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महामेधा प्रबंध समिति के सचिव व 5 प्रबंधक गिरफ्तार
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महामेधा प्रबंध समिति के सचिव व 5 प्रबंधक गिरफ्तार
गाजियाबाद। महामेधा को-ऑपरेटिव बैंक में हुए 100 करोड़ रुपये के घोटाले में सीबीसीआईडी ने कार्रवाई तेज करते हुए बुधवार को प्रबंध समिति के सचिव व पांच शाखा प्रबंधकों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को नगर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। सीबीआईडी ने पिछले माह केस में पहली गिरफ्तारी की थी। इसके बाद अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किए गए थे।
सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह ने बताया कि सीबीसीआईडी ने महामेधा बैंक में हुए 100 करोड़ के घोटाले में बुधवार को ईएस ल्यूक निवासी चिरंजीव विहार, विनय गोयल निवासी मधुबन-बापूधाम, सौरभ जौहरी निवासी रामपुर, सुशांत शर्मा निवासी राजनगर एक्सटेंशन, कपिल मल्होत्रा निवासी कृष्णा नगर दिल्ली और विवेक सिंघल मरियम नगर को गिरफ्तार किया गया है। ईएस ल्यूक महामेधा कोऑपरेटिव बैंक की प्रबंध समिति के सचिव थे। इसके अलावा अरविंद कुमार सिंह शाखा प्रबंधक राजनगर एक्सटेंशन, सौरभ जौहरी शाखा प्रबंधक अशोक नगर, विकास सिंघल शाखा प्रबंधक मरियम नगर नंदग्राम, विनय गोयल शाखा प्रबंधक सेक्टर-23 संजयनगर, सुशांत शर्मा शाखा प्रबंघक रेलवे एंक्लेव प्रताप विहार और कपिल मल्होत्रा शाखा प्रबंधक सेक्टर-4 चिरंजीव विहार थे।
महामेधा बैंक में घोटाले का मामला नगर कोतवाली में सितंबर 2020 में दर्ज हुआ था। जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई थी तभी से सीबीसीआईडी की एसआईटी मामले की छानबीन कर रही थी। पहले आरोपी के तौर पर एसआईटी ने 26 जुलाई को नोएडा सेक्टर-40 निवासी प्रॉपर्टी कारोबारी अमित कसाना को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अन्य आरोपियों के खिलाफ सुबूत जुटाए जा रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि गबन से जुड़े पुख्ता सुबूत जुटाने के बाद ही प्रबंध समिति के सचिव समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
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सीबीसीआईडी के अधिकारियों के मुताबिक, केस में आरोपी बनाए गए लोगों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष जाना गया था। पूछताछ और सुबूत जुटाने की प्रक्रिया अभी जारी है। इसी कड़ी में सात अन्य आरोपी प्रथम दृष्ट्या दोषी प्रतीत हो रहे हैं। पुख्ता सुबूत जुटाकर इन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इन आरोपियों में कई रसूखदार व सफेदपोश लोग शामिल हैं।
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गाजियाबाद। महामेधा को-ऑपरेटिव बैंक में हुए 100 करोड़ रुपये के घोटाले में सीबीसीआईडी ने कार्रवाई तेज करते हुए बुधवार को प्रबंध समिति के सचिव व पांच शाखा प्रबंधकों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को नगर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। सीबीआईडी ने पिछले माह केस में पहली गिरफ्तारी की थी। इसके बाद अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किए गए थे।
सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह ने बताया कि सीबीसीआईडी ने महामेधा बैंक में हुए 100 करोड़ के घोटाले में बुधवार को ईएस ल्यूक निवासी चिरंजीव विहार, विनय गोयल निवासी मधुबन-बापूधाम, सौरभ जौहरी निवासी रामपुर, सुशांत शर्मा निवासी राजनगर एक्सटेंशन, कपिल मल्होत्रा निवासी कृष्णा नगर दिल्ली और विवेक सिंघल मरियम नगर को गिरफ्तार किया गया है। ईएस ल्यूक महामेधा कोऑपरेटिव बैंक की प्रबंध समिति के सचिव थे। इसके अलावा अरविंद कुमार सिंह शाखा प्रबंधक राजनगर एक्सटेंशन, सौरभ जौहरी शाखा प्रबंधक अशोक नगर, विकास सिंघल शाखा प्रबंधक मरियम नगर नंदग्राम, विनय गोयल शाखा प्रबंधक सेक्टर-23 संजयनगर, सुशांत शर्मा शाखा प्रबंघक रेलवे एंक्लेव प्रताप विहार और कपिल मल्होत्रा शाखा प्रबंधक सेक्टर-4 चिरंजीव विहार थे।
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महामेधा बैंक में घोटाले का मामला नगर कोतवाली में सितंबर 2020 में दर्ज हुआ था। जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई थी तभी से सीबीसीआईडी की एसआईटी मामले की छानबीन कर रही थी। पहले आरोपी के तौर पर एसआईटी ने 26 जुलाई को नोएडा सेक्टर-40 निवासी प्रॉपर्टी कारोबारी अमित कसाना को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अन्य आरोपियों के खिलाफ सुबूत जुटाए जा रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि गबन से जुड़े पुख्ता सुबूत जुटाने के बाद ही प्रबंध समिति के सचिव समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
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सीबीसीआईडी के अधिकारियों के मुताबिक, केस में आरोपी बनाए गए लोगों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष जाना गया था। पूछताछ और सुबूत जुटाने की प्रक्रिया अभी जारी है। इसी कड़ी में सात अन्य आरोपी प्रथम दृष्ट्या दोषी प्रतीत हो रहे हैं। पुख्ता सुबूत जुटाकर इन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इन आरोपियों में कई रसूखदार व सफेदपोश लोग शामिल हैं।