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डाइटीशियन के ऑनलाइन कोर्स के नाम पर फर्जीवाड़ा
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डाइटीशियन के ऑनलाइन कोर्स के नाम पर फर्जीवाड़ा
गाजियाबाद। नंदग्राम में डाइटीशियन का ऑनलाइन कोर्स कराने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। राजनगर एक्सटेंशन की वीवीआईपी एड्रेस सोसायटी में रहने वाली महिला ने केस दर्ज कराया है। उनका कहना है कि उन्होंने ऑनलाइन इंस्टीट्यूट सर्च किया था। 30 हजार रुपये जमा कराने के बाद इक्का-दुक्का ऑनलाइन क्लास चलीं और फिर क्लास व इंस्टीट्यूट से जुड़े सभी नंबर बंद हो गए।
पीड़िता बबीता चौधरी ने बताया कि उन्हें डाइटीशियन कोर्स करना था। इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन इंस्टीट्यूट सर्च किया। इसके बाद अक्टूबर 2020 में उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने कहा कि वह फैट टू स्लिम इंस्टीट्यूट की मैनेजर दिपाली गुलाटी हैं। उसने दावा किया कि उनका इंस्टीट्यूट भारत सरकार के मानव संसाधन और विकास मंत्रालय से मान्यता प्राप्त है। कॉलर ने कहा कि उनका इंस्टीट्यूट डाइटीशियन का प्रमाणित ऑनलाइन कोर्स कराता है। डिस्काउंट के बाद इस कोर्स की फीस 51 हजार रुपये है। बबीता का कहना है कि उन्होेंने दो बार में 30 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
बबीता का कहना है कि फीस जमा करने के बाद कुछ ऑनलाइन क्लास चलीं। एक दिन इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर शिखा ए शर्मा ऑनलाइन आईं और सिर्फ परिचय देकर चलती बनी। पीड़िता के मुताबिक, उन्होंने संस्थान की मान्यता को लेकर जानकारी लेनी चाही तो कुछ नहीं बताया गया। बार-बार पूछा तो ऑनलाइन क्लास बंद कर दी गईं। उन्होंने मैनेजर व डायरेक्टर से मिलने की कोशिश की तो उन्होंने इनकार कर दिया। जांच में फैट टू स्लिम इंस्टीट्यूट की किसी भी विश्वविद्यालय से मान्यता नहीं मिली।
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गाजियाबाद। नंदग्राम में डाइटीशियन का ऑनलाइन कोर्स कराने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। राजनगर एक्सटेंशन की वीवीआईपी एड्रेस सोसायटी में रहने वाली महिला ने केस दर्ज कराया है। उनका कहना है कि उन्होंने ऑनलाइन इंस्टीट्यूट सर्च किया था। 30 हजार रुपये जमा कराने के बाद इक्का-दुक्का ऑनलाइन क्लास चलीं और फिर क्लास व इंस्टीट्यूट से जुड़े सभी नंबर बंद हो गए।
पीड़िता बबीता चौधरी ने बताया कि उन्हें डाइटीशियन कोर्स करना था। इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन इंस्टीट्यूट सर्च किया। इसके बाद अक्टूबर 2020 में उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने कहा कि वह फैट टू स्लिम इंस्टीट्यूट की मैनेजर दिपाली गुलाटी हैं। उसने दावा किया कि उनका इंस्टीट्यूट भारत सरकार के मानव संसाधन और विकास मंत्रालय से मान्यता प्राप्त है। कॉलर ने कहा कि उनका इंस्टीट्यूट डाइटीशियन का प्रमाणित ऑनलाइन कोर्स कराता है। डिस्काउंट के बाद इस कोर्स की फीस 51 हजार रुपये है। बबीता का कहना है कि उन्होेंने दो बार में 30 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
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बबीता का कहना है कि फीस जमा करने के बाद कुछ ऑनलाइन क्लास चलीं। एक दिन इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर शिखा ए शर्मा ऑनलाइन आईं और सिर्फ परिचय देकर चलती बनी। पीड़िता के मुताबिक, उन्होंने संस्थान की मान्यता को लेकर जानकारी लेनी चाही तो कुछ नहीं बताया गया। बार-बार पूछा तो ऑनलाइन क्लास बंद कर दी गईं। उन्होंने मैनेजर व डायरेक्टर से मिलने की कोशिश की तो उन्होंने इनकार कर दिया। जांच में फैट टू स्लिम इंस्टीट्यूट की किसी भी विश्वविद्यालय से मान्यता नहीं मिली।
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