्रीज करा दिए गए हैं। इनमें से 10 बैंक खातों की नोएडा, अंबाला, पानीपत में जाकर जांच की गई तो सभी पते फर्जी पाए गए। हर बैंक खाते में रोजाना 20 से 40 लाख रुपये तक की ट्रांजेक्शन है।
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सीओ अभय मिश्र ने बताया कि गैंग से जुड़े लोग फर्जी फर्म रजिस्टर्ड कराकर बैंक में खाता खुलवा लेते हैं। यह खाते उन लोगों के नाम पर खोले जाते हैं, जो लालच में अपने खाते का इस्तेमाल करने का हक देने (लीज पर देने) का तैयार हो जाते हैं। इसके अलावा फर्जी आईडी पर सिम लेकर उन्हें खातों में अपडेट करा लिया जाता है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह बजिंद्र के कहने पर फर्जी फर्म रजिस्टर्ड कराकर करंट खाते खुलवा लेते हैं। सीओ ने बताया कि बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले सदस्य को बजिंद्र शुरूआत में एकमुश्त 4 लाख रुपये देता है। इसके बाद रोजाना 5 हजार रुपये तब तक दिए जाते हैं, जब तक पुलिस खाता बंद नहीं करा देती। पैसे मिलने पर यह खाता धारकों को भी हर महीने 10 से 15 हजार रुपये देते हैं।